एस.1-4, उच्च विभेदन वाला प्रकाशिक भू प्रेक्षण
उपग्रह है, जिसका संसाधनों का सर्वेक्षण करने, पर्यावरण मानीटरन करने, शहरी
प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाता है।
पी.एस.एल.वी.-सी.42 मिशन होम/मीडिया/ अभिलेखागार/ पी.एस.एल.वी.-सी.42 मिशन
पी.एस.एल.वी.-सी.42 द्वारा 16 सितंबर, 2018 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र
एस.डी.एस.सी. शार, श्रीहरिकोटा से दो विदेशी उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन किया गया। इस मिशन को
एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, अंतरिक्ष विभाग के साथ वाणिज्यिक करार के तहत मेसर्स सुर्रे उपग्रह
प्रौद्योगिकी लिमिटेड एस.एस.टी.एल., यूनाटेड किंगडम के दो भू प्रेक्षण उपग्रहों, नोवासार एवं एस.1-4
लगभग 889 कि.ग्रा. का कुल वजन को प्रमोचित करने हेतु डिजाइन किया गया था। दोनों उपग्रहों को 583
कि.मी. की सूर्य तुल्यकाली कक्षा में अंत:क्षेपित किया गया था।
नोवासार, एस.-बैंड संश्लेषी द्वारक रडार उपग्रह है, जो वन मानचित्रण, भू उपयोग एवं हिम आच्छादन मानीटरन, बाढ़ एवं आपदा मानीटरन के लिए निर्दिष्ट है।
नोवासार, एस.-बैंड संश्लेषी द्वारक रडार उपग्रह है, जो वन मानचित्रण, भू उपयोग एवं हिम आच्छादन मानीटरन, बाढ़ एवं आपदा मानीटरन के लिए निर्दिष्ट है।