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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

यू.आर.राव उपग्रह केंद्र (यू.आर.एस.सी), अं‍तरिक्ष विभाग, इसरो, बेंगलूरु में प्रतिनियुक्ति के आधार पर वेतन मैट्रिक्‍स (7वां केंद्रीय वेतन आयोग) के स्‍तर 14 में नियंत्रक के पद की भर्ती (आवेदन की अंतिम तिथि है: 15/11/2021)
चंद्रयान-2 विज्ञान आंकड़ा उपयोगीता के लिए अवसर की घोषणा। प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2021 है।
वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।

आपदा से निपटने के लिए आपातकालीन प्रबंधन हेतु राष्‍ट्रीय आंकडा- आधार (एन.डी.ई.एम.) सेवाएं

प्राकृतिक आपदाओं के कुशल प्रबंधन में देश के प्रयासों में सहायता प्रदान करने हेतु इसरो ने व्‍यापक अंतरिक्ष आधारित आपदा प्रबंधन सहायता (डी.एस.एस.) कार्यक्रम विकसित किया है और संबंधित मंत्रालयों/एजेंसियों के सहयोग से उसे संस्‍थापित किया है। डी.एम.एस. कार्यक्रम बाढ़, चक्रवात, सूखा, दावानल, भूस्‍खलन एवं भूकंप जैसी आपदाओं का समाधान करता है। मौसमविज्ञानीय एवं संचार उपग्रहों तथा हवाई सर्वेक्षण प्रणाली के साथ-साथ भूप्रेक्षण उपग्रह आपदा प्रबंधन हेतु समयबद्ध सहायता एवं सेवाएं मुहैया कराने हेतु आधार बनते हैं।

भावी वास्‍तविक समय में देश के लिए आपदा/ आपातकालीन प्रबंधन के समग्र चक्र की सहायता हेतु आपातकालीन प्रबंधन हेतु राष्‍ट्रीय आंकडा-आधार (एन.डी.ई.एम.), जो जी.आई.एस. आधारित आंकड़ा भंडारण है, के माध्‍यम से आंकडा़-आधार सृजन का समाधान किया गया है। एन.डी.ई.एम में क्रोड आंकडा़, जोखिम-विशिष्‍ट आंकडा़ और स्‍थानिक रूप में गतिक आंकडा़ के साथ-साथ और शाब्दिक (टेक्‍स्‍ट) रूप में आँकडा़ हैं। आंकडा-आधार आवश्‍यक सुरक्षा प्रक्रियाओं के साथ ग्राहक अनुकूलित प्रयोक्‍ता अंतरापृष्‍ठों के रूप में निर्णय सहायता प्रणाली के विकास में सहायक होता है।

 

एन.डी.ई.एम. की मुख्‍य विशेषताएं

Ø शादनगर में कम्‍प्‍यूटर अवसंरचना के साथ सुरक्षित पर्यावरण में विशिष्‍ट एन.डी.ई.एम. सुविधा की स्‍थापना की गई है।

Ø एन.डी.ई.एम. आंकडा-आधार एक ही संदर्भ फ्रेमवर्क में विभिन्‍न आंकडा सेटों को एकत्रित कर संगठित किया गया है।

Ø 36 राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों के लिए 1:50,000 के पैमाने पर प्रतिबद्ध आंकडा-आधार इसरो-डी.एम.एस.-वी.पी.एन. सुरक्षित नेटवर्क के माध्‍यम से नियोजित किया जा रहा है। वर्ष 1998-2014 के दौरान घटित आपदाओं के लिए उपग्रह आंकडा से ली गई मूल्‍य-वर्धित सूचना/मानचित्र (36 राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए लगभग 388 आपदा-विशिष्‍ट उत्‍पाद) एन.डी.ई.एम. सर्वर पर होस्‍ट किये गए थे और इसरो-डी.एम.एस. वी.पी.एन. सुरक्षित नेटवर्क के माध्‍यम से उत्‍पाद डाउनलोड करने में सहायता प्रदान की।

Ø स्‍थानिक, निकटता, नेटवर्क विश्‍लेषण हेतु निर्णय सहायता उपकरण ग्राहक अनुकूलित बनाए गए हैं और क्रियान्वित किए गए हैं।

Ø छ: क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हुए एन.डी.ई.एम. सर्वर प्रचालनों पर प्रशिक्षण के अलावा एन.डी.ई.एम. परियोजना, उत्‍पादों एवं सेवाओं के बारे में राज्‍य सरकार के सभी पदाधिकारियों को अवगत कराया गया।

Ø एन.डी.ई.एम. के अंतर्गत विकसित सभी मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड करने हेतु मुहैया कराए गए हैं और इसके उपयोग के बारे में राज्‍य सरकार के सभी विभागों को अवगत कराया गया।

 

आंकडा-आधार संगठन

इसरो, केंद्रीय एवं राज्‍य सरकार के विभागों के पास उपलब्ध आंकडा-आधार समेकित किए जाते हैं और एन.डी.ई.एम. में संगठित किए जाते हैं। विस्‍तृत आंकडा-आधार विभिन्‍न पैमानों पर उद्देश्‍यों की पूर्ति हेतु तैयार किए जाते हैं। 1:50,000  पैमाने पर आधार परतों, वस्‍तुपरक परतों, रास्‍टर आंकडा सेटों के साथ अवसंरचना परतों सहित आंकडा़-आधार समेकित किए जाते हैं। बाढ़/चक्रवात, दावानलों, सुनामी, सूखा, भूस्‍खलन, भूकंप, आदि को शामिल करते हुए आपदा-विशिष्‍ट आंकडा़-आधार भी समेकित किए जाते हैं। 1:10,000 पैमाने पर आंकडा-आधार 350 जिलों में से 94 जिलों के लिए संगठित किया गया है।

 

सूचना प्रसारण

सूचना प्रसारण सुरक्षित उपग्रह आधारित वास्‍तविक निजी नेटवर्क (वी.पी.एन.) के माध्‍यम से किया जाता है। आपदाओं पर उपग्रह आंकडा सेटों से उत्‍पन्‍न किए गए राज्‍य-वार मूल्‍य-वर्धित सूचना एवं उत्‍पाद एन.डी.ई.एम. पोर्टल में संगठित किए जाते हैं और इसरो-डी.एम.एस.-वी.पी.एन. सुरक्षित नेटवर्क के माध्‍यम से सं‍बंधित राज्‍य सरकार के विभागों को उनका अभिगम प्रदान करने में सहायक होते हैं। मुक्‍त आंकडा सेटों के साथ आपदा सूचना भी इसरो के वेबपोर्टल भुवन के जरिए प्रसारित की जा रही है।

एन.डी.ई.एम. पोर्टल वर्शन 2.0 का विमोचन किया गया जिससे आपदाओं के बेहतर प्रबंधन हेतु एन.डी.ई.एम. उत्‍पादों एवं सेवाओं की अधिकृत प्रयोक्ताओं को पहुँच सक्षम बनाई गई। मानक जी.आई.एस. प्रकार्यात्‍मकताओं के साथ एन.डी.ई.एम. पोर्टल बहु-स्‍तरीय प्रमाणन के साथ मुक्‍त स्रोत उपकरणों का प्रयोग करते हुए विकसित किया गया था। संबंधित राज्‍यों हेतु संबद्ध आपदा उत्‍पादों की स्‍वतंत्र पहुँच के लिए राज्‍य-वार वेबपेज सक्षम बनाये गये हैं। उत्‍पाद डाउनलोड करने हेतु उपकरण भी सक्षम बनाए गए हैं। स्‍थानीय परत विश्‍लेषण, निकटता एवं नेटवर्क विश्‍लेषण हेतु आपदा सहायता उपकरण ग्राहक अनुकूलित बनाए गए हैं तथा क्रियान्वित किए गए हैं। प्रयोक्‍ता अन्‍योन्‍यक्रिया पोर्टल नोडल विभागों के बीच निकट अन्‍योन्‍यक्रिया के लिए विकसित किया गया था। आपातकालीन क्षेत्र विशेषता संग्रहण के लिए मोबाइल ऐप, ऑनलाइन मानचित्रों का प्रयोग करते हुए आपातकालीन सुविधाओं की जियो-टैगिंग, आपदा रिपोर्ट व राहत प्रबंधन भी एन.डी.ई.एम. पोर्टल के माध्‍यम से सहायक बनाए गए हैं। एन.डी.ई.एम. उत्‍पादों के बेहतर उपयोग एवं सेवाओं हेतु राज्‍य पदाधिकारियों के लिए विशेष क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

आपदाओं से निपटने हेतु एन.डी.ई.एम. सेवाएं उपयोग करने के उद्देश्‍य से राष्‍ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एन.डी.आर.एफ.) ने राष्‍ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एन.आर.एस.सी.) के साथ करार किया है। तदनुसार, इसरो राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने हेतु एन.डी.आर.एफ. को भू-स्‍थानिक   आंकडा-आधार एवं अन्‍य उपग्रह आंकडा मुहैया कराएगा। एन.आर.एस.सी. एवं एन.डी.आर.एफ. के बीच इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए थे। एम.ओ.यू. की आचारसंहिता के अनुसार, एन.आर.एस.सी. ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु विकसित की गई एन.डी.ई.एम. की सेवाओं और ग्राहक अनुकूलित मोबाइल ऐप को एन.डी.आर.एफ. के साथ साझा करेगा जहां उस समय प्रकृति द्वारा तबाही की तीव्रता अप्रत्‍याशित होती है।

एन.आर.एस.सी. एसं एन.डी.आर.एफ. के बीच हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन का  आदान-प्रदान - श्री ओ.पी. सिंह, महानिदेशक, एन.डी.आर.एफ. मध्‍य में।

एन.आर.एस.सी. एसं एन.डी.आर.एफ. के बीच हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन का  आदान-प्रदान - श्री ओ.पी. सिंह, महानिदेशक, एन.डी.आर.एफ. मध्‍य में।

                                                                              

समझौता ज्ञापन के भाग के रूप में, एन.डी.ई.एम. उत्‍पादों तथा एन.डी.आर.एफ. अधिकारियों की सेवाओं से परिचित होने हेतु नवंबर 2015 के दौरान नई दिल्‍ली में एन.डी.आर.एफ. मु. में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एन.डी.आर.एफ. मु. के अधिकारियों ने व्‍यक्तिगत रूप से भाग लिया तथा इसमें देश भर के 11 एन.डी.आर.एफ. बटालियनों से अधिकारियों ने वीडियो कॉन्‍फरेंसिंग द्वारा भाग लिया। एन.डी.ई.एम. पोर्टल वर्शन 2.0 पर आंकडा-आधार सेवाओं, निर्णय सहायता उपकरणों, समाचारों एवं चेतावनियों का सीधा प्रसारण, अन्‍योन्‍यक्रिया पोर्टल, आई.डी.आर.एन. और स्‍वास्‍थ्‍य आंकडा-आधार, इत्‍यादि का विस्‍तृत सीधा प्रदर्शन का प्रबंध किया गया। आयोजित सत्रों में राहत प्रबंधन हेतु विकसित मोबाइल ऐप्‍स, घटना की रिपोर्टिंग तथा आपातकालीन प्रबंधन सुविधाओं की जियो-टैगिंग का भी प्रदर्शन किया गया। इन सभी मोबाइल ऐप्‍स, को प्रयोक्‍ता मैनुअल सहित सभी प्रतिभागियों में वितरित किया गया।

यह व्‍यवस्थित पद्धति, राहत तथा बचाव के लिए बेहतर आपदा प्रतिक्रिया; आपदाओं के दौरान उपग्रह आधारित संचार को सुनिश्चित करने; क्षति के मूल्‍यांकन तथा उसके प्रभाव को कम करने में लाभदायक होगी।

एन.डी.ई.एम. संकल्‍पना

एन.डी.ई.एम. संकल्‍पना