Aug 28, 2016

स्क्रैमजेट इंजन – टीडी

इसरो के पहले प्रायोगिक मिशन स्क्रैमजेट इंजन के वायुश्वसन प्रणोदन प्रणाली की प्राप्ति की दिशा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार, श्रीहरिकोटा से 28 अगस्त, 2016 को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
 

300 सेकंड की उड़ान के बाद, श्रीहरिकोटा से लगभग 320 किलोमीटर पर वाहन बंगाल की खाड़ी में उतरा। श्रीहरिकोटा के भू केंद्रों से वाहन का उड़ान के दौरान सफलतापूर्वक अनुवर्तन किया गया था। इस उड़ान के साथ, क्रांतिक प्रौद्योगिकियां जैसे सुपरसोनिक गति में वायुश्वसन इंजन का प्रज्वलन, सुपरसोनिक गति में लौ का जारी रहना, हवा का अंतर्ग्रहन तंत्र और ईंधन अंतक्षेपण प्रणालियों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया है।

इसरो द्वारा डिजाइन किए स्क्रैमजेट इंजन ने हाइड्रोजन का ईंधन के रूप में और वायुमंडलीय हवा से ऑक्सीजन का ऑक्सीडाइजर के रूप में उपयोग किया है। अगस्त 28 का परीक्षण माख 6 का हाइपरसोनिक उड़ान के साथ इसरो के स्क्रैमजेट इंजन की पहली छोटी अवधि का प्रायोगिक परीक्षण है । इसरो का उन्नत प्रौद्योगिकी वाहन (एटीवी), जो एक उन्नत परिज्ञापी रॉकेट है सुपरसोनिक स्थिति में स्क्रैमजेट इंजन का हाल ही में किया परीक्षण में ठोस बूस्टर रॉकेट का उपयोग किया था । एटीवी से वहन किया स्क्रैमजेट इंजन का उत्थान के समय वजन 3277 किलोग्राम था ।