इसरो के आदित्य-एल1 ने पृथ्वी के अदृश्य चुंबकीय कवच पर शक्तिशाली सौर तूफान के प्रभावों का विश्लेषण किया
होम / इसरो के आदित्य-एल1 ने पृथ्वी के अदृश्य चुंबकीय कवच पर शक्तिशाली सौर तूफान के प्रभावों का विश्लेषण किया

10 जनवरी, 2026

अंतरिक्ष मौसम अंतरिक्ष की वो स्थितियाँ हैं जो सूर्य पर होने वाली सौर प्लाज्मा विस्फोट जैसे क्षणिक गतिविधियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसके कारण पृथ्वी पर उपग्रहों, संचार एवं नौवहन सेवाओं तथा विद्युत ग्रिड अवसंरचना प्रभावित हो सकती हैं। ऐसी तीव्र अंतरिक्ष मौसमी घटनाओं के दौरान, पृथ्वी का चुंबकीय कवच काफी हद तक प्रभावित हो सकता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और शोध छात्रों ने आदित्य-एल1 मिशन से प्राप्त प्रेक्षणों के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशनों के आंकड़ों का उपयोग करते हुए एस्ट्रोफिजिकल जर्नल (डीओआई 10.3847/1538-4357/एई 1974, दिसंबर 2025) में एक अभूतपूर्व अध्ययन प्रकाशित किया है, जिसमें अक्तूबर 2024 के दौरान पृथ्वी पर आए एक शक्तिशाली सौर तूफान की जांच की गई है। यह तूफान सूर्य से निकले सौर प्लाज्मा पदार्थ के विशाल विस्फोट के कारण उत्पन्न हुआ था। अध्ययन से पता चला कि सबसे गंभीर प्रभाव सौर तूफान के अशांत क्षेत्र के दौरान हुए, जिसकी पहचान आदित्य-एल1 प्रेक्षणों की सहायता से की गई थी।

इस अशांत क्षेत्र ने पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को अत्यधिक संकुचित कर दिया, जिससे यह असामान्य रूप से पृथ्वी के निकट आ गया और भूस्थिर कक्षा में स्थित कुछ उपग्रह थोड़े समय के लिए कठोर अंतरिक्ष परिस्थितियों के संपर्क में आ गए। यह घटना केवल गंभीर अंतरिक्ष मौसम की घटनाओं के दौरान ही घटित होती है। तूफान के अशांत चरण के दौरान, ऑरोरल क्षेत्र (उच्च अक्षांशों) में धाराएँ अत्यधिक तीव्र हो गईं, जिससे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल का तापमान बढ़ गया और वायुमंडलीय वाष्पीकरण में वृद्धि हुई। इस अध्ययन के निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि महत्वपूर्ण अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरिक्ष मौसमी घटनाओं की समझ और उनके वास्तविक समय आकलन का अत्यधिक महत्व है।

ISRO's Aditya-L1 decodes the Impact of a Powerful Solar Storm on Earth’s Invisible Magnetic Shield

चित्र: यह चित्र सौर तूफान और पृथ्वी के चुंबकत्व मंडल के साथ इसकी परस्पर क्रिया का कलात्मक चित्रण प्रस्तुत करता है। पृथ्वी का चुंबकत्व मंडल एक अदृश्य ढाल की तरह काम करता है जो हमें सूर्य से आने वाले हानिकारक आवेशित कणों से बचाता है। आदित्य-एल1 ने सौर तूफान की संरचना का प्रेक्षण किया और पृथ्वी के चारों ओर मौजूद अन्य अंतरिक्ष यानों द्वारा एकत्रित आंकड़ों के साथ मिलकर पृथ्वी के पर्यावरण पर इसके प्रभाव के निर्धारण में सहायता की। यह चित्र सौर तूफान के प्रक्षुब्ध मोर्चे के प्रभाव से पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों (ऑरोरल क्षेत्र) के आसपास विद्युत धाराओं की अत्यधिक तीव्रता को दर्शाता है। यह चित्र केवल दृश्यात्मक चित्रण के लिए है और वास्तविक पैमाने के अनुसार नहीं बनाया गया है।

संदर्भ: थमपी, एस. वी., भास्कर, ए., वेणुगोपाल, आई., बिस्वास, एस., एवं यादव, वी. के. (2025). 2024 अक्तूबर की अंतरिक्ष मौसम घटना के दौरान आईसीएमई के प्रक्षुब्ध आवरण द्वारा उत्पन्न अत्यधिक भूप्रभावशीलता। दी एस्ट्रोफिज़िकल जर्नल, 995(2), 226. https://doi.org/10.3847/1538-4357/ae1974