13 मई, 2026
युवा विज्ञानी कार्यक्रम (युविका) इसरो की एक उत्कृष्ट पहल है जिसका उद्देश्य युवा मन में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देना और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों की प्रारंभिक जानकारी प्रदान करना है। यह भारत के नौवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों के लिए दो सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम है। पिछले पांच संस्करणों के दौरान, विभिन्न इसरो केंद्रों/इकाइयों में 1320 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। इस वर्ष, कार्यक्रम का विस्तार नौ इसरो केंद्रों तक किया गया है, जिसमें दो नए मेजबानी स्थान - आईपीआरसी, महेंद्रगिरि और आरआरएससी जोधपुर शामिल हैं, जिससे व्यापक भौगोलिक पहुंच और परिवर्धित क्षमता संभव हो पाई है।
युवा विज्ञानी कार्यक्रम युविका-2026 के छठे संस्करण का 11 मई, 2026 को बेंगलूरु स्थित इसरो देवनहल्ली गेस्ट हाउस से सचिव, अंतरिक्ष विभाग / अध्यक्ष,इसरो, डॉ. वी. नारायणन द्वारा उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में इसरो के नौ मेजबान केंद्रों ने आभासी रूप से भाग लिया। उद्घाटन समारोह में इसरो के केंद्र निदेशक, वैज्ञानिक सचिव और विभिन्न केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित थे।
युविका-2026 कार्यक्रम के लिए कुल 1,06,530 छात्रों ने पंजीकरण कराया था और 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 456 मेधावी छात्रों का चयन किया गया था। यह कार्यक्रम 11 से 22 मई, 2026 तक निम्नलिखित नौ इसरो/डीओएस केंद्रों/इकाइयों में आयोजित किया जाना है:
सचिव, अंतरिक्ष विभाग/अध्यक्ष, इसरो, डॉ. वी. नारायणन ने आभासी माध्यम से सभी केंद्रों के छात्रों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति के महत्व पर बल दिया, जिससे समाज और राष्ट्र को व्यापक लाभ मिलता है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की यात्रा और उसकी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और गगनयान सहित इसरो की आगामी परियोजनाओंके बारे में बताया और कहा कि भारत के युवा छात्र वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
युविका 2026 कार्यक्रम का उद्देश्य युवा प्रतिभागियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है। छात्रों को अनुभव आधारित शिक्षा और विभिन्न गतिविधियों, जैसे वरिष्ठ वैज्ञानिकों और गगनयात्रियों के साथ बातचीत, व्याख्यान, आरएच 200 रॉकेट के प्रमोचन को प्रत्यक्ष देखना, चंद्रयान-3 किट का स्वयं निर्माण, मॉडल रॉकेट का संयोजन और प्रमोचन, तथा अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों से परिचित कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, एक व्यापक शिक्षण संबंधी अनुभव प्रदान करने के लिए कार्यक्रम के हिस्से के रूप में योग, ध्यान, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा जैसी अतिरिक्त पाठ्येतर गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है।