आई.एन.एस.-1सी में स्वदेशी रुप से विकसित धातु आधारित ओरिगेमी नीतभार का परीक्षण

भारतीय नेनो उपग्रह -1सी (आई.एन.एस.-1सी), जो कि एक परीक्षणात्मक उपग्रह है, को एक सहयात्री नीतभार के रुप में 12 जनवरी, 2018 को पी.एस.एल.वी.-सी40 द्वारा प्रमोचित किया गया। यह भारतीय नेनो उपग्रह (आई.एन.एस.) श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है। इस श्रृंखला के पहले दो उपग्रहों (आई.एन.एस.-1ए तथा आई.एन.एस.-1बी.) को सह-यात्री नीतभार के रुप में फरवरी 2017 में पी.एस.एल.वी.-सी37 द्वारा ले जाया गया था। आई.एन.एस.-1सी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक), इसरो अहमदाबाद द्वारा प्राप्त लघु बहु-स्पैकेट्रमी प्रोद्योगिकी प्रदर्शन (एम.एम.एक्स.-टी.डी.) नीतभार का वहन करता है।

अपने घटे वजन तथा आकार सहित सुसंहत प्रतिबिंबन प्रणालियों के कारण इनका अंतरिक्ष वाहित सूक्ष्म/नेनो उपग्रहों और ग्रहीय मिशनों, जहाँ आकार और वजन महत्वपूर्ण है, में इनके लिए उपयोग के असीम अवसर उपलब्ध  है। यद्यपि, सेल फोन में पाए जाने वाले लघु कैमरे अब सामान्य रुप से उपलब्ध है जिनका विभेदन और प्रकाश संग्रहण इनके प्रतिरुपी पूर्ण आकार वाले कैमरों की तुलना में कमज़ोर है। सैक/इसरो की सुदृढ़ प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम ने ओरिगेमी संकल्पना-कागज मोड़ने की कला का प्रयोग करते हुए एक नवीन उपग्रह नीतभार का विकास किया है। इसरो नेनो उपग्रह (आई.एन.एस.-1सी) नीतभार दल ने परंपरागत अपवर्तनी कैमरों की तुलना में घटे हुए मोटाई के प्रतिबिंबित्रों के डिज़ाइन के लिए बहु-परत परावर्ती प्रकाशिकी की संकल्पना का प्रयोग किया है।

इस बहु-परत प्रकाशिकीय संरुपण को ओरिगेमी प्रकाशिकी कहते हैं। यह नोट करना आवश्यक है कि परावर्ती प्रकाशिकी धातु दर्पणों पर आधारित होते हैं न कि सामान्य काँच आधारित ओरिगेमी लेंस पर। स्पैक्ट्रल कवरेज की दृष्टि से धातु परावर्तक का प्रयोग कैमरा को और अधिक प्रतिभा संपन्न बनाता है। दर्पण तथा प्रकाशिकी सम्मुच्यन का विकास स्वदेशी रुप से किया गया है। एक फास्ट-टूल सर्वो सहित एकल बिंदु डायमंड टर्निंग मशीन का प्रयोग करते हुए प्रकाशिकी का संविरचन किया गया है। ओरिगेमी प्रकाशिकी का रे डायग्राम, व्यक्तिगत दर्पण तथा परंपरागत लेंस प्रणाली के साथ तुलना को निम्नलिखित चित्रों में दर्शाया गया हैः-

 

Optical ray diagram

प्रकाशिकी रे डायग्राम

Indigenously developed metal Origami optics.

दर्पण-1           दर्पण-2

स्वदेशी रुप से विकसित धातु ओरिगेमी प्रकाशिकी

Comparison between Origami optics and conventional lens

ओरिगेमी प्रकाशिकी तथा परंपरागत लेंस के बीच तुलना

प्रकाशिकी की क्षमता का प्रयोग करते हुए आई.एन.एस.-1 सी नेनो उपग्रह के लिए एक संघट्ट लघु बहु-स्पैक्ट्रमी प्रौद्योगिकी प्रर्दशन (एम.एम.एक्स.-टी.डी.) नीतभार का संरुपण किया गया। यह कैमरा 505 कि.मी. की तुंगता पर ध्रुवीय सूर्य तुल्यकाली कक्षा से 23 मी. भू सैंपलिंग सहित 29 कि.मी. X 29 कि.मी. क्षेत्र की आर.जी.बी. चित्र प्रदान करता है।

प्रथम नीतभार प्रचालन 16 जनवरी, 2018 को सफलतापूर्वक पूरा किया तथा तब से यह नीतभार उत्कृष्ट चित्रों को प्रदान कर रहा है। इस कैमरा से भेजे गए आँकड़े स्थलाकृतिक मानचित्रण, वनस्पति मॉनीटरन, ऐरोसोल प्रकीर्णन अध्ययन तथा मेघ अध्ययन आदि के लिए उपयोगी है।

INS-1C MMX-TD payload   Mounted on spacecraft

आई.एन.एस.-1सी एम.एम.एक्स.-टी.डी. नीतभार             अंतरिक्षयान पर लगाया हुआ     

 

 

एम.एम.एक्स.-टी.डी. नीतभार द्वारा लिए गए चित्र

एम.एम.एक्स.-टी.डी. नीतभार द्वारा लिए गए चित्र एम.एम.एक्स.-टी.डी. नीतभार द्वारा लिए गए चित्र

 

आई.एन.एस.-1सी. द्वारा देखा गया हिमालय क्षेत्र

आई.एन.एस.-1सी. द्वारा देखा गया हिमालय क्षेत्र

soundur Dam,orissa

 

नेग्क्यू, तिब्बत

नेग्क्यू, तिब्बत  

नेग्क्यू, तिब्बत