16 मार्च, 2026
राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी)/इसरो ने न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनसिल) के साथ मिलकर 13 मार्च, 2026 को हैदराबाद स्थित एनआरएससी में "विकसित भारत के लिए भू प्रेक्षण प्रणालियां - प्रवृत्ति और चुनौतियाँ" विषय पर प्रयोक्ता विचार-विमर्श सम्मेलन (यूआईएम) - 2026 का आयोजन किया। यूआईएम एक वार्षिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य भू-स्थानिक उत्पादों और सेवाओं, अनुप्रयोगों, डेटा संसाधन एवं विश्लेषण में हुई प्रगति के साथ-साथ भविष्य के भू प्रेक्षण (ईओ) मिशनों के बारे में भू-स्थानिक प्रयोक्ता समुदाय को जानकारी देना है। यह इसरो के लिए प्रयोक्ताओं से डेटा और गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। यूआईएम-2026 में उद्योग जगत के 60 अधिकारियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में एक विशेष हिन्दी सत्र सहित छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए और एक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें डेटा संसाधन और भू-स्थानिक अनुप्रयोगों के क्षेत्र में नवीनतम विकास को प्रदर्शित किया गया।
सचिव, अंतरिक्ष विभाग, अध्यक्ष, इसरो एवं अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग, डॉ. वी. नारायणन ने यूआईएम-2026 का उद्घाटन किया और मुख्य भाषण दिया। इस कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग और इसरो के अध्यक्ष तथा अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव श्री ए. एस. किरण कुमार;सचिव, डाक विभाग सुश्री वंदिता कौल;एचवाईडीआरएए, तेलंगाना सरकार के आयुक्त श्री ए. वी. रंगनाथ (आईपीएस);निदेशक, एड्रीन डॉ. नॉवलीन जैकब;निदेशक(तकनीकी एवं रणनीति), एनसिल श्री ए. अरुणाचलम;एनआरएससी के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान और मुख्य महाप्रबंधक (आरआरएससी) एवं अध्यक्ष, आयोजन समिति, यूआईएम-2026, डॉ. एस. के. श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
डॉ. वी. नारायणन ने अपने उद्घाटन भाषण में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उस उल्लेखनीय यात्रा पर प्रकाश डाला, जिसमें अंतरिक्ष अनुप्रयोग सामाजिक आवश्यकताओं, आपदा प्रबंधन और शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। श्री ए. एस. किरण कुमार ने प्रभावी उपयोग के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और नागरिकों के बीच किसी भी प्रकार की दूरी को समाप्त करने पर बल दिया। सचिव, डाक विभाग सुश्री वंदिता कौल ने बताया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी किस प्रकार विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सेवाओं में सहयोग प्रदान करती है, जिससे नागरिकों को अनेक प्रकार से लाभ होता है। श्री ए. वी. रंगनाथ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एचवाईडीआरएए किस प्रकार भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और एनआरएससी/इसरो द्वारा प्रदत्त ऐतिहासिक समय-शृंखला डेटा का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सरकारी संपत्तियों, जल निकायों, सार्वजनिक स्थानों आदि की सुरक्षा, पुनर्स्थापन और आपदा प्रबंधन हेतु आधारभूत सूचना प्रदान कर रहा है।
डॉ. वी. नारायणन ने यूआईएम-2026 के दौरान भुवन जियोपोर्टल पर विकसित और क्रियान्वित किए गए चार अनुप्रयोगों का अनावरण किया। ये हैं: (i) हाइड्रा-रक्षा, हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी के लिए (सरकारी संपत्तियों, सार्वजनिक स्थानों आदि को आपदाओं और अतिक्रमण से बचाने के लिए), (ii) कस्तूरी (स्थानिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके पुरातत्व और विरासत का ज्ञानकोष), (iii) भारत दर्शन (विभिन्न यूनेस्को विरासत स्थलों का भू-स्थानिक आभासी भ्रमण), (iv) डिजीपिन-भुवन (डिजिटल डाक सूचकांक संख्या के प्रत्यक्षीकरण के लिए; डाक विभाग, आईआईटी-हैदराबाद और एनआरएससी की भुवन पर एक पहल)।
तकनीकी सत्रों के दौरान हुई प्रस्तुतियोंने इसरो के वर्तमान और भविष्य के ईओ मिशनों और अनुप्रयोगों, उद्योग द्वारा निर्मित और नियोजित उपग्रहोंके साथ ही डेटा प्रसार मंचों तथा विभिन्न अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला।
पैनल चर्चा में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मौजूद कमियों और भविष्य के ईओ बुनियादी ढांचे एवं अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श किया गया। पैनलिस्टों ने अतिरिक्त और नवीन उपग्रहों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, साथ ही डेटा विश्लेषण के लिए जमीनी बुनियादी ढांचे और क्लाउड मंच की भविष्य की आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। प्रयोक्ताओं ने एसएआर आधारित प्रेक्षणों, सटीक डीईएम और भू नियंत्रण बिंदुओं,कुशल मानव संसाधन संवर्धन, क्षमता निर्माण आदि की मांग पर बल दिया। पैनल चर्चा का समापन इस निष्कर्ष के साथ हुआ कि उद्योग की भूमिका बढ़ाकर भू-स्थानिक क्षेत्र के व्यापक योगदान से विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
सचिव, अंतरिक्ष विभाग, अध्यक्ष, इसरो एवं अंतरिक्ष आयोग, डॉ. वी. नारायणन ने यूआईएम-2026 में अपना मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर अंतरिक्ष आयोग के सदस्य, इसरो के पूर्व अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव श्री ए. एस. किरण कुमार, सचिव, डाक विभाग सुश्री वंदिता कौल, तेलंगाना सरकार के एचवाईडीआरएए आयुक्त श्री ए. वी. रंगनाथ (आईपीएस), निदेशक, एड्रीन डॉ. नॉवलीनजैकब, निदेशक, एनसिल (तकनीकी एवं रणनीति) श्री ए. अरुणाचलम, एनआरएससी के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान और मुख्य महाप्रबंधक (आरआरएससी) एवं अध्यक्ष, आयोजन समिति, यूआईएम-2026, डॉ. एस. के. श्रीवास्तव उपस्थित थे।