चक्रवात

तैयारी

बृहत तटीय सीमा के कारण, भारत चक्रवातों के प्रति संवेदनशील है। इसके पूर्व पादचिन्‍हों, निम्‍नवर्ती क्षेत्रों, आदि जहां उपग्रह प्रतिबिंबों द्वारा ऐसी जानकारी मुहैया कराई जाती है, के संबंध में चक्रवात के प्रभाव को समझना आवश्‍यक है। ऐतिहासिक उपग्रह आँकड़ों तथा अंकीय सतही मॉडलों का उपयोग करते हुए, ये जानकारी प्राप्‍त की जाती हैं।

 

पूर्व चेतावनी

इसरो चक्रवात की उत्‍पत्ति, चक्रवात का मार्ग, चक्रवात की तीव्रता पर परीक्षणात्‍मक जानकारियां मुहैया कराने हेतु भू-स्थिर एवं निम्‍न भू कक्षा के उपग्रहों का उपयोग करता है। बारंबार प्रतिबिंबन द्वारा इन्‍सैट श्रृंखला के उपग्रह निकट वास्‍तविक समय के विश्‍लेषण हेतु चक्रवातीय प्रांचल (मानदंड) मुहैया कराते हैं।

 

प्रतिक्रिया

प्रकाशिक एवं सूक्ष्‍म-तरंग एस.ए.आर. आँकड़ों का उपयोग करते हुए, चक्रवातों के कारण आप्‍लावन पर निकट वास्‍तविक काल सूचना संबंधित विभागों को मुहैया कराई जाती है। वर्ष 2018 के दौरान, इसरो द्वारा तितली, फेताई, आदि के दौरान ओडिशा, आंध्रप्रदेश राज्‍यों के आप्‍लावन पर सूचना प्रदान की गई।

 

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