29 जनवरी, 2026
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए वर्ष 2025 एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा, जिसमें हमने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। 2025 में, हमने लगभग 231 उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनमें मिशन, भू परीक्षण, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और अंतरिक्ष से संबंधित सभी गतिविधियाँ शामिल हैं।साथ ही,12 रोहिणी प्ररिज्ञापी रॉकेट उड़ानें भी शामिल हैं। प्रत्येक उपलब्धि के साथ विभाग ने अपनी उत्कृष्टता, विरासत और उत्कृष्ट टीम वर्क को साबित किया।
(क) मिशन
हमने 2025 में बहुत महत्वपूर्ण मिशन संचालित किए एवं प्रत्येक मिशन से कुछ न कुछ अनूठी उपलब्धि अर्जित की।
(ख) प्रौद्योगिकी प्रदर्शन परीक्षण
(ग) गगनयान कार्यक्रम
(घ) अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार और गैर-सरकारी कंपनियों को ठोस सहयोग प्रदान करना
अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार के तहत, अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) देश में गैर-सरकारी कंपनियों (एनजीई) की गतिविधियों को इन-स्पेस के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रहा है। ये अंतरिक्ष स्टार्टअप अपने परीक्षणों और प्रणाली संबंधी आवश्यकताओं के लिए इसरो की सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। 40 गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं और लगभग 34 या तो प्रक्रियारत हैं या उन पर चर्चा चल रही है।
(ङ) अनुप्रयोग
(च) बुनियादी ढांचे का विकास
इस वर्ष कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को या तो मंजूरी मिली या उनका संचालन शुरू हो गया।
(छ) अंतरिक्ष विज्ञान
(ज) अन्य विभागों के साथ सहयोग
(झ) मुख्य आयोजन
इस वर्ष विभाग द्वारा तीन प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी अग्रणी भूमिका निभाई गई।
(ञ) क्षमता निर्माण एवं जनसंपर्क
इस वर्ष हमारी क्षमता निर्माण और जनसंपर्क गतिविधियों में भी काफी विस्तार हुआ है।
(ट) सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बहुत महत्व देती रही है। हम इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हमने महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक घटकों में आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया है।
(ठ) अंतरराष्ट्रीय सहयोग
(ड) पुरस्कार एवं मान्यता