अहमदाबाद में तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 मनाया गया
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24 अगस्त, 2026

तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (एनएसपीडी) 2026 के उद्घाटन समारोह का आयोजन 23 अगस्त, 2026 को अहमदाबाद में किया गया। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत की ओर: नवाचार, सहयोग और वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व की आकांक्षा” है।

माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत समारोह के मुख्य अतिथि थे तथा माननीय श्री अर्जुनभाई देवभाई मोढवाडिया, वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, गुजरात सरकार, विशिष्ट अतिथि थे। डॉ. वी. नारायणन, सचिव, अंतरिक्ष विभाग/अध्यक्ष, इसरो ने समारोह की अध्यक्षता की। डॉ. पवन कुमार गोयनका, अध्यक्ष, इन-स्पेस तथा डॉ. चि. वी एन राव, निदेशक, सैक भी समारोह में उपस्थित थे। समारोह का शुभारंभ मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन तथा सैक के निदेशक द्वारा औपचारिक स्वागत संबोधन के साथ हुआ।

अहमदाबाद में तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 मनाया गया

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि यह थीम भारत की विकास यात्रा के तीन प्रमुख स्तंभों को प्रतिबिंबित करती है-नवाचार, जो नए भारत की शक्ति है; सहयोग, जो भारत की संस्कृति, चिंतन और ज्ञान की अभिव्यक्ति है; तथा वैश्विक नेतृत्व, जो एक राष्ट्रीय आकांक्षा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन आकांक्षाओं का केंद्र भारत का युवा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि अंतरिक्ष अभियानों की सफलता इस बात से निर्धारित होगी कि इन अभियानों ने आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार परिवर्तन लाया है और इस बात की पुन:पुष्टि की कि अंतरिक्ष सुधार का अर्थ निजीकरण नहीं, बल्कि अंतरिक्ष के अवसरों का लोकतंत्रीकरण है।

उन्होंने अपने संबोधन को यह कहते हुए विराम दिया कि भारत अपार संभावनाओं की दहलीज पर खड़ा है और माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्साह एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परिवर्तन के दौर में प्रत्येक हितधारक की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी है तथा अधिक क्षमता और सामर्थ्य के साथ अधिक जिम्मेदारी भी आती है, विशेषकर विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए। उन्होंने सभी हितधारकों से इस जिम्मेदारी को समझने और भारत के विकास में अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ विकसित भारत के निर्माण में वर्तमान पीढ़ी के योगदान पर गर्व कर सकें। उन्होंने सभी से इस अवसर का पूर्ण उपयोग करने तथा देश के विकास के लिए सामूहिक संकल्प के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि श्री अर्जुनभाई देवभाई मोढवाडिया ने कहा कि आज के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले हैं। उन्होंने स्टार्ट-अप और उद्योगों को गुजरात स्पेस पार्क में अपनी विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

सचिव, अंतरिक्ष विभाग/ अध्यक्ष, इसरो ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र के निकट हुई ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के उपलक्ष्य में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ घोषित किया था। भारत की अंतरिक्ष यात्रा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त, 2026 को अहमदाबाद में मनाया गया। अहमदाबाद का चयन उपयुक्त रूप से किया गया, क्योंकि यहाँ अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक) स्थित है तथा अहमदाबाद और उसके आसपास स्टार्ट-अप का परितंत्र तेजी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने 1960 के दशक में इसरो की साधारण शुरुआत का स्मरण करते हुए बताया कि छोटे साउंडिंग रॉकेटों के प्रमोचन से शुरू हुई यात्रा अब 6 टन श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उपग्रहों के प्रमोचन की क्षमता प्रदर्शित करने तक पहुँच गई है। उन्होंने प्रथम प्रयास में ही पहली कक्षीय उड़ान ‘विक्रम-1’ के सफल प्रमोचन के लिए मेसर्स स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसरो की टीम ने निजी प्रमोचन गतिविधियों को उसी प्रकार पूरे मन से सहयोग प्रदान किया, जिस प्रकार वह इसरो की अपनी गतिविधियों में सहयोग प्रदान करती है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार लागू किए गए थे और अब इसके परिणामस्वरूप देश में 440 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्ट-अप का विकास हुआ है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप इसमें योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सभा को संबोधित करते हुए इन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार गोयनका ने भारत के तेजी से विस्तार करते अंतरिक्ष परितंत्र के विकास में इसरो की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश का बढ़ता हुआ अंतरिक्ष उद्योग इसरो की दशकों की तकनीकी उत्कृष्टता, संस्थागत सहयोग और ज्ञान-साझाकरण पर आधारित है। सार्वजनिक-निजी सहयोग की शक्ति पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का विकास इसरो के सहयोग के बिना संभव नहीं है तथा इसरो और उद्योग के बीच साझेदारी नवाचार को गति देगी, भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगी और देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगी। उन्होंने दोहराया कि ‘इसरो के बिना भारत में अंतरिक्ष उद्योग नहीं है।’

इसके पश्चात् सचिव, अंतरिक्ष विभाग/अध्यक्ष, इसरो द्वारा मेसर्स स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह के अंतर्गत पूरे भारत में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और क्विज़ के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किए गए।