इसरो मुख्यालय, बेंगलूरु में भारत-अमेरिका सिविल अंतरिक्ष संयुक्त कार्य समूह की बैठक
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12 अगस्त, 2026
भारत-अमेरिका सिविल अंतरिक्ष संयुक्त कार्य समूह (सीएसजेडब्ल्यूजी) की 9वीं बैठक की मेजबानी भारत द्वारा 5-6 अगस्त 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय, बेंगलूरु में की गई।
अध्यक्ष, इसरो और सचिव, अंतरिक्ष विभाग, डॉ. वी. नारायणन और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया और दोनों देशों के मध्य अंतरिक्ष सहयोग को और मज़बूत करने के महत्व पर बल दिया। बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से इसरो के यू आर राव उपग्रह केंद्र के निदेशक, श्री एम. शंकरन, और अमेरिकी पक्ष से महासागर एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण तथा वैज्ञानिक मामले के सहायक सचिव डॉ. वेस्ली ब्रूक्स और नासा की अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर-एजेंसी संबंधों की एसोसिएट प्रशासक सुश्री कैथलीन कारिका ने की।
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फरवरी 2025 में जारी संयुक्त नेताओं के बयान के अनुरूप, अमरीका-इंडिया की ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी (टीआरयूएसटी) पहल के अंतर्गत सिविल और वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग को आगे बढ़ाया गया।
दोनों पक्षों ने विगत वर्ष नासा-इसरो के संयुक्त सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) मिशन के सफल प्रमोचन के बाद सहयोग बढ़ाने और भावी विज्ञान तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रौद्योगिकी में सहयोग करने पर चर्चा की। उन्होंने बाहरी अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर संयुक्त राष्ट्र समिति (सीओपीयूओएस) के दिशानिर्देशों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समिति की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए चल रहे बहुपक्षीय प्रयासों की समीक्षा भी की।
नासा ने इसरो को अपने मून बेस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जो आर्टेमिस समझौते के अंतर्गत दोनों देशों की साझेदारी पर आधारित है। दोनों पक्ष इस समझौते के अंतर्गत मुक्त वैज्ञानिक डेटा साझाकरण में सहयोग के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।