2. अवलोकन चक्र

इस तीसरे एओ चक्र में, भारतीय एओ के प्रस्तावों के लिए 45% निरीक्षण समय उपलब्ध है और 10% अवलोकन समय अंतर्राष्ट्रीय एओ प्रस्तावों के लिए है। अवसर के लक्ष्य (टीओओ) के लिए 5% समय आवंटित किया गया है। इस चक्र में शेष 40% समय पेलोड टीमों और अंशांकन के लिए आवंटित किया गया है।

2.1 एओ चक्र

एस्ट्रोसैट पूर्व नियोजित ढंग से प्रचालित किया जा रहा है अर्थात प्रस्तावक उनकी अवलोकनों के निष्पादन के दौरान मिशन प्रचालन परिसर में मौजूद नहीं रहे। इस प्रकार, सभी अवलोकनों का अग्रिम में पूरा विवरण  निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।

  • अक्तूबर 2017-सितंबर 2018 के दौरान एओ प्रस्तावों को क्रियान्वित करने के लिए समय अवलोकन का प्रतिशत 60% है और इसे तीसरा एओ चक्र कहा गया है।
  • 60% में  से 45% समय भारतीय प्रस्तावकों के लिए विशेष रूप से प्रधान जांचकर्ता (पीआई) एस्ट्रोसैट वेधशाला समय का उपयोग करने के लिए है। वे बड़े पैमाने पर इच्छुक शोधकर्ता, वैज्ञानिक और खगोल विज्ञान समुदाय हो सकता है, जोकि खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान में शामिल हैं और आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी औचित्य के साथ विशिष्ट लक्ष्य अवलोकनों के लिए प्रधान जांचकर्ता (पीआई) के रूप में प्रस्ताव पेश करने के लिए सुसज्जित हैं और डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं, यदि अनुमोदनों का लक्ष्य अवलोकित आधार हो। इसके अलावा, समय का 10% वैश्विक खगोल विज्ञान समुदाय से अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के लिए है। 5% शेष समय लक्ष्य अवलोकन के प्रस्ताव के लिए (देखें 2.2) है।
  • एस्ट्रोसैट उपयोगकर्ता समुदाय का विस्तार करने के लिए, यह सिफारिश की जाती है कि जो लोग पीआई के रूप में गारंटीत समय (जीटी) चक्र में प्रस्तावों को प्रस्तुत कर रहे हैं वे एओ प्रस्तावों में अन्य खगोलविदों को पीआई बनने के लिए प्रोत्साहित करें। यदि प्रस्तावक किसी विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्था का एओ चक्र के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए डेटा विश्लेषण में मदद पाने के लिए किसी भी नीतभार समूह से सह-आई को प्राप्त करना चाहते हैं या उन्हें विज्ञान से संबंधित मुद्दों पर समर्थन की जरूरत है, पुस्तिका में दिए अनुसार नीतभार समूह के साथ परामर्श से वे ऐसा कर सकते/ती हैं ।
  • सभी चयनित एओ प्रस्तावों को अवलोकन अनुसूची में सम्मिलित किया जाएगा। हालांकि, इस एओ चक्र में अनुमोदित कुछ अवलोकनों को उक्त अवधि के बाहर निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे मामले में जहां प्रचालन की आवश्यकता है, जोकि एस्ट्रोसैट मिशन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • प्रस्तावकों से अनुरोध है कि किसी योजनाबद्ध अवलोकनों की नकल न करें और यदि कोई दोहराव है तो किए अवलोकनों के साथ ध्यान से उनके औचित्य को साबित करना चाहिए। एस्ट्रोसैट का उपयोग करते हुए पहले से ही किए/किए जा रहे अवलोकनों की प्रस्तावकों को घटकों और उपकरणों के मानकों को सूची से जाँच करनी चाहिए। इन लक्ष्यों को दिखाते हुए लाल किताब को आईएसएसडीसी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्तावक इन लक्ष्यों में से किसी का अवलोकन करना चाहते हैं उन्हें इसके महत्वपूर्ण औचित्य को साबित करना चाहिए और क्या अतिरिक्त जानकारी प्रस्तावित अवलोकनों से मिलेगी। धारा 4 भी देखें।