युविका – युवा विज्ञानी कार्यक्रम (युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम) होम/कार्यक्रम/युविका
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, स्कूली बच्चों के लिए "युवा विज्ञानी कार्यक्रम"- युविका नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, जो अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान में उभरते रुझानों में युवा छात्रों (जो हमारे राष्ट्र के भविष्य के निर्माण खंड हैं) को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों पर बुनियादी ज्ञान प्रदान करने के लिए है। इसरो ने "कैच देम यंग" के लिए इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। इस कार्यक्रम से अधिक छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) आधारित अनुसंधान/कैरियर में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की भी उम्मीद है।
युविका-2024 के लिए चयनित छात्रों की प्रथम सूची PDF - 174 KB
युविका-2024 के लिए चयनित छात्रों की द्वितीय सूची PDF - 548 KB
चयन के मानदंड https://jigyasa.iirs.gov.in/yuvika पर दिए गए हैं।
मई 28, 2023
युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम युविका-2023 का समापन
इसरो द्वारा प्रायोजित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम, युविका-2023, 26 मई 2023 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह हाईस्कूल विद्यार्थियों के लिए दो हफ्तों का आवासीय कार्यक्रम था। 15 से 26 मई के दौरान इसरो/अं.वि. के 7 केंद्रों- वी.एस.एस.सी., तिरुवनंतपुरम, सैक अहमदाबाद, यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु, एस.डी.एस.सी.-शार, श्रीहरिकोटा, एन.आर.एस.सी. हैदराबाद, आइ.आइ.आर.एस., देहरादून एवं उ.पू.-सैक, शिलांग में सभी 28 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों से करीबन 337 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यार्थियों को कक्षा व्याख्यानों, रॉकेट मॉडल, स्काई गेजिंग, रोबोटिक कोडिंग/प्रयोगों, ड्रोन प्रदर्शनों, स्वयं करें (डी.आइ.वाई.) किटों के एकीकरण जैसे क्रियाकलापों सुविधा केंद्रों में यात्रा, और प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ बातचीत आदि के माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोगों से परिचित कराया गया। आवासीय कार्यक्रम के एक भाग के रूप में योग एवं ध्यान, खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं स्थानीय पर्यटक स्थलों की यात्राएं, जैसी पाठ्येतर गतिविधियॉं भी आयोजित की गईं।
मापन दिवस के दिन, श्री एस. सोमनाथ, अध्यक्ष इसरो/सचिव अं.वि. एवं इसरो के केंद्रों के निदेशकों ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और बहुत से नवाचार और अंतर्दर्शी प्रश्नों का समाधान किया। अध्यक्ष, इसरो ने प्रतिभागियों से उनके क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और भविष्य में देश में वैज्ञानिक विकास के स्तंभ बनने के लिए इसरो का ब्रांड अम्बेसडर बनने का आग्रह किया।