National Emblem
ISRO Logo

अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा

पी.एस.एल.वी.-सी26/आई.आर.एन.एस.एस.-1सी मिशन

आई.आर.एन.एस.एस.-1ए तथा आई.आर.एन.एस.एस.-1बी के बाद भारतीय प्रादेशिक नौवहन उपग्रह प्रणाली (आई.आर.एन.एस.एस.) श्रृंखला के सात उपग्रहों में से तीसरा उपग्रह आई.आर.एन.एस.एस.-1सी होगा। यह उपग्रह,इस क्षेत्र में नौवहन सेवाएं प्रदान करने हेतु प्रमोचन के लिए निर्धारित आई.आर.एन.एस.एस. उपग्रह समूह के सात उपग्रहों में से एक है। इस उपग्रह को भूतुल्‍यकाली कक्षा में स्‍थापित किया जाएगा।

उपग्रह

यह उपग्रह भारत की उपग्रह आधारित नौवहन प्रणाली संवर्धन में सहायक होगा जो फिलहाल विकासाधीन है। इस प्रकार विकसित नौवहन प्रणाली दक्षिण एशिया की ओर लक्षित प्रादेशिक प्रणाली होगी। यह उपग्रह नौवहन, अनुवर्तन तथा मानचित्रण सेवाएं प्रदान करेगा।

आई.आर.एन.एस.एस.-1सी में लेजर पश्‍च परावर्तक के साथ-साथ दो नीतभार होंगे: नौवहन नीतभार तथा सी.डी.एम.ए. परासन नीतभार। यह नीतभार एल.5 एवं एस.-बैंड में नौवहन संकेत उत्‍पन्‍न करता है। इस नीतभार का डिजाइन आई.आर.एन.एस.एस. प्रणाली को वैश्चिक अवस्थिति प्रणाली (जी.पी.एस.) तथा गैलीलियो के साथ अंत‍र-प्राचीनकालीय एवं संगत बनाती है। उपग्रह दो सौर व्‍यूहों से युक्‍त है जो 1660 वाट का पावर उत्‍पन्‍न करता है और जिसकी कालावधि दस वर्ष है।