12 मार्च, 2026
11 मार्च, 2026 को, सचिव, अंतरिक्ष विभाग/ अध्यक्ष, इसरो, डॉ. वी. नारायणन ने इसरो के परिचयात्मक स्तर के ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता प्रशिक्षण (स्टार्ट-2026) के चतुर्थ संस्करण का उद्घाटन किया।
स्टार्ट कार्यक्रम का वर्ष 2026 संस्करण "अंतरिक्ष से प्रेक्षण" विषय पर केंद्रित है, जिसमें भू,सौर मंडल और उससे परे के अध्ययन हेतु कक्षीय मंचों का उपयोग किया जाता है। इस पाठ्यक्रम में 26 व्याख्यान शामिल हैं, जिन्हें इसरो/डीओएस के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों सहित अखिल भारतीय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। व्याख्यान 2 अप्रैल, 2026 को समाप्त होंगे, जिसके बाद नोडल केंद्रों में पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए एक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। वर्तमान संस्करण में संपूर्णभारत में कुछ सौ शैक्षणिक संस्थान नोडल केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां छात्र समूह-अध्ययन में भाग लेते हैं और स्टार्ट-2026 के समापन के पश्चात आगामी अंतिम ऑनलाइन परीक्षा में अपने प्रदर्शन के आधार पर योग्यता प्रमाण पत्र के पात्र बन जाते हैं।
उद्घाटन भाषण में, सचिव, अंतरिक्ष विभाग / अध्यक्ष, इसरो, डॉ. वी. नारायणन ने भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में छात्र समुदाय को शामिल करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक रुझान का उल्लेख किया और बताया कि भारत किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एक संसाधनपूर्ण वैश्विक योगदानकर्ता के रूप में उत्कृष्टता प्राप्त करने जा रहा है। इस दिशा में उन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ बहु-विषयक जागरूकता विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि अनेक छात्र प्रतिभागी देश की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। श्री ए.एस. किरण कुमार ने वर्ष 2023 में शुरू हुए स्टार्ट कार्यक्रम की सफलता के बारे में बताया। अपने पहले संस्करण से ही, स्टार्ट कार्यक्रम ने देश भर में 1.2 लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अंतरिक्ष प्रेमियों को लाभान्वित किया है।उन्होंने यह भी बताया कि स्टार्ट कार्यक्रम से मेधावी छात्रों की पहचान करने और इसरो के द्विवार्षिक राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान संगोष्ठी के माध्यम से उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान से और अधिक परिचित कराने के लिए किस प्रकार एक तंत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि स्टार्ट के पिछले संस्करणों के छात्रों के एक समूह को एनएसएसएस-2026 में विशेष रूप से आयोजित छात्र सत्र में अपने विचार और कार्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, जिसका आयोजन एनईसैक, उमियम, मेघालय में किया गया था।इसरो के वैज्ञानिक सचिव श्री एम. गणेश पिल्लई ने इस कार्यक्रम में हो रहे निरंतर सुधार और प्रत्येक संस्करण से छात्र समुदाय को मिल रहे लाभ के बारे में बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है, जिसमें ज्ञान के समग्र दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया जाता है। डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह, निदेशक आईआईआरएस, इसरो ने बताया कि पिछले संस्करणों के अनुभव और प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, स्टार्ट कार्यक्रम के इस संस्करण में छात्रों के लाभ हेतु अनेक सुधार किए जाएंगे।
स्टार्ट कार्यक्रम को भौतिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के स्नातकोत्तर तथा अंतिम वर्ष के स्नातक छात्रों को अंतरिक्ष क्षेत्र की ओर आकर्षित करने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।
अंतरिक्ष गतिविधियों के बहु-विषयक प्रकृति का समग्र अवलोकन प्रदान करके, इसरो युवाओं में "तंत्र स्तरीय सोच" विकसित करने का लक्ष्य रखता है। यह प्रयास वर्ष 2047 के "अमृत काल" विज़न के अनुरूप है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और मानवयुक्त चंद्र अवतरण जैसे प्रमुख राष्ट्रीय लक्ष्यों का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक मानव संसाधनों कोसुनियोजित ढ़ंग से तैयारकिया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में इसरो मुख्यालय से डॉ. वी. नारायणन, सचिव, अंतरिक्ष विभाग /अध्यक्ष, इसरो; श्री ए.एस. किरण कुमार, पूर्व सचिव, अंतरिक्ष विभाग /अध्यक्ष, इसरो, अंतरिक्ष आयोग के सदस्य, इसरो के शीर्ष विज्ञान बोर्ड के अध्यक्ष; श्री एम. गणेश पिल्लई, वैज्ञानिक सचिव, इसरो; डॉ. तीर्थ प्रतिम दास, निदेशक, अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम, इसरो मुख्यालय; और डॉ. प्रवीण कुमार के, उप निदेशक, विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय, इसरो मुख्यालय, उपस्थित थे, जबकि डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह, निदेशक, आईआईआरएस, इसरो, देहरादून से जुड़ें थे।इस ऑनलाइन कार्यक्रम में इसरो /डीओएस के केंद्रों/इकाइयों/स्वायत्त निकायों के निदेशकों, इसरो /डीओएस के वैज्ञानिकों/इंजीनियरों के साथ-साथ अखिल भारतीय शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और अंतरिक्ष उत्साही लोगों ने इसरो के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भाग लिया।
उद्घाटन समारोह के बाद, इसरो मुख्यालय के विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय के निदेशक डॉ. तीर्थ प्रतिम दास द्वारा दिए गए "अंतरिक्ष से हम क्या, क्यों और कैसे अवलोकन करते हैं" विषयक संदर्भ व्याख्यान के साथ पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन समारोह और स्टार्ट-2026 संदर्भ व्याख्यान को निम्नलिखित लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है: https://www.youtube.com/live/vxusHltqyd8
बाएँ: अध्यक्ष, इसरो / सचिव, डीओएस इसरो मुख्यालय से स्टार्ट-2026 कार्यक्रम को ऑनलाइन शुरू करते हुए; दायें: आईआईआरएस, देहरादून से निदेशक, आईआईआरएस स्वागत भाषण देते हुए