इसरो ने आगामी एलवीएम3 मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन का उड़ान स्वीकृति परीक्षण सफलतापूर्वक
संपन्न किया
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/ इसरो ने आगामी एलवीएम3 मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन का उड़ान स्वीकृति परीक्षण
सफलतापूर्वक संपन्न किया।
07 जुलाई, 2026
एलवीएम3 प्रमोचन यान का ऊपरी चरण स्वदेशी रूप से विकसित सीई20 क्रायोजेनिक इंजन से शक्ति प्राप्त करता है। यह इंजन 19 से 22 टन के प्रणोद स्तर पर काम करने की भी अर्हता रखता है और इस इंजन ने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 तथा तीन वाणिज्यिक मिशन समेत एलवीएम3 के निरंतर 8 मिशनों में सफल प्रदर्शन किया है। गगनयान मिशन में उपयोग के लिए इस इंजन की मानव-अनुकूलन अर्हता की ज़रूरतें भी पूरी कर ली गई हैं।
समुद्र-स्तर की स्थितियों में 100 के पूर्ण क्षेत्रफल अनुपात वाले नोज़ल के साथ सीई20 इंजन के परीक्षण को संभव बनाने के लिए नोज़ल सुरक्षा प्रणाली (एनपीएस) विकसित की गई और अनेक परीक्षणों के माध्यम से एक अर्हता प्राप्त इंजन पर इसे प्रमाणित किया गया। एनपीएस को लागू करने से उच्च तुंगता परीक्षण (एचएटी) वाली स्थितियों में परीक्षण से जुड़ी जटिल गतिविधियां आसान हो जाती हैं; इसमें कम संसाधनों की ज़रूरत होती है और परीक्षण की अवधि को बढ़ाना संभव हो पाता है।
6 जुलाई 2026 को इसरो नोदन परिसर, महेंद्रगिरि में मुख्य इंजन एवं चरण परीक्षण सुविधा (एमईटी) पर एलवीएम3-एम7 मिशन के लिए निर्धारित सीई20 इंजन का उड़ान स्वीकृति तप्त परीक्षण पहली बार एनपीएस का उपयोग करके 22 टन के प्रणोद स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस परीक्षण के दौरान, इंजन को 19.5 टन के प्रणोद स्तर पर 45 सेकंड और 22 टन के प्रणोद स्तर पर 25 सेकंड तक प्रचालित किया गया।
परीक्षण के नतीजों से इंजन प्रणाली और एनपीएस के संतोषजनक प्रदर्शन की पुष्टि होती है। इंजन को और बेहतर बनाया जाएगा तथा एलवीएम3-एम7 यान के लिए तैयार किए जा रहे सी32 उड़ान चरण में समायोजित किया जाएगा।
ई18 इंजन के उड़ान स्वीकृति तप्त परीक्षण की तस्वीर