25 फ़रवरी, 2026
एनवीएस शृंखला का दूसरा अंतरिक्ष यान, एनवीएस-02, 29 जनवरी, 2025 को 00:53 यूटी पर 20.8o की आनति वाली 170 x 37785 किमी की दीर्घवृत्ताकार स्थानांतरण कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। अंतरिक्ष यान 01:12:08 यूटी पर प्रमोचन यान (जीएसएलवीएफ15) से अलग हुआ। प्रमोचन यान से उपग्रह के अलग होने के बाद, सौर पैनलों का प्रस्तरण और बिजली उत्पादन के लिए अभिविन्यास को स्थिर करने सहित उपग्रह पर कई स्वायत्त गतिविधियाँ की गईं। हालांकि, दीर्घवृत्ताकार से वृत्ताकार कक्षा में कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
प्रेक्षणों की समीक्षा करने तथा आगे की कार्यवाही की सिफारिश करने हेतु एक शीर्ष समिति का गठन किया गया। उपलब्ध दूरमिति आँकड़ों के आधार पर विस्तृत अनुकरण अध्ययन भी किए गए। अनुकरण डेटा के गहन विश्लेषण के पश्चात शीर्ष समिति ने निष्कर्ष निकाला कि उक्त प्रेक्षण का मुख्य कारण यह था कि कक्षा-उत्थापन के लिए प्रयुक्त इंजन की ऑक्सीडाइज़र लाइन के पायरो वाल्व तक परिचालन संकेत नहीं पहुँच पाया। समिति ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि प्रेक्षण का सबसे संभावित कारण संबंधक के संपर्कों (मुख्य तथा अतिरिक्त, दोनों मार्गों में से) कम से कम एक का संपर्क टूटना था।
समिति ने भविष्य के मिशनों में पायरो प्रणाली के संचालन की अतिरिक्त क्षमता और विश्वसनीयता को बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ सिफारिशें प्रस्तुत की हैं। इन सिफारिशों के अनुरूप, 2 नवंबर 2025 को सीएमएस-03 अंतरिक्ष यान को एलवीएम-3 एम5 द्वारा प्रमोचित किए जाने के दौरान सभी सुधारात्मक उपाय सफलतापूर्वक लागू किए गए। पायरो प्रणालियों ने संतोषजनक प्रदर्शन किया तथा उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया। इसके अतिरिक्त, जहाँ भी लागू होगा, इन सिफारिशों का अनुपालन भविष्य के सभी मिशनों में किया जाएगा।