इसरो और नासा ने कक्षा में निसार मिशन का एक सफल साल पूरा होने का जश्न मनाया
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17 अगस्त, 2026
30 जुलाई 2025 को इसरो के जीएसएलवी-एफ16 से प्रमोचित नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) मिशन की प्रथम कक्षीय वर्षगांठ मनाने के लिए 4 अगस्त 2026 को, इसरो एवं नासा ने संयुक्त रूप से इस्ट्रैक/इसरो, बेंगलुरु में "निसार – प्रचालन का एक वर्ष: प्रदर्शन का आकलन, विज्ञान को आगे बढ़ाना और साझेदारी को मजबूत करना" विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में अध्यक्ष, इसरो / सचिव, अंतरिक्ष विभाग, डॉ. वी. नारायणन, इसरो के विभिन्न केंद्रों के निदेशक, नासा/जेपीएल के वरिष्ठ अधिकारी, इसरो के वरिष्ठ अधिकारी और इसरो, नासा व जेपीएल की प्रचालनात्मक और विज्ञान टीमें शामिल हुईं। इस्ट्रैक, एनआरएससी, सैक, यूआरएससी और नासा/जेपीएल की टीमों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें इसरो-नासा की मज़बूत साझेदारी का जश्न मनाते हुए और मिशन के प्रदर्शन, डेटा उत्पादन और प्रसारण, वैज्ञानिक नतीजों और आगे की राह पर चर्चा की गई।
डॉ. वी. नारायणन ने मिशन की दिशा तय करने वाले क्रमिक नेतृत्व को सम्मान देते हुए एवं उन्नत एल और एस बैंड एसएआर प्रतिबिंबन उपग्रह 'निसार' को साकार करने वाले इसरो एवं नासा के शानदार सहयोग की सराहना करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से आग्रह किया कि वे मानवता के लाभ के लिए साझा वैज्ञानिक लक्ष्यों को पूरा करने में इस मिशन का पूरा लाभ उठाएं।
नासा मुख्यालय में भू विज्ञान अनुभाग की निदेशक, डॉ. कैरेन एम. सेंट जर्मेन ने निसार मिशन के वैश्विक नज़रिए और भू प्रणाली को बेहतर ढंग से समझने के लिए उससे मिलने वाले अभूतपूर्व डेटा की अहमियत को माना। जेपीएल के एसोसिएट लैब निदेशक, श्री केयूर पटेल ने इस बात पर बल दिया कि निसार मिशन, भू विज्ञान और सामाजिक लाभ के लिए बनी भागीदारी का परिणाम है। निसार मिशन के नासा/जेपीएल परियोजना मैनेजर, श्री फिल बारेला ने इस सहयोग को अंतरिक्षयान से भी आगे की साझेदारी बताया।
नासा/जेपीएल और इसरो की विज्ञान टीमों ने पिछले एक साल में निसार से मिली जानकारी और उसके उपयोग के बारे में बताया। निसार परियोजना वैज्ञानिक, जेपीएल, डॉ. पॉल रोसेन ने दिखाया कि निसार का एल-बैंड एसएसआर डेटा किस प्रकार से परितंत्र गतिकी, क्रायोस्फीयर और ठोस पृथ्वी की गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। इसरो की निसार विज्ञान टीम ने जंगल के ऊपर मौजूद जैवभार, सतही मिट्टी की नमी, सक्रिय फ़सलों, समुद्री सतह पर हवा, मैंग्रोव कवर, जंगल वन विक्षोभ, सतह विरूपण इत्यादि पर विज्ञान उत्पाद बनाने के लिए निसार के एस-बैंड एसएआर डेटा के उपयोग के बारे में भी बताया।
इस कार्यक्रम का समापन एक पैनल चर्चा के साथ हुआ, जिसमें डॉ. प्रकाश चौहान, निदेशक, एनआरएससी/इसरो; श्री आर. वेंकटेश्वरन, निदेशक, लियोस/इसरो; श्री एम. आर. राघवेन्द्र, निदेशक, इस्ट्रैक/इसरो; डॉ. मिलिंद बी. महाजन, उप निदेशक, सैक/इसरो; डॉ. पॉल रोसेन, निसार परियोजना वैज्ञानिक, जेपीएल; सुश्री कैथलीन कारिका, सह प्रशासक, अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर-एजेंसी संबंध कार्यालय (ओआईआईआर) नासा, और सुश्री नंदिनी हरिनाथ, उप निदेशक, इस्ट्रैक/इसरो – सभापति के रूप में शामिल थे। पैनल ने निसार डेटा के संसाधन की जटिलता, नीतभार के विकास के दौरान आने वाली चुनौतियों, एक दशक में हासिल किए गए नए वैज्ञानिक अनुप्रयोग, संयुक्त विज्ञान अनुप्रयोग योजना और एजेंसियों के मध्य भविष्य के सहयोग के रास्ते पर चर्चा की।
निसार पृथ्वी की गतिविधियों को समझने के लिए निरंतर व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा कर रहा है, जिससे इससे परितंत्र, ठोस पृथ्वी, क्रायोस्फीयर, जल विज्ञान, समुद्र विज्ञान, तटीय प्रक्रियाओं, जियोसाइंस और आपदा प्रबंधन जैसे कई वैज्ञानिक क्षेत्रों में प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. वी. नारायणन, अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अंतरिक्ष विभाग का संबोधन
पैनल चर्चा; "एक साल, एक ग्रह, असंख्य सीख और असीम संभावनाएँ"
कार्यक्रम में शामिल हुए अध्यक्ष, इसरो / सचिव, अंतरिक्ष विभाग, डॉ. वी. नारायणन के साथ नासा/जेपीएल और इसरो के विभिन्न केंद्रों के अधिकारी।
निसार एस-बैंड एसएआर डेटा से प्राप्त राष्ट्रीय वन सतह जैवभार उत्पाद।
निसार एस-बैंड एसएआर डेटा से प्राप्त राष्ट्रीय रबी मौसम का सक्रिय फसल कवर उत्पाद।