03 अप्रैल, 2026
सभी समानव अंतरिक्ष अभियानों में कर्मी दल की सुरक्षा और निष्पादन सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। प्रभावी ढंग से संवाद करने, तनाव का सामना करने, मनोवैज्ञानिक मजबूती बनाए रखने और एक-दूसरे का सहयोग करने की कर्मी दल की क्षमता किसी भी मिशन की सफलता और सुरक्षा निर्धारित करती है। नियंत्रित परंतु वास्तविक परिस्थितियों में किए गए अनुरूपी मिशनों का उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कर्मी दल कैसा निष्पादनकरता है।
उपरोक्त संदर्भ में, इसरो ने 2 से 9 अप्रैल, 2026 तक लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश लेह में मिशन मित्रा का संचालन किया है। लेह में लगभग 3,500 मीटर की उच्च ऊंचाई पर हाइपोक्सिया, कम तापमान और एकांत जैसी पर्यावरणीय परिस्थितियां अंतरिक्ष उड़ान प्रचालनोंके लिए एक प्राकृतिक प्रतिरूप के रूप में मौजूद हैं।
मिशन मित्रा, इसरो और भारतीय वायु सेना के एयरोस्पेस मेडिसिन संस्थान द्वारा डिज़ाइन किया गया अपनी तरह का पहला टीम व्यवहार अध्ययन है, जिसका उद्देश्य उच्च तुंगता वाले वातावरण में कार्यरत कर्मीदल और धरती पर उपस्थित टीमों की शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और प्रचालन संबंधी गतिशीलता का अध्ययन करना है। इस अध्ययन का लक्ष्य कर्मीदल (गगनयात्रियों) और भू-नियंत्रण टीमों के बीच टीम की अंतर-प्रचालनीयता और पर्यावरणीय एवं प्रचालन तनाव के तहत निर्णय लेने की प्रभावशीलता के बारे में महत्वपूर्ण समझ विकसित करना है।
सुविधा प्रबंधन और वैधानिक प्रोटोकॉलकी जिम्मेदारी बेंगलूरु स्थित भारतीय स्टार्टअप मेसर्स प्रोटोप्लेनेट प्राइवेट लिमिटेड की है। मिशन मित्रा का उद्घाटन 2 अप्रैल 2026 को बेंगलूरु से आभासी संबोधन के माध्यम से अध्यक्ष, इसरो /सचिव, अंतरिक्ष विभाग डॉ. वी. नारायणन द्वारा किया गया। इस अवसर पर एयर कमोडोर श्री एन. के. त्रिपाठी, निदेशक, एयरोस्पेस मेडिसिन संस्थान(आईएएम), श्री डी. के. सिंह, निदेशक समानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी), श्री गणेश एम. पिल्लई, वैज्ञानिक सचिव, इसरो और श्री हनुमंतराय बालुरगी, निदेशक, समानव अंतरिक्ष कार्यक्रम निदेशालय (डीएचएसपी), इसरो मुख्यालय बेंगलूरु भी उपस्थित थे।
मिशन मित्रा भारत की समानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कर्मी दल के निष्पादन और मानवीय कारकों से प्राप्त वैज्ञानिक डेटा गगनयान कार्यक्रम और भविष्य के दीर्घकालिक मिशनों में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देंगे।