कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा एवं मिशन आई.टी. (आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026) पर इसरो/अं.वि. संगोष्ठी
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28 अक्टूबर, 2026

कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा एवं मिशन आई.टी. (आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026) पर इसरो/अं.वि. संगोष्ठी 22-23 अक्तूबर 2026 के दौरान डॉ. के. कस्तूरीरंगन ऑडिटोरियम, उ.पू.-सैक में आयोजित किया गया था। यह संगोष्ठी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से संबंधित कम्प्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, मिशन आई.टी., कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उदीयमान प्रौद्योगिकियों में हाल ही की प्रगति, अनुसंधान निष्कर्षों और प्रचालनात्मक अनुभवों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए उत्तर-पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (उ.पू.-सैक) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अंतरिक्ष विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वी. नारायणन, सचिव, अंतरिक्ष विभाग एवं अध्यक्ष, इसरो, उपस्थित थे, जिन्होंने औपचारिक रूप से आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र के सभी कार्यनीतिक क्षेत्रों (ऑनलाइन मोड में) में सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया और इस बात पर प्रकाश डाला कि उन्नत कम्प्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, सुरक्षित, विश्वसनीय और मिशन-रेडी अंतरिक्ष क्षमताओं को सुनिश्चित करने के लिए यह संगोष्ठी समय की आवश्यकता है। डॉ. एस.पी. अग्रवाल, निदेशक, उ.पू.-सैक एवं अध्यक्ष, सलाहकार समिति के स्वागत भाषण से सत्र की शुरुआत से हुई, तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. वी. नारायणन ने अभिभाषण प्रस्तुत किया। श्री राजीव चेतवानी, निदेशक, डी.आई.एस.एम., इसरो मुख्यालय एवं वैकल्पिक अध्यक्ष, सलाहकार समिति ने भी सभा को संबोधित किया। अतिथिगणों के रूप में, डॉ. प्रकाश चौहान, निदेशक, एन.आर.एस.सी. (ऑनलाइन मोड में), और श्री एम. गणेश पिल्लै, वैज्ञानिक सचिव, इसरो ने विश्वसनीय, सुरक्षित और मिशन-तैयार क्षमताओं को सशक्त करने में उन्नत कम्प्यूटिंग, बुद्धिमान प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा और अंतर-केंद्र सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उद्घाटन कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ श्री एम. गणेश पिल्लै, वैज्ञानिक सचिव, इसरो द्वारा आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 की कार्यवाही का विमोचन भी शामिल था। डॉ. दिब्यज्योति चौटिया, अध्यक्ष, आयोजन समिति, आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 एवं प्रमुख, जी.आई.डी., उ.पू.-सैक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

संगोष्ठी को उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें छह विषयगत क्षेत्रों में 248 लेखसार और 200 पूर्ण लेख स्वीकार किए गए। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 30 तकनीकी सत्र शामिल थे, जिसमें छह आमंत्रित व्याख्यान के साथ दो पूर्ण सत्र शामिल थे, जिसके दौरान 154 लेख प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों ने इसरो/अं.वि. केंद्रों एवं यूनिटों के वैज्ञानिकों, अभियंताओं और तकनीकी पेशेवरों को अपना कार्य प्रस्तुत करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और उदीयमान तकनीकी रुझानों तथा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया। उ.पू.-सैक सहित इसरो/अं.वि. केंद्रों एवं यूनिटों के कुल 195 प्रतिभागियों ने संगोष्ठी में भाग लिया, जो सशक्त अंतर-केंद्रीय भागीदारी को दर्शाता है।

संगोष्ठी का समापन छह विषयगत क्षेत्रों में उत्कृष्ट तकनीकी योगदान से प्रतिभागी प्रतिक्रिया और सर्वश्रेष्ठ लेख प्रस्तुतिकरण पुरस्कारों के साथ हुआ। आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 ने क्रॉस-सेंटर सहयोग, साइबर लचीलापन, मिशन आश्वासन एवं स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के महत्व को सुदृढ़ किया और भारत के भावी अंतरिक्ष मिशनों को सशक्त करने में कम्प्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, मिशन आई.टी. तथा उदीयमान प्रौद्योगिकियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

उद्घाटन सत्र

उद्घाटन सत्र

आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 लेख संग्रह जारी

आई.एस.सी.2 एम.आई.टी.-2026 लेख संग्रह जारी

प्रतिभागियों का समूह छायाचित्र

प्रतिभागियों का समूह छायाचित्र