2 मार्च, 2026
एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र (सीएसएसटीईएपी) ने 16 फरवरी, 2026 को आईआईआरएस, देहरादून के परिसर में स्थित सीएसएसटीईएपी मुख्यालय में अपनी स्थापना की 30वीं जयंती मनाई। पिछले कुछ वर्षों में, सीएसएसटीईएपी ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में आम जनता तक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सचिव, अंतरिक्ष विभाग /अध्यक्ष, इसरो श्री ए.एस. किरण कुमार, सीएसएसटीईएपी- जीबी के सदस्य, इसरो के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी जैसे पूर्व केंद्र निदेशक डॉ. आर.आर. नवलगुंड, डॉ. वाई.वी.एन. कृष्णमूर्ति, डॉ. सेंथिल कुमार, इसरो केंद्रों और इकाइयों के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान, श्री एम. गणेश पिल्लई, श्री पंकज दामोदर किल्लेदार, डॉ. नोवेलिन जैकब, डॉ. एस.पी. अग्रवाल और सीएसएसटीई - मोरक्को क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक उपस्थित थे। अध्यक्ष, इसरो /सचिव, अंतरिक्ष विभाग डॉ. वी. नारायणन ने कार्यक्रम में आभासी रूप से भाग लिया। सीएसएसटीईएपी के पूर्व छात्र, जो वर्तमान में अपने-अपने देशों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं, भी कार्यक्रम में शामिल हुए। देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 85 अतिथि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीएसएसटीईएपी-जीबी के पूर्व अध्यक्षों और सीएसएसटीईएपी के पूर्व निदेशकों के संस्मरणों से हुआ। यूएनओओएसए की निदेशक ने भी इस अवसर पर अपना वीडियो संदेश प्रेषित किया। इसके बाद अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी में शिक्षा की भविष्य की दिशाओं पर दो पैनल चर्चाएँ हुईं। अंत में समापन सत्र हुआ, जिसमें अध्यक्ष, इसरो / सचिव, अंतरिक्ष विभाग मुख्य अतिथि थे। दिन का समापन एक सुनियोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पेशेवर कलाकारों और सीएसएसटीईएपी के छात्रों द्वारा भारतीय संस्कृति और विभिन्न एशियाई एवं प्रशांत देशों की संस्कृतियों का प्रदर्शन किया गया।