इन्सैट-3डी, उन्नत मौसम उपग्रह ने कक्षा में दो साल पूरे किए

इन्सैट-3डी, उन्नत मौसम उपग्रह ने 26 जुलाई, 2015 को कक्षा में दो वर्ष सफलापूर्वक पूरे किये। इसे 26 जुलाई, 2013 को 01:24 बजे (आईएसटी) फ्रेंच गयाना से एरियन VA214 उड़ान द्वारा प्रमोचित किया गया था। इन्सैट-3डी विशेष मिशन है जिसे मौसम संबंधी पूर्वानुमान और आपदा चेतावनी के लिए उन्नत मौसम संबंधी अवलोकन और भूमि और सागर सतहों की निगरानी के लिए बनाया गया है। इन्सैट-3 डी भारत का पहला भूस्थैतिक उपग्रह है, जो परिज्ञापी उपकरण से लैस है जो भारतीय भूमि के क्षेत्र और आस-पास के इलाकों पर लगातार अच्छी गुणवत्ता वाले वायुमंडलीय प्रोफाइल (तापमान, आर्द्रता) प्रदान करता है।

इन्सैट-3डी मिशन का मुख्य उद्देश्य मौसम की घटनाओं की निगरानी और भविष्यवाणी के साथ-साथ जलवायु के अध्ययन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अवलोकन प्रदान करना है। इन्सैट-3डी उपग्रह पर "इमेजर" और "साउंडर" जैसे अत्याधुनिक उपकरणों जैसे क्लाउड कवरेज प्रतिबिंब, वायुमंडलीय पवन, समुद्र और भूमि सतह के तापमान, आर्द्रता, मात्रात्मक वर्षा, पृथ्वी के विकिरण, वायुमंडलीय प्रोफाइल, ओजोन, वायुमंडलीय स्थिरता मापदंड, कोहरे, बर्फ, एयरोसोल वायुमंडलीय उत्पाद प्रदान करता है । इन उत्पादों को दिन-प्रतिदिन के मौसम की निगरानी और उष्णकटिबंधीय चक्रवात, आंधी, बादल विस्फोट और लू जैसे अनहोनी घटनाओं की भविष्यवाणी के लिए बेहद उपयोगी हैं। पेलोड का विवरण:

  1. इमेजर: यह बहु-वर्णक्रमीय प्रतिबिंब(ऑप्टिकल रेडिमीटर) है जो पृथ्वी के प्रतिबिंबों को छह तरंगदैर्घ्य बैंडों में जनन करने में सक्षम है, जो कि मौसम संबंधी अवलोकनों के लिए महत्वपूर्ण है, अर्थात् (0.55-0.75 मिमी), लघु-तरंग अवरक्त मिमी, मध्यम अवरक्त(3.8-4.0 मिमी), जल वाष्प (6.5-7.1 मिमी) 1.55-1.70 और दो बैंड में थर्मल अवरक्त (10.2-11.3 और  11.5-12.5 मिमी) क्षेत्र । इमेजर प्रत्येक 26 मिनटों में पृथ्वी डिस्क के प्रतिबिंब और विभिन्न मापदंडों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, अर्थात् बाहर जाने वाले लंबे-तरंग विकिरण, मात्रात्मक वर्षा अनुमान, समुद्री सतह का तापमान, बर्फ आच्छादन, बादल गति हवाएं आदि।
  2. साउंडर: इन्सैट-3डी 19 चैनल साउंडर है, शॉर्ट-वेव अवरक्त, मध्य अवरक्त और लंबे तरंग अवरक्त क्षेत्रों में 18 संकीर्ण स्पेक्ट्रल चैनलों के साथ और दृश्य क्षेत्र में एक चैनल । यह तापमान, नमी और एकीकृत ओजोन के ऊर्ध्वाधर प्रोफाइल के बारे में जानकारी प्रदान करता है। ये प्रोफाइल भारतीय भूमि के ऊपर हर घंटे के लिए चयनित क्षेत्र और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के लिए हर छह घंटे में उपलब्ध हैं।
  3. डाटा रिले ट्रांसपॉन्डर (डीआरटी): यह पेलोड डेटा संग्रहण प्लेटफॉर्म (डीसीपी) से स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यूएस), स्वचालित वर्षा गेज (एआरजी), और कृषि मौसम केंद्र (एएमएस) से कवरेज क्षेत्र में दूर-दूर तक, सुदूर स्थानों से मौसम संबंधी, जल विज्ञान और समुद्री डाटा प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. उपग्रह आधारित खोज एवं बचाव (एसएएस एंड आर) ट्रांसपेंडर: इन्सैट-3डी  खोज और बचाव पेलोड से लैस है जो भारतीय मिशन में समुद्री, विमानन और भूमि आधारित उपयोगकर्ताओं के संकट बीकन से उत्पन्न चेतावनी संकेतों को लेता है और रिले करता है। नियंत्रण केंद्र (INMCC), बेंगलुरु में स्थित है।

इमेजर पेलोड ने 25,733 स्कैन पूरा कर लिया है और साउंडर पेलोड ने 31 मई, 2015 तक 14,866 स्कैन पूरा कर लिया है। इन्सैट-3डी अंतरिक्ष यान राष्ट्रीय उपग्रह मौसम विज्ञान केंद्र (एनसीएमसी), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), नई दिल्ली, को 15 जनवरी, 2014 को राष्ट्र के लिए समर्पित था। आईएमडी, नई दिल्ली में स्थापित किए गए स्वदेशीय डिजाइन और विकसित इन्सैट-3डी मौसम संबंधी डाटा संसाधन प्रणाली (आईएमडीपीएस) इमेजर और साउंडर पेलोड्स द्वारा प्रेषित सभी डेटा के प्रोसेसिंग को पूरा करता है। डेटा अभिलेखीय और प्रसार आईएमडी, नई दिल्ली और अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद के मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान उपग्रह डाटा आर्चिवल सेंटर (एमओएसडीएसी) के माध्यम से किया जाता है।

अक्टूबर 2014 के दौरान भारत के पूर्वी तट पर धराशायी चक्रवात हुदहुद के मानिटरन के दौरान इन्सैट -3डी के प्रतिबिंबों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन्सैट-3डी डेटा के उपयोग से वास्तविक समय में चक्रवात हुदहुद का अनुमान लगाया गया था। इन्सैट -3 डी दृश्यमान और थर्मल इन्फ्रा-रेड (टीआईआर) का उपयोग चक्रवात की केंद्र स्थिति निर्धारित करने के लिए किया गया था, जो चक्रवात ट्रैक और तीव्रता वाले पूर्वानुमान मॉडल के लिए इनपुट है। चक्रवातों की अधिकतम आधे घंटे की टीआईआर-1 इमेजेरिज़, चक्रवात की अधिकतम हवाओं के त्रिज्या का अनुमान लगाने के लिए उपयोग की जाती थी, जो चक्रवात से जुड़े तूफान की भविष्यवाणी के लिए आवश्यक इनपुट पैरामीटर हैं। इन्सैट-3 डी से प्राप्त टीआईआर-1 डेटा का उपयोग करके चक्रवात का संरचनात्मक विश्लेषण किया गया था। इन्सैट-3डी से हुदहुद के बारे में समय पर जानकारी के आधार पर विस्तृत तैयारियों ने चक्रवात कारण प्रभावित जीवन और संपत्ति के नुकसान में कमी की है।

इन्सैट-3डी की विशेषता यह है कि आईएमडी और नेशनल सेंटर ऑफ मिडियम रेंज क्लास प्रीडेक्शन (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) जैसे राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे संख्यात्मक मॉडल में इसकी विकिरणता अवलोकन और व्युत्पन्न उत्पादों को सक्रिय रूप से आत्मसात किया जा रहा है। इसके अलावा, यूरोपियन सेंटर ऑफ मिडियम रेंज के मौसम पूर्वानुमान (ईसीएमडब्ल्यूएफ़) और यूनाइटेड किंगडम मौसम विज्ञान कार्यालय (यूकेएमईटी) जैसी अग्रणी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां ​​भी इन्सैट-3 डी के अपने वैश्विक मॉडलों में इन्सैट-3 डी व्युत्पन्न वायुमंडलीय हवाओं का इस्तेमाल करने के लिए संभावना तलाश रही हैं ।

इन्सैट-3 डी मिशन की उपलब्धियों ने बोल्डर, कोलोराडो में मई 2015 को आयोजित बैठक के दौरान, इसरो के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समूहों के समूह के रूप में समन्वय समूह जैसे मौसम विज्ञान उपग्रह (सीजीएमएस) का सदस्य बनने का मार्ग प्रशस्त किया । अंतर्राष्ट्रीय माहौल मानक को प्राप्त करने के लिए, इन्सैट-3डी विकिरणता को वैश्विक स्तर पर आधारित इंटर कैलिब्रेशन सिस्टम (जीएसआईसीएस) की प्रक्रिया से लगातार निगरानी और कैलिब्रेट किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन्सैट-3डी अवलोकन अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक को पूरा कर सके।

प्रतिबिंब

दिन_रात_इन्सैट-3डी_प्रतिबिंब_एनिमेशन

आईआईएम साइट से हुदहुद चक्रवात के प्रतिबिंब

इन्सैट-3डी इमेजर और साउंडर से लिए गए भू-भौतिक पैरामीटर (जीपीआर)