अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमता के विस्‍तार पर वर्चुअल सम्‍मेलन

 

डॉ. कै. शिवन, अध्‍यक्ष इसरो एवं सचिव, अं.वि. ने 10 सितंबर 2020 को आई.टी.यू.-ए.पी.टी. फाउंडेशन भारत द्वारा आयोजित “अंतरिक्ष्‍ा क्षेत्र में भारत की क्षमता का विस्‍तार” विषय पर वर्चुअल सम्‍मेलन में उद्घाटन भाषण प्रस्‍तुत किया।

आई.टी.यू.-ए.पी.टी. फाउंडेशन भारत (आई.ए.एफ.आई.) एक अंतरराष्‍ट्रीय/प्रादेशिक दूर-संचार संगठनों के रूप में अंतरराष्‍ट्रीय दूर-संचार संघ (आई.टी.यू.) द्वारा मान्यता प्राप्त है जोकि व्यावसायियों, कॉर्पोरेट, सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के उद्योगों, अनुसंधान एवं विकास संगठनों, शैक्षिक संस्थानों तथा आई.टी.यू. क्रियाकलापों में ऐसी ही अन्य एजेंसियों की सहभागिता को प्रेरित करने के मुख्‍य उद्देश्‍य के साथ विगत 18 वर्षों से कार्य कर रहा है।

गैर-सरकारी एवं निजी उद्योग के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के लिए भारत सरकार के हाल ही के निर्णय तथा देश में सैटकॉम क्रियाकलापों को बढ़ाने हेतु उद्योग के फीडबैक तथा अपेक्षाओं को प्राप्‍त करने के लिए भी सैटकॉम उद्योग को एक सूत्र में बांधने के लिए इस वर्चुअल उद्योग संवाद का आयोजन किया गया।

वर्तमान में सैटकॉम नीति-1997 को लागू करने के परिदृश्‍य को स्‍पष्‍ट करते हुए डॉ. शिवन ने कहा कि प्रतिमानकों, दिशा-निर्देशों एवं क्रियाविधियों (एन.जी.पी.) सहित सैटकॉम नीति को संशोधित किया जा रहा है। सैटकॉम प्रौद्योगिकी में तेजी से विकास को ध्यान में रखते हुए तथा भारत में विस्‍तारित सेवाएं और मानवता एवं राष्‍ट्र की सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष को एक अग्र सीमांत के रूप में पहचान करने के लिए इस संशोधन की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने इस बात पर भी बल दिया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में गैर-सरकारी निजी इकाइयों को लाना भी महत्वपूर्ण है ताकि उपग्रह उप प्रणालियों के निर्माण, समुच्‍चय, एकीकरण एवं परीक्षण तथा अंतिम प्रयोक्‍ता तक सैटकॉम प्रौद्योगिकी को पहुचाँने के लिए सेवा क्षेत्र के विशाल अनुभव के लिए भारतीय उद्योग के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। निजी उद्यम निधि, प्रतिभा तथा गतिविधियों  में तेजी लाते हैं तथा यदि समूचा अंतरिक्ष क्षेत्र सभी निजी उद्योग के लिए खोला जाए तो, यह सभी के लिए लाभकारी होगा।

उसके बाद, आर. उमामहेश्‍वरन, वैज्ञानिक सचिव, इसरो ने अंतरिक्ष क्षेत्र में गैर-सरकारी निजी इकाई के विस्‍तृत सहभाग को अनुमति देने के लिए भारत सरकार के विस्‍तृत उद्देश्‍य, क्रियाविधि और व्‍यापक दिशा-निर्देश प्रस्‍तुत किए। उन्‍होंने दर्शकों को न्‍यू स्‍पेस इंडिया लिमिटेड (एनसिल) के साथ-साथ भारतीय राष्‍ट्रीय अंतरिक्ष प्रवर्तन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) की भूमिका के बारे में भी स्‍पष्‍ट किया।

इस सम्‍मेलन में डी.ओ.टी., डब्‍ल्‍यू.पी.सी. तथा एम.आई. एवं बी. सहित वी.एस.ए.आई., दूरसंचार तथा प्रसारण उद्योग तथा सरकारी विभागों से 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डॉ. आर.एस. शर्मा, अध्‍यक्ष, ट्राय. ने मुख्‍य अतिथि के रूप में भाषण प्रस्‍तुत किया तथा श्री टी.आर. दुआ, चेयरमेन -  आई.टी.यू.-ए.पी.टी. फाउंडेशन भारत ने अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्‍वागत किया। श्री भाटिया, अध्‍यक्ष - आई.टी.यू.-ए.पी.टी. फाउंडेशन भारत ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

सम्‍मेलन के द्वितीय सत्र में डी.ओ.टी., ट्राय तथा नियामक एवं नीति पहलूओं पर सैटकॉम उद्योग के अधिकारियों द्वारा प्रस्‍तुतीकरण एवं भाषण प्रस्‍तुत हुए। चर्चाओं के दौरान भारत में सैटकॉम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्‍वपूर्ण सुझाव सामने आए।