इसरो ने आईआईआरएस, देहरादून में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरुकता प्रशिक्षण (एसटीएआरटी) क्षमता निर्माण कार्यशाला-2026 आयोजित की।
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29 जुलाई, 2026

27 जुलाई, 2026 को इसरो-एसटीएआरटी क्षमता निर्माण कार्यशाला - 2026 का उद्घाटन सत्र

27 जुलाई, 2026 को इसरो-एसटीएआरटी क्षमता निर्माण कार्यशाला - 2026 का उद्घाटन सत्र

27 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच, इसरो देहरादून के आईआईआरएस में हाल ही में प्रारंभ की गई इसरो-एसटीएआरटी क्षमता निर्माण कार्यशाला के माध्यम से इसरो-एसटीएआरटी कार्यक्रम का आखिरी सत्र आयोजित कर रहा है, जिससे आईआईआरएस, देहरादून के 12 अनुसंधान अध्येता सहित 50 छात्रों को लाभ होगा। इनमें से भारत के पृथक राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 38 छात्र स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के हैं, जिन्हें इसरो-एसटीएआरटी ऑनलाइन परीक्षा में उच्च स्थान प्राप्त करने वालों में से कड़े नियमों के आधार पर चुना गया है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन अंतरिक्ष आयोग के सदस्य और अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव/इसरो के पूर्व अध्यक्ष श्री ए.एस. किरण कुमार ने किया। इस मौके पर आईआईआरएस, देहरादून के निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह, इसरो मुख्यालय के विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय के निदेशक डॉ. तीर्थ प्रतिम दास, आईआईआरएस के जीआईटी-डीएल विभाग के प्रमुख डॉ. हरीश कर्नाटक और आईआईआरएस के वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित थे।

अवरक्त सुदूर संवेदन पर प्रयोग
उपग्रह डेटा का उपयोग करके ज़मीन की सतह के तापमान के विश्लेषण पर व्यावहारिक सत्र

बाएँ: अवरक्त सुदूर संवेदन पर प्रयोग; दाएँ: उपग्रह डेटा का उपयोग करके ज़मीन की सतह के तापमान के विश्लेषण पर व्यावहारिक सत्र

इसरो-एसटीएआरटी क्षमता निर्माण कार्यशाला-2026 में कई तत्व सम्मिलित हैं, जैसे अंतरिक्ष विज्ञान और उसके उपयोग पर उन्नत व्याख्यान, इसरो / अंतरिक्ष विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ चर्चा, वैज्ञानिक अवधारणाओं (जैसे आईआर सुदूर संवेदन, रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी इत्यादि) का व्यावहारिक प्रदर्शन, उपग्रह डेटा विश्लेषण पर व्यावहारिक अभ्यास और परियोजना कार्य। देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों की टीमें बनाकर परिदेय-परियोजना देने का कार्य सौंपा जाता है। इस गहन जुड़ाव ने छात्रों में अंतरिक्ष- आधारित तकनीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाई है, और इस कार्य के द्वारा कुछ छात्र अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

इसरो वर्ष 2023 से एसटीएआरटी कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसमें हर वर्ष अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक खास विषय पर पूरे देश के विशेषज्ञों द्वारा लगभग 20 से 25 विशेष व्याख्यान दिए जाते हैं, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए होते हैं। इसरो-एसटीएआरटी और इसरो की हर दो साल में होने वाली वैज्ञानिक बैठक ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान संगोष्ठी’ के बीच भी एक कार्यक्रमात्मक संबंध स्थापित किया गया है, जिसमें एसटीएआरटी परीक्षा में उच्च स्थान प्राप्त किए छात्रों में से चुने गए छात्र गहन सलाह और विचारों के आदान-प्रदान के लिए विशेष रूप से आयोजित छात्र सत्र में भाग लेते हैं। ‘अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी की समीक्षा’ विषय पर आधारित एसटीएआरटी-2023 के व्याख्यानों को एआईसीटीई ने एक क्रेडिट कोर्स के तौर पर शामिल किया है। 11 मार्च से 2 अप्रैल, 2026 के बीच आयोजित एसटीएआरटी-2026 का विषय ‘अंतरिक्ष से वैज्ञानिक प्रेक्षण’ था, जिसका उद्घाटन 11 मार्च, 2026 को सचिव, अंतरिक्ष विभाग / अध्यक्ष, इसरो ने किया था। एसटीएआरटी कार्यक्रम से अब तक कुल मिलाकर अनुमानतः 1.6 लाख छात्रों, संकाय सदस्यों और अंतरिक्ष उत्साही लोगों को फायदा हुआ है।