इसरो को लोक सेवा में उत्कृष्टता के लिए एआईएमए विशेष पुरस्कार - 2025 से सम्मानित किया गया
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09 अप्रैल, 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) द्वारा "2025 के लिए लोक सेवा में उत्कृष्टताके लिए एआईएमए विशेष पुरस्कार" से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित एआईएमए की प्लेटिनम जयंती (70वीं) के राष्ट्रीय नेतृत्व सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

भारत सरकार के माननीय केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। अध्यक्ष, इसरो/सचिव, अंतरिक्ष विभाग की ओर से, विशिष्ट वैज्ञानिक और मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी), इसरो के निदेशक श्री दिनेश कुमार सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

इस अवसर पर, एआईएमए ने राष्ट्रीय विकास की यात्रा में अंतरिक्ष-आधारित प्रणालियों और अनुप्रयोगों की स्थापना और प्रचालन में इसरो के सतत प्रयासों को सराहा। इसरो के कार्यक्रमों ने कृषि, वानिकी, संचार, दूरस्थ-शिक्षा और दूरस्थ-चिकित्सा सहित प्रमुख क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की हैं। संगठन द्वारानाविक के माध्यम से क्षेत्रीय नौवहन में योगदान और आपदा प्रबंधन तंत्रों को दी गई सहायता की भी सराहाना की गई।

इसरो को लोक सेवा में उत्कृष्टता के लिए एआईएमए विशेष पुरस्कार - 2025 से सम्मानित किया
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यह पुरस्कार उद्योगों को प्रमोचन यान और उपग्रह प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण सहित शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी विशेषज्ञता के प्रसार के माध्यम से राष्ट्रीय अंतरिक्ष परितंत्र को मजबूत करने में इसरो की भूमिका को भी मान्यता प्रदान करता है, जिसने कई छात्र उपग्रहों के विकास को सुगम बनाया है।

एआईएमए ने इस बात पर प्रकाश डाला किवर्ष 1969 में अपनी स्थापना के बाद से, इसरो ने प्रमोचन यान और उपग्रह प्रौद्योगिकी में मजबूत क्षमताएं विकसित करते हुए 100 से अधिक प्रमोचन यान मिशन पूरे किए हैं और 430 से अधिक उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है। इस सम्मान के अंतर्गत, चंद्र और मंगल मिशनों सहित ग्रहीय अन्वेषण में इसरो की उपलब्धियों के साथ-साथ मानव अंतरिक्ष उड़ान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का विकास और आदित्य-एल1 एवं एक्सपोसैट जैसे वैज्ञानिक मिशनों से संबंधित प्रयासों को भी सराहा गया।

इसरो अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान देने के साथ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों और अनुसंधान में प्रगति जारी रखे हुए है।