इसरो के टेलीमेडिसिन नेटवर्क पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई)

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम दूरसंचार, टेलीविजन प्रसारण, मौसम संबंधी अवलोकनों और प्राकृतिक संसाधनों के समय पर प्रबंधन और सही डेटा जनन करने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का बहु आयामी है। अभी हाल ही में उसने शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य डोमेन में क्रांतिकारी प्रगति की है। आज, अंतरिक्ष अनुसंधान का फल आम आदमी और समाज, उसके दैनिक जीवन तक पहुंच रहा है, यह मछुआरे, किसान, छात्र, दूरदराज के इलाके का मरीज, प्रशासक, नीति निर्माता या प्राकृतिक आपदा में फंसा व्यक्ति । हाल के वर्षों में इसरो ने सामाजिक लाभ के लिए महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों कार्यक्रमों का कार्य शुरू किया है; ऐसा ही एक उदाहरण टेलीमेडिसिन या दूरचिकित्सा है। इसरो का टेलीमेडिसिन नेटवर्क देश भर में जरूरतमंद मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए और तकनीकी समर्थन देने के दृष्टिकोण के साथ 2001 में शुरू हुआ । इस कार्य में, इसरो ने विभिन्न अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों के लिए समर्पित उपग्रह बैंडविड्थ, सर्वोत्तम उपग्रह संचार उपकरण, टेलीमेडिसिन हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रदान किया था। नेटवर्क उपग्रह आधारित है, इस नेटवर्क का केंद्रीय हब बेंगलुरु में स्थित है। एक-से-अनेक के रूप में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) सुविधा टेलीमेडिसिन नेटवर्क में प्रशिक्षणनेट, ज्ञान प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) को शामिल किया गया था। प्रशिक्षणनेट सर्वर को टेलीमेडिसिन हब केंद्र, बेंगलुरू में स्थापित किया गया है। प्रशिक्षणनेट का शिक्षक घटक सभी प्रस्तोताओं को सीधा ऑडियो/ वीडियो और प्राप्त नोड्स के लिए पावर प्वाइंट प्रस्तुति को वितरित करने के लिए सक्षम है। एक नोड से होने वाले व्याख्यान को सभी नोड्स जो प्रशिक्षणनेट के छात्र घटक है के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा, होने वाले व्याख्यान नोड लाइव ऑडियो-वीडियो से दूरदराज के छात्र नोड्स, जो नेटवर्क पर फिर से प्रसारित किया जाता है, इस प्रकार एक 'वर्चुअल क्लासरूम' बना सकते हैं। इस सुविधा से अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रयोग को एक दूसरे के साथ को साझा करने में मदद मिलेगी। जैसा कि यह एक उपग्रह आधारित नेटवर्क है, इस नेटवर्क पर कोई भी नोड व्याख्यान नोड को स्थापित करने के बाद शिक्षक घटक बन सकता है। विकास और शैक्षिक संचार यूनिट (डेकू)-इसरो, के स्टूडियो में अहमदाबाद स्थित विशेषज्ञ डॉक्टरों को आमंत्रित करके सीएमई सत्र आयोजित करता है। नवंबर 2014 में शुरू होने के बाद 2300 डॉक्टरों/विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से चिकित्सा पेशेवरों ने पिछले 7 सीएमई सत्र में भाग लिया है। लाइव ऑडियो-वीडियो संवाद स्टूडियो में विशेषज्ञ डॉक्टरों और दूरदराज के स्थानों पर प्रतिभागियों के बीच किया गया था। लगभग 130 प्रश्नों को विभिन्न अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों द्वारा पूछा गया था, इसके अलावा, चिकित्सा मामलों में भी सात सीएमई सत्र के दौरान चर्चा की गई थी। इस सीएमई पहल के साथ, इसरो के टेलीमेडिसिन कार्यक्रम ने चिकित्सकों/डॉक्टरों के लाभ को और समाज की सेवा में नेटवर्क की उपयोगिता को बढ़ाया है। सीएमई के आठवें सत्र का डॉ बेला जे शाह के "दैनंदिन प्रयोग में त्वचा विज्ञान" पर मई 26, 2015 को डेकू, अहमदाबाद स्टूडियो में आयोजित किया गया। व्याख्यान में 35 नोड्स से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने इस उपयोगी इंटरैक्टिव सत्र का अच्छे प्रतिसाद के साथ स्वागत किया।