भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन चंद्र ध्रुवीय क्षेत्र की गहन समझ के लिए उन्नत डेटा उत्पाद प्रदान करता है।
होम / भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन चंद्र ध्रुवीय क्षेत्र की गहन समझ के लिए उन्नत डेटा उत्पाद प्रदान करता है।

8 नवंबर, 2025

चंद्रयान-2 ऑर्बिटर वर्ष 2019 से चंद्रमा की कक्षा में है और उच्च गुणवत्ता वाले आँकड़े प्रदान कर रहा है। इसके नीतभारों में से एक, द्वै आवृत्ति संश्लेषी द्वारक रडार (डीएफएसएआर) पहला ऐसा उपकरण है जिसने एल-बैंड का उपयोग करते हुए पूर्ण-ध्रुवीकरण मोड में और सबसे उच्च विभेदन (25 मीटर प्रति पिक्सेल) पर चंद्रमा का मानचित्रण किया है। यह उन्नत रडार मोड ऊर्ध्व और क्षैतिज दोनों दिशाओं में संकेत भेजता और प्राप्त करता है, जिससे यह सतह की विशेषताओं के अध्ययन के लिए अत्यंत उपयुक्त बन जाता है।

प्रमोचन के बाद से लगभग 1400 रडार डेटा सेट एकत्र किए गए और संसाधित किए गए हैं, जिनसे चंद्रमा के उत्तर और दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्रों (80 से 90 डिग्री अक्षांश) के पोलरिमेट्रिक मोज़ाइक तैयार किए गए हैं। इन डेटा सेटों का उपयोग करते हुए, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक), अहमदाबाद के वैज्ञानिकों ने हिम-जल की संभावित उपस्थिति, सतह का खुरदरापन, तथा एक महत्वपूर्ण विद्युत गुण- डाइइलेक्ट्रिक स्थिरांक पर उन्नत डेटा उत्पाद विकसित किए हैं, जो चंद्र सतह की घनत्व और छिद्रता जैसी विशेषताओं का वर्णन करते हैं। पूर्ण-ध्रुवीकरण डेटा के विश्लेषण हेतु एल्गोरिथ्म का विकास किया गया है तथा इन डेटा उत्पादों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा पूर्णतः स्वदेशी रूप से सृजित किया गया है।

ये उन्नत डेटा उत्पाद चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों के बारे में प्राथमिक स्तर की जानकारी प्राप्त करने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह माना जाता है कि ऐसे क्षेत्र सौरमंडल की प्रारंभिक रासायनिक अवस्थाओं को संरक्षित किए हुए हैं, जो विभिन्न ग्रहों के विकास से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को समझाने के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत प्रदान करते हैं। चंद्र ध्रुवीय क्षेत्रों पर इस प्रकार के तुरंत उपयोग में आनेवाले डेटा उत्पाद सदैव से अत्यधिक माँग में रहे हैं, क्योंकि ये भविष्य के चंद्र अन्वेषण के लिए ध्रुवीय क्षेत्रों की विशेषताओं के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। ये डेटा उत्पाद चंद्रमा पर खनिजों के वितरण के अध्ययन में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा के पूरक के रूप में कार्य करते हैं।

ध्रुवीय मोज़ाइक में प्रमुख रडार पैरामीटर शामिल हैं जो चंद्रमा की सतह और उपसतह की भौतिक तथा परावैद्युत विशेषताओं को दर्शाते हैं।

इन मापदंडों में शामिल हैं:

  • वृत्ताकार ध्रुवीकरण अनुपात (सीपीआर): हिम-जल की संभावित उपस्थिति का सूचक।
  • एकल उछाल आइजेनवैल्यू सापेक्ष अंतर (SERD): सतह खुरदरापन को दर्शाता है।
  • टी-अनुपात: पदार्थ के परावैद्युत स्थिरांक से संबंधित।
  • पोलारिमेट्रिक अपघटन घटक: विभिन्न प्रकार के रडार बिखराव (विषम, सम, आयतन, हेलिक्स) दिखाते हैं।

व्युत्पन्न ध्रुवीय मोज़ेक उत्पाद (स्तर 3सी) उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किए गए हैं और भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डेटा केंद्र (आईएसएसडीसी) प्रदान (PRADAN) वेबसाइट पर निःशुल्क उपलब्ध हैं:

https://pradan.issdc.gov.in/ch2/protected/browse.xhtml?id=sar

उत्पादों को CH2 MapBrowse में देखा जा सकता है :

https://chmapbrowse.issdc.gov.in/MapBrowse/

इसरो वैज्ञानिक समुदाय को इन डेटा उत्पादों का अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Lunar Polar Region Image1

चित्र: चंद्र उत्तरी (बाएं) और दक्षिणी (दाएं) ध्रुव के रडार पोलरिमेट्रिक अपघटन मानचित्र

Lunar Polar Region Image2

चित्र: मोज़ाइक पर चिन्हित भाग से लिया गया चंद्र उत्तरी ध्रुव के पीयरी क्रेटर क्षेत्र का (बाएँ) ऑप्टिकल तथा (दाएँ) डीएफएसएआर चित्र।