बेंगलूरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों ने सुदूर संवेदन उपग्रह समूह और अंतरिक्ष संस्थिरता पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए वर्ष 2026 की बैठक को संपन्न किया।
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24 जून, 2026

बेंगलूरु में 24 जून, 2026 को ब्रिक्स देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों (एचओएसए) की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें ब्रिक्स के सदस्य देश — ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

बेंगलूरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों ने सुदूर संवेदन उपग्रह समूह और अंतरिक्ष संस्थिरता पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए वर्ष 2026 की बैठक को संपन्न किया।
बेंगलूरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों ने सुदूर संवेदन उपग्रह समूह और अंतरिक्ष संस्थिरता पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए वर्ष 2026 की बैठक को संपन्न किया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)/अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से 23-24 जून, 2026 को हुई इस दो दिवसीय बैठक की मेज़बानी की। इस बैठक में अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह; अध्यक्ष, इसरो और सचिव, अंतरिक्ष विभाग डॉ. वी. नारायणन; और इन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका शामिल हुए। बैठक में बाह्य अंतरिक्ष की शांतिपूर्ण खोज और उपयोग में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बल दिया गया और अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक संस्थिरता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया गया। सत्रों के दौरान, प्रतिनिधिमंडलों ने अहम वैश्विक चुनौतियों, विशिष्टतया सुदूर संवेदन, आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल करने में ब्रिक्स सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

बेंगलूरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों ने सुदूर संवेदन उपग्रह समूह और अंतरिक्ष संस्थिरता पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए वर्ष 2026 की बैठक को संपन्न किया।

ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक में अंतरिक्ष सहयोग के संरचनात्मक और प्रचालनीय ढांचा पर सार्थक प्रगति हुई। इसमें ब्रिक्स सुदूर संवेदन उपग्रह समूह समझौता में संशोधन करके नए ब्रिक्स सदस्यों को सम्मिलित करना भी शामिल है। इसके अलावा, प्रस्तावित ब्रिक्स अंतरिक्ष परिषद के लिए कार्यक्षेत्र पर विस्तार से चर्चा की गई, जो सदस्य देशों के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बेंगलूरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों ने सुदूर संवेदन उपग्रह समूह और अंतरिक्ष संस्थिरता पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए वर्ष 2026 की बैठक को संपन्न किया।

ब्रिक्स अंतरिक्ष सहयोग को आगे बढ़ाते हुए, इन-स्पेस ने भारतीय अंतरिक्ष उद्योग का एक ब्रोशर जारी किया और अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप्स व उद्योगों की प्रस्तुतियों के ज़रिए भारत के बढ़ते निजी अंतरिक्ष परितंत्र को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में निजी उद्योगों की सुविधाओं का दौरा भी शामिल था, जिससे भारत की उन्नत अंतरिक्ष क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।

ब्रिक्स और ब्रिक्स इंडिया 2026 के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://www.brics2026.gov.in/ पर जाएँ।