अंतरराष्ट्रीय ग्रहीय डेटा गठबंधन (आईपीडीए) 2026 की कार्यशाला और संचालन समिति की बैठक इस्ट्रैक-इसरो में सफलतापूर्वक संपन्न हुई
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04 जून, 2026

अंतरराष्ट्रीय ग्रहीय डेटा गठबंधन (आईपीडीए) ने भारत के बेंगलूरु स्थित इसरो के दूरमिति, अनुवर्तन और आदेश संचारजाल (इस्ट्रैक) केंद्र में अपने वर्ष 2026 के वार्षिक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक समापन किया। पांच दिवसीय इस गहन सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख ग्रहीय वैज्ञानिक, डेटा इंजीनियर और अंतरिक्ष एजेंसी के प्रतिनिधि एक साथ आए और ग्रहीय डेटा के संग्रहण, दीर्घकालिक संरक्षण और अंतर-एजेंसी वैज्ञानिक अंतरसंचालनीयता के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को बढ़ावा देने का प्रयास किया।

वर्ष 2006 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय ग्रहीय डेटा गठबंधन (आईपीडीए) अंतरिक्ष एजेंसियों और ग्रहीय डेटा संगठनों का एक प्रमुख वैश्विक सहयोग है। इसका मूल उद्देश्य विश्व भर में ग्रहीय डेटा संग्रहालयों के बीच एकीकृत मानकों, प्रोटोकॉल और सर्वोत्तम प्रथाओं को स्थापित करना और बढ़ावा देना है, ताकि गहरे अंतरिक्ष मिशनों से प्राप्त मूल्यवान वैज्ञानिक डेटा वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए दीर्घकालिक रूप से सुलभ और उपयोगी बना रहें।

आईपीडीए-2026 का शुभारंभ तीन दिवसीय तकनीकी कार्यशाला और प्रदर्शनों के साथ 18-20 मई, 2026 के बीच हुआ, जिसके उपरांत 21-22 मई, 2026 को आईपीडीए संचालन समिति की बैठक हुई, जिसका आयोजन भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डेटा केंद्र - इस्ट्रैक, संकेत एवं प्रतिबिंबन संसाधन क्षेत्र - सैक और विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय, इसरो मुख्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि, अंतरिक्ष आयोग के सदस्य और शीर्ष विज्ञान बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए एस किरण कुमार ने यूआरएससी, इस्ट्रैक, लिओस और इसरो मुख्यालय के कार्यक्रम कार्यालयों के निदेशकों की उपस्थिति में किया।

कार्यशाला का आयोजन 5 तकनीकी सत्रों में किया गया था, जिसमें ईएसए, नासा, यूरोप्लेनेट, जाक्सा, एस्ट्रोमैट, इसरो/डीओएस, सीएनईएस आदि जैसे विभिन्न अंतरिक्ष संगठनों के ऐसे विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किया गया जो मूलभूत ग्रहीय डेटा अवसंरचनाओं पर गहन शैक्षणिक कार्यों पर लगे हुए हैं। इस कार्यशाला में देश भर से लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। चंद्रयान-4, चंद्रयान-5 और शुक्र कक्षीय मिशन की नीतभार टीमों की भी कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी देखी गई।

महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्यशाला में नमूना वापसी मिशन - एक तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र जिसके लिए कठोर वैश्विक मानकीकरण की आवश्यकता है, उसके लिए डेटा संग्रह के ढांचे को समर्पित विशेष मार्ग शुरू किए गए। टेबल एक्सेस प्रोटोकॉल (टीएपी) पर भी प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जो आईपीडीए की एक सतत पहल है जिसका उद्देश्य तीन प्रमुख क्षेत्रों - ग्रहीय, सौर और खगोलीय विज्ञान - में डेटा पहुंच को मानकीकृत करके डेटा साइलो को तोड़ना है।

पिछले दो दिनों में आयोजित वार्षिक संचालन समिति की बैठक मुख्य कार्यक्रम रहा, जिसमें मेज़बान एजेंसी इसरो के साथ-साथ प्रमुख अंतरिक्ष संगठन भी शामिल हुए। प्रत्येक प्रतिभागी एजेंसी के प्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष के दौरान ग्रहीय डेटा प्रबंधन में अपनी उपलब्धियों पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने अंतरिक्ष एजेंसियों के समक्ष आने वाली समकालीन तकनीकी और प्रचालन संबंधी चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया, महत्वपूर्ण सीखों को साझा किया और यह आकलन किया कि उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग वैश्विक ग्रहीय डेटा प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए किस प्रकार किया जा सकता है।

इस प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम की मेजबानी करके, इसरो वर्तमान और भविष्य के गहन अंतरिक्ष अन्वेषण मिशनों द्वारा उत्पन्न डेटा भंडार के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्चतम वैश्विक मानकों को सुनिश्चित करते हुए मुक्त विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।

अंतरराष्ट्रीय ग्रहीय डेटा गठबंधन (आईपीडीए) 2026

IPDA 2026 workshop participants