अवसर की घोषणा (एओ) चौथे एओ चक्र अवलोकनों के लिए प्रस्तावों की मांग

एओ प्रक्रिया

आवेदन करने के लिए मानदंड:

  • यह घोषणा भारतीय वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं के लिए खुली है और भारतीय संस्थानों/विश्वविद्यालयों/ कॉलेजों के लिए 65% समय और गैर-भारतीय वैज्ञानिक/शोधकर्ताओं, दुनिया भर में अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के अंतरिक्ष एजेंसियों/संस्थानों/विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में काम कर रहे के लिए 20% समय निर्धारित है, जो
  • खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान में शामिल हैं और
  • आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी औचित्य के साथ विशिष्ट लक्ष्य अवलोकनों के लिए प्रमुख जांचकर्ताओं (पीआई) के रूप में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए सक्षम हैं और
  • डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं, यदि लक्ष्य अनुमोदन के आधार पर हों ।

1.   परिचय और अनुसूची

एस्ट्रोसैट पहला समर्पित भारतीय खगोल विज्ञान मिशन है जिसका उद्देश्य एक्स-रे, यूवी और सीमित ऑप्टिकल स्पेक्ट्रल बैंड में एक साथ खगोलीय वेधशाला प्रदान करना है जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संचालित है। उपग्रह भूमध्य रेखा पर कक्षा के 650 किमी के पास 6 डिग्री कक्षा आनति के साथ है ।

एस्ट्रोसैट ने कक्षा में दो साल और तीन महीने पूरा कर लिया है । वर्तमान में, तीसरे एओ चक्र प्रस्तावों को निष्पादित किया जा रहा है। आईएसएसडीसी वेबसाइट पर अवलोकित लक्ष्यों की सूचि के लिए प्रस्तावक लाल किताब देख सकते हैं ।  

मिशन और पेलोड्स का विवरण इसरो वेबसाइट में उपलब्ध है। पेलोड के तकनीकी विवरण का वर्णन एस्ट्रोसैट पुस्तिका में दिया गया है।

भारतीय तथा विदेशी दोनों प्रस्तावों के पीआई के लिए एस्ट्रोसैट के अवलोकन समय का महत्वपूर्ण हिस्सा उपलब्ध है। एस्ट्रोसैट समय की उपलब्धता अवसर की घोषणा (एओ) के माध्यम से की जाएगी। आईएसएसडीसी वेबसाइट पर एस्ट्रोसैट प्रस्ताव प्रसंस्करण प्रणाली (एपीपीएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए इस एओ के जवाब में प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। प्रस्तावित प्रस्तावों की समीक्षा वैज्ञानिक समीक्षा और तकनीकी व्यवहार्यता के लिए एस्ट्रोसैट समय आवंटन समिति (एटीएसी) और एस्ट्रोसैट तकनीकी समिति (एटीसी) द्वारा की जाएगी।

मिशन के समय-निर्धारण के अनुसार अवलोकन की योजना बनाई जाएगी। संसाधित स्तर -1 डेटा डाउनलोड करने के लिए सफल अवलोकन के पूरा होने के बाद, पीआई को सूचित किया जाएगा। 12 महीने के स्वामित्व की अवधि के बाद, जो दिन स्तर-1 से शुरू होता है, पीआई को उपलब्ध कराया जाता है, संग्रहित डेटा पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए खुला होगा और आईएसएसडीसी में उपलब्ध होगा।

यह एओ चौथे एओ चक्र के लिए प्रस्तावों की मांग करता है कि भारतीय और साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावकों को एस्ट्रोसैट वेधशाला समय का उपयोग करने के लिए जो प्रमुख जांचकर्ताओं (पीआई) के रूप में हैं। अवलोकनों को अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 (लगभग एक वर्ष) के बीच की अवधि में किया जाएगा।

सभी घोषणाएं  सटीक तारीखों और प्रस्ताव प्रस्तुत करने की भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा सेंटर (आईएसएसडीसी) वेबसाइट  (http://www.issdc.gov.in) और एस्ट्रोसैट साइंस सपोर्ट सेल (एएससी) वेबसाइट (http://astrosat-ssc.iucaa.in/) पर उपलब्ध होंगी ।

प्रस्ताव से संबंधित सभी मामलों के लिए, प्रस्ताव के प्रमुख जांचकर्ता (पीआई) इसरो के लिए संपर्क बिंदु हैं। पीआई को प्रस्तुत प्रस्तावों की स्थिति के बारे में ई-मेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। यह अपेक्षा की जाती है कि एओ परियोजना चलाने के लिए आवश्यक सुविधाएं संबंधित होस्ट संस्थानों द्वारा प्रदान की जाएंगी।

प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि आईएसएसडीसी और एएससी वेबसाइटों में घोषित की जाएगी।

2. अवलोकन चक्र

इस चौथे एओ चक्र में, भारतीय एओ के प्रस्तावों के लिए 65% निरीक्षण समय उपलब्ध है और 20% अवलोकन समय अंतर्राष्ट्रीय एओ प्रस्तावों के लिए है। अवसर के लक्ष्य (टीओओ) के लिए 5% समय आवंटित किया गया है। इस चक्र में शेष 10% समय सहयोगियों और अंशांकन के लिए आवंटित किया गया है।

2.1  एओ चक्र

एस्ट्रोसैट पूर्व नियोजित ढंग से प्रचालित किया जा रहा है अर्थात प्रस्तावक उनकी अवलोकनों के निष्पादन के दौरान मिशन प्रचालन परिसर में मौजूद नहीं रहे। इस प्रकार, सभी अवलोकनों का अग्रिम में पूरा विवरण  निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।

  • अक्तूबर 2018-सितंबर 2019 के दौरान एओ प्रस्तावों को क्रियान्वित करने के लिए समय अवलोकन का प्रतिशत 85% है और इसे चौथा एओ चक्र कहा गया है।
  • 85% में  से 65% समय भारतीय प्रस्तावकों के लिए विशेष रूप से प्रधान जांचकर्ता (पीआई) एस्ट्रोसैट वेधशाला समय का उपयोग करने के लिए है। वे बड़े पैमाने पर इच्छुक शोधकर्ता, वैज्ञानिक और खगोल विज्ञान समुदाय हो सकता है, जोकि खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान में शामिल हैं और आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी औचित्य के साथ विशिष्ट लक्ष्य अवलोकनों के लिए प्रधान जांचकर्ता (पीआई) के रूप में प्रस्ताव पेश करने के लिए सुसज्जित हैं और डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं, यदि अनुमोदनों का लक्ष्य अवलोकित आधार हो। इसके अलावा, समय का 20% वैश्विक खगोल विज्ञान समुदाय से अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के लिए है।
  • सभी चयनित एओ प्रस्तावों को अवलोकन अनुसूची में सम्मिलित किया जाएगा। हालांकि, इस एओ चक्र में अनुमोदित कुछ अवलोकनों को उक्त अवधि के बाहर निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे मामले में जहां प्रचालन की आवश्यकता है, जोकि एस्ट्रोसैट मिशन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • प्रस्तावकों से अनुरोध है कि किसी योजनाबद्ध अवलोकनों की नकल न करें और यदि कोई दोहराव है तो किए अवलोकनों के साथ ध्यान से उनके औचित्य को साबित करना चाहिए। एस्ट्रोसैट का उपयोग करते हुए पहले से ही किए/किए जा रहे अवलोकनों की प्रस्तावकों को घटकों और उपकरणों के मानकों को सूची से जाँच करनी चाहिए। इन लक्ष्यों को दिखाते हुए लाल किताब को आईएसएसडीसी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्तावक इन लक्ष्यों में से किसी का अवलोकन करना चाहते हैं उन्हें इसके महत्वपूर्ण औचित्य को साबित करना चाहिए और क्या अतिरिक्त जानकारी प्रस्तावित अवलोकनों से मिलेगी। धारा 4 भी देखें।
  • दोहराव के लिए जांच वैज्ञानिक समीक्षा के दौरान प्रस्तावों को संसाधित करते समय एटीएसी द्वारा की जाएगी।

2.2   लक्ष्य पाने के अवसर (टीओओ) चक्र

  • सुपरनोवा या नोवा के प्रस्फोट की अद्भुत घटना के अवलोकन के लिए प्रस्ताव है कि, नए क्षणिक स्रोत या एक्स-रे नोवा या स्रोत की विशेषताओं के अध्ययन के अवलोकन के लिए जब यह दूसरी स्थिति आदि में परिवर्तित होती है और जिसके घटना के समय की कोई अग्रिम में भविष्यवाणी नहीं कर सकते जिसे टीओओ प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए और जिसकी टीओओ की अलग समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी।
  • वर्तमान में किसी भी प्रस्तावक के लिए टीओओ चक्र हमेशा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए खुला है। 5% का अवलोकन समय प्रावधान टीओओ प्रस्तावों के लिए आरक्षित है।
  • टीओओ के आबंटित समय के दौरान टीओओ प्रस्ताव का उपयोग करते हुए किए अवलोकनों के डाटा को तुरंत सार्वजनिक किया जाएगा।
  • यदि यह समय पूरी तरह सहमत नहीं है, तो यह समय एओ प्रस्तावों के लिए जोड़ा जा सकता है।
  • प्रत्याशित टीओओ वे टीओओ हैं जिसका स्रोत की स्थिति ज्ञात है, लेकिन प्रेक्षण का समय ज्ञात नहीं है या अप्रत्याशित है। प्रत्याशित टीओओ के प्रस्ताव को एपीपीएस के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है जिसकी एटीएसी समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी । वैज्ञानिक औचित्य पारित करने के प्रस्ताव को वास्तव में मजबूत होने की जरूरत है और इसे प्राथमिकता के लिए 'ए' स्वीकृति (प्रत्याशित टीओओ और प्रस्तावों के लिए प्राथमिकता रैंकिंग पर जानकारी के लिए सैक की वेबसाइट पर उपलब्ध आईपीओ प्रस्तावक के गाइड का संदर्भ लें) लिए हुआ हो। लेकिन जब घटना होती है, टीओओ मूल प्रस्ताव जिसे टीओओ चक्र के तहत प्रस्ताव निर्धारण को प्रस्तुत करने के लिए पीआई को प्रेरित करेगा। डेटा अधिकार एओ प्रस्तावों के समान ही रहेंगी।

3. प्रस्तावक के पीआई को एस्ट्रोसैट प्रस्ताव संसाधन प्रणाली (एपीपीएस) सॉफ्टवेयर का उपयोग कर आईएसएसडीसी वेबसाइट में दी गई समय सीमा के भीतर इसरो को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। एपीपीएस http://www.issdc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध है। एपीपीएस डाउनलोड नहीं होता है और न ही ऑफ लाइन में उपयोग किया जा सकता है। एपीपीएस प्रस्तावक गाइड आईएसएसडीसी और एएससी वेबसाइटों में उपलब्ध कराया जाएगा जो प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया बताते हैं । इस खंड में सारांश प्रदान किया गया  है।

3.1  प्रस्ताव तैयार करने, पुष्टीकरण, प्रस्तुत करना और चयन का संक्षिप्त विवरण

वैज्ञानिक आवश्यकता पर निर्भर करता है कि, एस्ट्रोसैट के लिए प्रस्तावों को एक या अधिक उपकरणों के साथ अवलोकन के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रस्तावों को एपीपीएस प्रस्तावक गाइड और इस प्रक्रियाओं के दस्तावेज़ के अनुसार बनाया जाएगा। प्रस्तावक अवलोकित लक्ष्य की सूची के लिए लालकिताब का संदर्भ ले सकते हैं।

एस्ट्रोसैट प्रस्तावों पर कम से कम निम्न जानकारी की आवश्यकता होगी।

  • स्रोत निर्देशांक, स्रोत कोणीय आकार यदि विस्तारित, वी परिमाण, 2-10 केलविन प्रवाह, विभिन्न उपकरणों के लिए अनुमानित गिनती दरें, प्रदर्शन समय, यूवीआईटी दीप्त स्रोत सूची, पीडीएफ प्रारूप में लक्ष्य के अवलोकनों की व्यवहार्यता के लिए खगोलदर्शक परिणाम। (धारा 3.3 में सूचीबद्ध एस्ट्रोसैट उपकरण का उपयोग करें)
  • उपकरण विन्यास मानक जैसे उपकरण मोड, फिल्टर, आदि (संदर्भ पुस्तिका)
  • वैज्ञानिक और तकनीकी औचित्य।

3.2  एपीपीएस अनुदेश

प्रस्ताव तैयार करने के लिए एपीपीएस में विभिन्न प्रविष्टियों को भरने के अनुदेश ऑनलाइन उपलब्ध हैं । इस उद्देश्य के लिए एपीपीएस प्रस्तावक गाइड का भी संदर्भ लिया जा सकता है। एपीपीएस के संबंध में पूछताछ,  प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने के लिए astrosathelp@iucaa.inमेल से भेजा जा सकता है। प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह से दिए जाएंगे।

3.3  प्रस्ताव तैयार करने की सामग्री

प्रस्तावक एस्ट्रोसैट प्रस्ताव तैयार करने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग कर सकते हैं।

  • एस्ट्रोव्यूवर (http://issdc.gov.in/astroviewer/index.html) वांछित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एस्ट्रोसैट दृश्यता की अवधि निर्धारित करने के लिए।
  • प्रिम्स (http://astrosat-ssc.iucaa.in:8080/WebPIMMS_ASTRO/index.jsp) स्रोत गिनती दरों के  अनुमान के लिए।
  • यूवीआईटी अनावरण समय कैलक्यूलेटर (http://uvit.iiap.res.in/Software/etc) खगोलीय स्रोत के  अनुमान लगाने के लिए आवश्यक समय अनावरण।
  • यूवीआईटी दीप्त स्रोत चेतावनी उपकरण (http://uvit.iiap.res.in/Software/bswt वीआईएस चैनल के फिल्टर स्थापित करने के लिए सुनिश्चित करना होगा क) अत्याअनावरण से बचने के लिए डिटेक्टर की सुरक्षा, ख) एस/सी अनुवर्तन अपवहन क्षेत्र के लिए तारों से संकेत की पर्याप्तता में।
  • एस्ट्रोसैट अनुसूची दर्शक(https://astro.issdc.gov.in:9321/MCAP/) एस्ट्रोसैट की अंतरिम/पुष्टि लक्ष्य अनुसूची की जांच करने के लिए।
  • अन्योनक्रिया स्पेक्ट्रल अनुकरण उपकरण जैसे एक्स-रे स्पेक्ट्रल फिटिंग पैकेज (XSPEC; https://heasarc.gsfc.nasa.gov/xanadu/xspec/), अन्योनक्रिया स्पेक्ट्रल अनुकरण उपकरण(ISIS ;http://space.mit.edu/CXC/ISIS/), मॉडलन और फिटिंग पैकेज(Sherpa ; http://cxc.harvard.edu/sherpa4.4/) जो ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

3.3.1  एस्ट्रोव्यूवर - खगोलीय स्रोत दर्शन में सहायक उपकरण

उपकरण अधिकतम एक साल की लम्बी अवधि तक चयनित खगोलीय स्रोत के दर्शन के लिए अवधि प्रदान करता है। इसके अलावा, देखने की अवधि सभी व्यवरोधों को दूर कर कक्षानुसार प्रदान की जाती है ताकि प्रस्तावक अपने अवलकोनों की अत्यधिक सही ढंग से और मौसम के लिहाज से भी योजना बना सकें। यूवीआईटी पेलोड उपयोगकर्ताओं के लिए, ग्रहण के दौरान अवलोकन अवधि जोकि सभी परिकल्पित व्यवरोधों को दूर कर अलग फाइल में उपलब्ध है क्योंकि अधिकतर यूवीआईटी केवल ग्रहण में ही देखी जाती है । उपकरण दैनिक आधार पर उपलब्ध नवीनतम कक्षा जानकारी का उपयोग करने के लिए डिजाइन किया गया है और ग्राफिकल भूखंडों में विभिन्न व्यवरोध कोण विशेषताओं को प्रदान करता है ताकि प्रस्तावक स्थिति की कल्पना कर सकें, जब भी अवलोकनों के लिए योजना बनाता है। चयनित स्रोत की दर्शन अवधि को कक्षानुसार संग्रहीत किया जाता है और प्रस्तावक को उपयोग करने के लिए सारणीबद्ध रूप में उपलब्ध कराया गया है। चूंकि कुछ स्रोतों के लिए रैम कोण व्यवरोध कक्षा झुकाव से निकटता के कारण ऑन और ऑफ होते रहते हैं, व्यवरोध को दूर करने के लिए इसके परिणाम फ्लैग '0' है  और तालिका में व्यवरोध का उल्लंघन करने के लिए '1' है। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस कार्यक्रम उपयोगकर्ता को दूर से बातचीत करने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अनुमति देता है। ग्रहण और उपगूह प्रवेश/निकास जैसी अतिरिक्त जानकारी भी उपलब्ध कराया गया है।

ज्यामितीय व्यवरोध

  •     रैम कोण (+ रोल और वेग सदिश)> 12˚
  •     टर्मिनेटर (+ रोल और दीप्त पृथ्वी फलक)> 12˚
  •     सूर्य कोण (+ रोल और सूर्य)> 65˚
  •     बी/डब्ल्यू कोण  + या और सूर्य > 90˚
  •     बी/डब्ल्यू कोण / स्टार सेंसर और सूर्य> 50˚ कोण बी/डब्ल्यू + रोल और एलबिडो> 12˚

3.3.2  सुवाह्य अन्योन्यक्रिया बहु मिशन अनुकारक (पीआरएमएमएस)

एस्ट्रोसैट पीआरएमएमएस पैकेज (http://astrosat-ssc.iucaa.in/से डाउनलोड या http://astrosat-ssc.iucaa.in:8080/WebPIMMS_ASTRO/index.jsp)पर ऑनलाइन उपलब्ध है । सुवाह्य अन्योन्यक्रिया बहु मिशन अनुकारक के कार्यान्वयन का पैकेज है जो मूल रूप से नासा/जीएसएफसी उच्च ऊर्जा खगोल भौतिकी विज्ञान आर्काइव अनुसंधान केंद्र (HEASARC) द्वारा वितरित किया गया है। यह कार्यान्वयन एस्ट्रोसैट एक्स-रे उपकरणों के प्रभावी क्षेत्र भी शामिल है और विभिन्न इनपुट वर्णक्रम मॉडल के LAXPC, SXT, CZTI  और एसएसएम में स्रोत गिनती दरों का अनुमान किया जा सकता है। उपयोगकर्ता पुस्तिका डाउनलोड करने योग्य संस्करण के साथ वितरित किया गया है, और ऑनलाइन मदद SSM संस्करण के लिए उपलब्ध है।

रिस्पांस फाइल: रिस्पांस मैट्रिक्स फ़ाइलें और अनुमानित पृष्ठभूमि स्पेक्ट्रा वेबसाइट  http://astrosat-ssc.iucaa.in. पर LAXPC, SXT और CZTI पेलोड के लिए प्रदान की जाती हैं। ये एक्स-रे स्रोतों के लिए वर्णक्रम अनुकरण के लिए उदाहरण के लिए fakeit कमांड के साथ HEASOFT XSPEC में उपयोग किए जा सकते हैं, ।

3.3.3 यूवीआईटी एक्सपोजर समय कैलक्यूलेटर (ईटीसी)

सहायता पृष्ठ: http://uvit.iiap.res.in/Software/bswt/Help वर्तमान संस्करण: 2.0.0 (03 मई, 2016)। UVIT एक्सपोजर समय कैलक्यूलेटर (ईटीसी) में अवलोकन की व्यवहार्यता का आकलन के लिए मदद करेगा। यह विभिन्न UVIT फिल्टरों के स्त्रोत से वांछित गिनती दर की गणना करेगा, या इसके अनुवर्ति i) सिग्नल के लिए रव अनुपात (SNR) दिए गए अवलोकन समय के लिए हासिल की है, या ii) SNR तक पहुंचने के लिए आवश्यक समय। उपयोगकर्ता खगोलीय स्रोत/स्पेक्ट्रा के विस्तार जैसे तारा, कृष्णिका, आकाशगंगा, बिजली कानून, आदि या अपलोड करने के लिए अपने स्वयं के स्पेक्ट्रम चुन सकता है ।

3.3.4 दीप्त स्रोत चेतावनी उपकरण (BSWT)

सहायता पृष्ठ: http://uvit.iiap.res.in/Software/bswt/Help वर्तमान संसंकरण 1.6.1 (4 जुलाई 2017)। उपकरण का उद्देश्य प्रस्तावक को यह सूचित करना है कि UVIT अवलोकनों के लिए विज्ञान लक्ष्य के आसपास के आकाश का क्षेत्र सुरक्षित/असुरक्षित है । सभी FUV और NUV दूरबीनों के 10 फिल्टरों में सुरक्षा देहली से दीप्त तारों के लिए कार्यक्रम स्कैन करता है और दीप्त तारों की गिनती दरों सूची बद्ध करता है । यह कार्यक्रम लक्ष्य वस्तु के 20 आर्कमिन दायरे में सभी चमकदार तारों की पहचान करता है। इस वेबसाइट पर दिशा-निर्देशों के दस्तावेज भी देखें । कृपया ध्यान दें कि नवीनतम प्रक्रिया के अनुसार UVIT द्वारा उपयोग किए गए परिणाम वीआईएस(320-550 एनएम) चैनल के फिल्टर से केवल जाँच करने के लिए हैं; NUV / FUV फिल्टरों के जांच इस सूची के साथ नहीं बने हैं। इसलिए निम्नलिखित की अनिवार्य जाँच करना आवश्यक हैं।

UVIT अवलोकनों के लिए किए जाने वाले अनिवार्य जांच

UVIT का डिजाइन दीप्त स्त्रोतों के अवलोकन के लिए नहीं किया गया है और UVIT क्षेत्र में दीप्त स्रोत की उपस्थिति में किए अवलोकन के कारण हार्डवेयर में "तेज वस्तु उत्प्रेरक" की स्थिति से सभी तीनों डिटेक्टर स्विच ऑफ हो जाते हैं। इसके अलावा, UVIT क्षेत्र के पास अति दीप्त स्रोत की उपस्थिति दृश्य को अत्यधिक विकिरण के कारण अनुमत सीमा से परे तितर बितर करेगा। UVITs में से एक वीआईएसएस चैनल मुख्य रूप से अंतरिक्ष यान पर अनुवर्तन के लिए प्रयोग किया जाता है। यह प्रस्तावक की जिम्मेदारी है कि अवलोकनों के दौरान सुगम अनुवर्तन सुनिश्चित करें । इसलिए प्रस्तावक को UVIT अवलोकनों के लिए प्रस्ताव तैयार करने में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। यह पुरजोर सिफारिश की जाती है कि प्रस्तावक UVIT अवलोकनों हेतु अनिवार्य जाँच के लिए दस्तावेज़ में विनिर्देशित दिशानिर्देशों का विस्तार से पालन करें (संदर्भ:http://uvit.iiap.res.in/sites/uvit.iiap.res.in/files/Guidelines_for_proposal_submission_3.pdf, वी 0.5,  .09, जून 2016)।

3.4  एस्ट्रोसैट प्रस्ताव तैयार करना

प्रस्तावक को प्रस्ताव तैयार करने पहले एपीपीएस में पंजीकरण करने की आवश्यकता है । प्रस्तावक एपीपीएस मदद के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बारे में दस्तावेज को देखें ।

3.5  एपीपीएस में प्रस्ताव प्रबंध

प्रत्येक प्रस्ताव प्राप्त होने की पावती स्वचालित रूप से दी जाएगी। प्रस्तुत करने की अंतिम के तारीख के बाद, एपीपीएस प्रस्तावों को वैज्ञानिक समीक्षा, कुछ आकलन परिणत करने और प्रतिक्रिया पर समग्र आँकड़ों की तैयारी करने के लिए एटीएसी को भेजेगा। अध्यक्ष, इसरो द्वारा सभी समितियां गठित की गई है।

एटीएसी  ग्रेड ए, बी और सी के रूप में (और, जैसे जरूरत हो, प्रस्ताव के भीतर व्यक्तिगत अवलोकनों के ग्रेड) प्रत्येक प्रस्ताव के लिए प्राथमिकताएं आवंटित करेगा। एटीएसी कुछ प्रस्तावकों को प्रस्ताव में अवलोकन समय कम करने या लक्ष्य की संख्या कम करने के लिए कह सकता है। इस तरह के प्रस्तावों को पीआई को संशोधन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एटीएसी द्वारा सिफारिश किए परिवर्तन के लिए निर्धारित समय सीमा से पहले प्रस्तावक संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकेगा । इस तरह के आंशिक रूप से आवंटित प्रस्ताव, अगर समय सीमा से पहले प्राप्त नहीं होते हैं, तो उन्हें सफल प्रस्ताव की सूची से बाहर किया जाएगा।

अवलोकनों की तकनीकी व्यवहार्यता मिशन अभियान दल से समर्थन के साथ एस्ट्रोसैट तकनीकी समिति (एटीसी) द्वारा आयोजित किया जाएगा।

एटीएसी और एटीसी द्वारा आवंटित किए गए अवलोकनों की प्राथमिकता उस विशेष कक्षा के दौरान जो अवलोकन किए जाएंगे, उन योजनाओं के लिए उपयोग करने का पैरामीटर होगा। हालांकि, प्रचालन कारणों के लिए, ग्रेड की परवाह किए बिना, किसी विशेष अवलोकन को वास्तव में निष्पादित किया जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है ।

4. दोहराव की अभिमुखता

एस्ट्रोसैट की सामान्य नीति यह है कि अवलोकन का आवर्तन, अर्थात दोहराव से बचना है।

सामान्य तौर से, दोहराव लक्ष्य निर्देशांक के विचार से और मुख्य अवलोकन के मानकों (विशेष रूप से उपकरण (णों) और अवलोकन मोड) को निर्धारित किया जाता है। प्रस्तावित अवलोकन एक दूसरे से दोवराव करते हैं यदि वांछित विज्ञान डेटा अनिवार्य रूप से एक ही है या कम आवश्यक है (जैसे कम जोखिम समय) और इसलिए इसे हतोत्साहित किया जाता है। हालांकि, यह परिवर्तनशीलता के अध्ययन के लिए कई बार एक ही उपकरण विन्यास के साथ एक ही लक्ष्य का अवलोकन करने की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा, बड़े विस्तारित वस्तुओं के स्त्रोत के आसपास के क्षेत्र में कई संकेत आवश्यक होते हैं जैसे 2 डिग्री व्यास के भीतर विरियल  हद तक कवर करने के लिए आकाशगंगाओं के कोमा क्लस्टर का प्रतिबिंब और स्रोत के पिछले प्रेक्षण के उससे समन्वय से बहुत अलग नहीं हैं ।

दोहराव के मामलों को परिभाषित करने और निदान की जिम्मेदारी एटीएसी पर होती है। एटीएसी प्रस्तावित अवलोकन और पिछले एक चक्र के अवलोकन के बीच दोहराव की अनुमति दे सकते हैं। इन प्रस्तावों को उन तक प्रतिबंधित किया जाना चाहिए जो अतिरिक्त डेटा वैज्ञानिक प्रासंगिकता के हैं का ठोस सबूत प्रदान करते हैं।

5. डाटा संसाधन, डाटा अधिकार और प्रकाशन

अवलोकन के पूरा होने के बाद, भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा केंद्र (आईएसएसडीसी ) में प्राप्त कच्चे डेटा को लेवल-1 डेटा में परिवर्तित किया जाएगा। आईएसएसडीसी नीतभार डेटा के ग्रहण, त्वरित ध्यान प्रदर्शन (क्यूएलडी), प्रसंस्करण (लेवल-0/1 के लिए), अभिलेखीय (सभी स्तरों, सहायक डेटा के साथ) और प्रचार-प्रसार के प्रचालन के लिए जिम्मेदार है। यह डेटा मानक एफआईटीएस फार्मेट में होगा ।

लेवल -1 डेटा प्रस्तावों के नीतभार समूहों या प्रधान जांचकर्ता (पीआईएस) विज्ञान विश्लेषण के साथ ही उच्च स्तर डेटा उत्पादों का उत्पादन करने के लिए आईएसएसडीसी वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। नमूना डेटा, सॉफ्टवेयर और उपयोग को एएससी वेबसाइट में उपलब्ध की गई है।

सफल अवलोकन के पूरा होने के बाद संसाधित लेवल -1 डाटा को डाउनलोड करने के लिए पीआई को सूचित किया जाएगा। लेवल -1 से लेवल -2 और किसी भी अन्य उच्च स्तर मानक उत्पादों को आईएसएसडीसी वेबसाइट के माध्यम से पीआई प्रस्तावकों को मानक पाइप लाइन सॉफ्टवेयर से उपलब्ध कराया जाएगा।

5.1  मालिकाना अवधि                                                                              

सभी एस्ट्रोसैट उपकरणों से अवलोकन डेटा के साथ और सभी चरणों और प्रक्षेपण के सालों बाद भी मालिकाना अवधि जुड़ी होती है । नीतभार समूहों और / या एओ प्रस्ताव के पीआईएस के लिए यह "मालिकाना अवधि" लेवल -1 डेटा उपलब्ध होने की तिथि से शुरू होगी।

इस मालिकाना अवधि के दौरान, डेटा किसी भी व्यक्ति या अवलोकनों के लिए प्रस्ताव (वों) को प्रस्तुत किए समूहों,  उन मामलों में जहां प्रस्तावकों या पीआई खुद अन्य व्यक्तियों की तरह शामिल हुआ हो को छोड़कर अन्य टीमों द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

एओ चक्र के लिए डेटा की मालिकाना अवधि 12 महीने है। मालिकाना अवधि के बाद, सभी डेटा आईएसएसडीसी सार्वजनिक संग्रह में रखा जाएगा जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों के लिए लभ्य होगा। यह नीतभार प्रचालन केंद्रों (पीओसी) की लेवल -2 के उत्पादों को आईएसएसडीसी गुणवत्ता रिपोर्ट के साथ प्रदान करने की जिम्मेदारी होगी।

लक्ष्य पाने के अवसर (टीओओ) द्वारा किए अवलोकनों को टीओओ अवलोकन अवधि में लेवल 1 डेटा के रूप में तुरंत संसाधित किए जाएगा और आईएसएसडीसी संग्रह में रखा जाएगा। ये आंकड़े गैर मालिकाना हैं और अवलोकन के बाद तुरंत जनता के लिए खुले हैं।

 5.2  डेटा अधिकार और दायित्व

प्रधान जांचकर्ता(पीआईएस) का सभी प्रस्तावों के सभी सह गठबंधन उपकरणों (अर्थात् एलएएक्सपीसी, सीजेडटीआई, एसएक्सटी और जुड़वां दूरबीन यूवीआईटी)के पूरे डेटा पर उन क्षेत्रों के एस्ट्रोसैट के साथ अवलोकित अपने प्रस्तावों के लिए विशेष अधिकार होगा ।

अवलोकन क्षेत्र के भीतर पता चले अन्य वस्तुओं के लिए डेटा अधिकार भी प्रस्ताव के पीआई के पास हैं जब तक कि वे इसे लेने के लिए न कहे। वर्तमान में लक्ष्य डेटा और क्षेत्र डेटा को अलग करने का कोई उपाय नहीं है। प्रस्ताव पीआई डेटा के विश्लेषण के लिए नीतभार समूहों (और इसके विपरीत) के साथ प्राथमिक लक्ष्य की तुलना में अन्य क्षेत्र वस्तुओं के लिए सहयोग कर सकते हैं ।

पीआई के द्वारा विन्यास नही किए उपकरणों के डेटा अधिकार को नीतभार समूह को पिगी बैक सेटिंग के लिए खुला रखना होगा । इस तरह के डेटा नीतभार समूहों को प्रदान किए जाएंगे और मालिकाना अवधि एओ प्रस्ताव के समान ही रहेगी।

कोई उपकरण समूह या पीआई मालीकाना अधिकार अवधि को कम करने के लिए astrosathelp@iucaa.in को ईमेल भेज कर और उसकी प्रति आईएसएसडीसी डेटा समूह (issdc_team@istrac.gov.in) को आईएसएसडीसी  डेटा संग्रह में रखने की सिफारिश करते हुए मालिकाना अवधि समाप्त होने से पहले भेजना चाहिए ।

5.3  प्रकाशन

प्रस्तावक समुचित पत्रिकाओं में प्रकाशन के माध्यम से वैज्ञानिक समुदाय के लिए डेटा विश्लेषण के परिणाम उपलब्ध करेंगे। सभी प्रकाशनों में जिसका डेटा सार में विश्लेषण/व्याख्या के लिए प्रयोग किया जाता है उस "एस्ट्रोसैट के नीतभार(रों) के नाम के साथ" एस्ट्रोसैट डेटा के लिए आभार प्रकट करेंगे ।

पेपर प्रकाशन के लिए जब एस्ट्रोसैट डेटा का उपयोग किया जाता है, निम्नलिखित स्वीकृति शामिल करें।

"इस प्रकाशन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एस्ट्रोसैट मिशन, भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा केंद्र (आईएसएसडीसी) पर संग्रहीत डेटा का उपयोग किया गया है"।

यदि किसी उपयोगकर्ता द्वारा पहले से ही प्रकाशित एस्ट्रोसैट परिणामों का इस्तेमाल किया है और आगे की प्रतिप्रस्तुति या सुधार किया है, तो निम्नलिखित विवरण स्वीकृति में शामिल किया जाए।

"यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एस्ट्रोसैट मिशन, भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा केंद्र (आईएसएसडीसी) में संग्रहीत से प्राप्त परिणामों पर अनुसंधान आधारित(आंशिक रूप से या काफी हद तक) हैं।"

इसरो सभी/कोई भी परिणाम जोकि एस्ट्रोसैट डेटा से प्राप्त किए गए हैं और पत्रिकाओं या उपयोगकर्ता द्वारा किसी अन्य प्रकाशनों में शैक्षिक पेपर के माध्यम से प्रकाशित किए गए हैं, अपने स्वयं के उपयोग के लिए, ऐसी पत्रिकाओं और प्रकाशनों को रिपोर्ट और प्रकाशनों में संदर्भ/आभार के साथ उपयोग कर सकता है।