भूस्‍खलन

तैयारी

भूस्‍खलन से अपार क्षति होती है, विशेषकर तीर्थस्‍थल के मार्गों में। इसरो द्वारा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं मेघालय में तीर्थस्‍थल के मार्गों में तीर्थयात्रियों हेतु भूस्‍खलन जोखिम क्षेत्र मानचित्र तैयार किए गए। इसके अतिरिक्‍त, इसरो द्वारा नियमित आधार पर ऋतुनिष्‍ठ भूस्खलन सूची भी तैयार की जा रही है। ये उपग्रह आधारित सूचनाएं तैयारी हेतु बहुत लाभदायक हैं।

 

पूर्व चेतावनी

वर्षा प्रेरित भूस्‍खलनों हेतु परीक्षणात्‍मक भूस्‍खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली कार्य विशिष्‍ट ऋतुओं के दौरान उत्तराखण्‍ड में ऋषिकेष-बद्रीनाथ, ऋषिकेश-उत्तरकाशी-गोमुख, चमोली-ओखीमठ, रूद्रप्रयाग-केदारनाथ एवं पिथौरागढ़ - माल्‍पा नामक मार्गों के लिए पूरा किया है।

 

प्रतिक्रिया

भूस्‍खलनों पर निकट वास्‍तविक समय सूचना देश में प्रमुख भूस्‍खलन घटनाओं के दौरान नियमित रूप से व्‍युत्‍पन्‍न की जाती हैं और भुवन भूपोर्टल के माध्‍यम से वितरित की जाती हैं। भूस्‍खलन की क्षेत्रीय सीमा का भी उपग्रह आँकड़ा एवं डी.एस.एम. का उपयोग करते हुए आंकलन किया जाता है। इसके अतिरिक्‍त, भूस्‍खलन के कारण नदियों के अवरोध के बारे में समय-समय पर सरकार को आवश्‍यक जानकारी मुहैया कराई जाती है।