अनुसंधान अनुदान

अनुसंधान अनुदान

परियोजना अनुदान के निवेदक संस्थाशनों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वीकृत परियोजनाओं के लिए अपनी बुनियादी संरचनाओं को उपलब्धह कराएं। इसरो द्वारा उन्हेंं फैलोशिप, साजो-सामान, उपयोज्य सामग्रियों, आंतरिक यात्रा, परीक्षण खर्चों, आंकडों आदि में सहायता के लिए आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। केवल संस्थाोन में अनुपलब्धस तथा भावी परियोजनाओं के लिए भी उपयोगी अत्यावश्याक छोटे उपस्कषरों के लिए ही इसरो द्वारा निधि उपलब्धए कराई जा सकती है। संस्थाबन से संबद्ध प्रधान अनुसंधाता अथवा किसी अन्यय कर्मचारी को किसी भी प्रकार के भुगतान का प्रावधान नहीं है। आबंटिन निधियों को किसी भी कारण विदेश यात्रा के लिए खर्च नहीं किया जा सकता है।

इसरो द्वारा निधि आबंटन के लिए निर्धारित नीति निर्देश निम्न वत है। समय समय पर इनमें परिवर्तन संभव है।

अनुसंधान हेतु उपस्कीरों की खरीद के वास्तेश अनुदान दिया जा सकता है, परन्तु यह उपस्कधर विशेष प्रकार के होने चाहिए जो केवल उसी परियोजना के लिए जरूरी है तथा मूल संस्थाेन में उपलब्धद नहीं है या संस्थारन द्वारा उपलब्धह नहीं कराए जा सकते हैं। ये उपस्का र भावी परियोजनाओं के लिए भी उपयोगी होने चाहिए। इस श्रेणी में पीसी/कंप्यूयटर का अभिप्राय केवल डेस्काटॉप कंप्यू।टर है।

स्वीोकृत परियोजनाओं में अनुसंधाता की सहायता के लिए शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थारन के प्रधान द्वारा रिसर्च फैलो की नियुक्ति की जा सकती है। प्रशासनिक कर्मचारी, सहायक तकनीकी कर्मचारी, तकनीशियन व सहायक तकनीशियन, सर्वेक्षक, डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि की संवाएं पूर्णतः परियोजनाओं को चलाने वाले शैक्षणिक अथवा अनुसंधान संस्थाननों को ही उपलब्धा करानी होगी। परियोजना के तहत अबंटित निधियों का उपयोग किसी अन्यो उद्देश्यै के लिए नहीं होना चाहिए। परियोजना के समापन पर परियोजना कर्मचारियों को उसी अथवा किसी नई परियोजना में नौकरी देने के लिए इसरो उत्त‍रदायी नहीं होगा। ये कर्मचारी इसरो में भर्ती के लिए किसी भी प्रकार का दावा नहीं कर सकते।

· शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थाननों में प्रचलित नियामानुसार उपरोक्तस परियोजना कर्मचारियों के चयन व नियुक्ति के लिए प्रधान अनुसंधाता उत्तरदाई होगा। ये नियुक्तियॉं अनुसंधान के प्रस्तासवक विश्व विद्यालयों अथवा अनुसंधान संस्था नों में प्रचलित सामान्यि चयन प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। इन कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यिताएं व अनुभव तथा प्रस्तादवित वेतन इसरो मानदंडों के अनुसार होने चाहिए और इन नियुक्तियों को उन संस्थाकनों में लागू नियमानुसार संस्थासन प्रमुख का अनुमोदन प्राप्तत होना चाहिए।

इसरो द्वारा निर्धारित नीति-निर्देशानुसार ही परियोजना से संबंधित रिसर्च कर्मचारियों को इसरो की रिसर्च फैलोशिप प्रदान की जा सकती है। निम्नद अनुच्छे दों में अनुसंधान कर्मचारियों से संबंधित ब्यौनरे दिए गए हैं।

अनुमोदित अनुदान केवल निम्ना शीर्षों के लिए ही प्रयोग किया जा सकेगा:-

 

अनुसंधान के लिए आवश्यीक, परंतु संबंधित शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थासन में अनुपलब्धप पुस्त्कों तथा वैज्ञानिक साहित्यी की खरीद। सामान्यइत: पत्रिकाओं के लिए अंशदान की अनुमति नहीं है तथा इसके लिए परियोजना द्वारा भुगतान नहीं किया जा सकता। परन्तु, किन्हीं विशेष मामलों में अनुसंधान के लिए अत्याकवश्यंक शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थावन में अनुपलब्ध पत्रिका की एकल प्रति अथवा फोटो कॉपी को इसरो की पूर्वानुमति द्वारा खरीदा जा सकेगा। परन्तु, इन निधियों से पत्रिकाओं के लिए नियमित अंशदान का भुगतान नहीं किया जा सकता।

 

परियोजना के लिए आवश्यीक विशेष उपभोज्यग सामग्री पर व्यय।

 

कंप्यूनटर काल/वेधशाला काल व अन्य सेवाओं पर व्यय।

 

परियोजना से संबंधित भारत में यात्रा अथवा अनुसंधान विषय से प्रासंगिक संगोष्ठीध व विचार-गोष्ठियों में सहभागिता।

 

विविध व्यसय (आकस्मिाकताएं) जैसे कि टाईपिंग, लेखन सामग्री व डाक आदि पर व्यय।

उपस्कयरों तथा/अथवा उपभोज्यह सामग्रियों की खरीद संबंधित विदेशी मुद्रा की सभी आवश्यडकताओं को स्प ष्ट रूप से चिह्नित कर उनका बजट में उल्लेपख करना चाहिए। आवश्यक विदेशी मुद्रा उपलब्धी कराने की व्यदवस्थाआ शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थाअनों को स्वयं करनी होगी। इसरो द्वारा भारतीय रुपए में समान राशि ही उपलब्धु कराई जाएगी।

परियोजना संबंधित कर्मचारियों की विदेशी यात्राओं के लिए आंशिक अथवा पूर्ण रूप से किसी भी प्रकार की निधि उपलब्धह नहीं कराई जाएगी।

 

परियोजना से संबंधित किसी भी सामग्री के मुद्रण के लिए इसरो द्वारा परियोजना में निधि नहीं उपलब्ध् कराई जाएगी।

उपस्कारों तथा कर्मचारियों के लिए भवन व सिविल कार्यों के लिए इसरो द्वारा निधि उपलब्धक नहीं कराई जाएगी। लेकिन, विशेष अनुमोदन द्वारा उपस्ककरों की स्था पना संबंधित खर्चों का भुगतान किया जा सकेगा।

परियोजना संबंधित यात्राओं के लिए उन संस्थाआनों में लागू यात्रा भत्तेव/दैनिक भत्तेध नियमों के अनुसार प्रधान अनुसंधाता की स्वीधकृति प्राप्त होनी चाहिए। प्रधान अनुसंधाता को यात्रा का साधन जिसमें परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए हवाई यात्रा भी शामिल है, स्वीतकृत किया जा सकता है। बशर्ते, इसके लिए संस्थािन को किसी प्रकार की आपत्ति न हो तथा यात्रा व्यपय इसरो द्वारा स्वीाकृत परियोजना बजट प्रवधानों के भीतर ही सीमित रहे।

इसरो द्वारा विभिन्नश विशेष शीर्षों के अंतर्गत निधियों के लिए मंजूरी दी जाएगी तथा सामान्यइत: प्रति वर्ष एक बार में जारी की जाएंगी। विभिन्नो अनुमोदित शीर्षों के बीच निधियों के हेर फेर को स्वीनकार नहीं किया जाएगा।

यदि किसी संस्था न द्वारा प्राप्त अनुदान को पूरी तरह खर्च नहीं किया जाता तो बकाया राशि को आगामी जारी की जानेवाली तात्कालिक राशि में से काट लिया जाएगा।

परियोजना के अंत में अनुदान की बकाया राशि को वेतन एवं लेखा अधिकारी, अंतरिक्ष विभाग, अंतरिक्ष भवन, न्यू बीईएल रोड, बेंगलूर-560 231 को लौटाना होगा।

इसरो अनुसंधान अनुदान-शर्तें व निबंधन

1.

इसरो के पास किसी भी समय तथा बिना कोई कारण बताए परियोजना के लिए स्वी कृत निधि को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से वापस लेने का अधिकार सुरक्षित है।

2.

यदि इसरो की सहमति नहीं है तो स्वीहकृत निधियों को केवल उन्हीं उद्देश्यों् के लिए उपयोग किया जाना चाहिए जिनके लिए वे मंजूर की गई हैं। प्रति वर्ष के अंत में निधि पाने वाले संस्था न को इस आशय का प्रमाण पत्र जमा कराना होगा कि निधियों को सही तरीके से खर्च किया गया है।

3.

स्वी‍कृत परियोजना/अनुसंधान में तैयार की गई सभी रिपोर्टों तथा प्रकाशनों में इसरो से प्राप्ति सहायता का उल्लेीख होना चाहिए। इसरो द्वारा अनुदान प्राप्तप परियोजना पर आधारित किसी भी कार्य के प्रकाशन से पूर्व संबंधित संस्था न को इसरो की पूर्वानुमति प्राप्तस करनी चाहिए। इस प्रकार की अनुमति प्रदान करने में अकारण विलंब नहीं किया जाएगा।

4.

इसरो द्वारा अनुदान प्राप्त अनुसंधान पर तैयार सभी प्रकाशनों की दो प्रतियॉं इसरो को भिजवानी होगी।

5.

अनुसंधाता इसरो से अनुदान प्राप्तत परियोजना कार्यों के परिणामों का पेटेंट अथवा किसी अन्यि प्रकार से व्याहवसायिक उपयोग नहीं कर सकता। इसरो के पास अनुसंधान के परिणामों के आधार पर यह निश्चित करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित है कि पेटेंट लिया जाय या नहीं, अथवा पेटेंट को किस व्य वसायिक उपयोग के लिए लिया जाय। सभी पेटेंट इसरो के नाम पर होंगे तथा उनके व्यायवसायिक दोहन का एकाधिकार इसरो के पास सुरक्षित होगा। अनुसंधाता, पेटेंट संस्थालन तथा इसरो के बीच रॉयल्टीप की हिस्सेवदारी का निर्धारण इसरो द्वारा किया जाएगा।

6.

कार्य की प्रगति को दर्शाने के लिए प्रधान अनुसंधाता को वार्षिक रिपोर्ट की दो प्रतियॉं भेजनी होगी। परियोजना के समापन पर प्रधान अनुसंधाता को अनुसंधान एवं विकास कार्य के परिणामों पर विस्तृकत वैज्ञानिक/तकनीकी रिपोर्ट भेजनी होगी। इन रिपोर्टों की एक प्रति उस पते पर, जहॉं पर प्रस्तािव प्रेषित किया गया था तथा दूसरी प्रति वैज्ञानिक सचिव, इसरो मुख्यापलय को भिजवानी होगी। आगामी वर्ष की निधि जारी करने के लिए वार्षिक रिपोर्ट भिजवानी चाहिए। ये रिपोर्टें इसरो की संपत्तिे होगी।

7.

इसरो द्वारा निधि पोषित परियोजना कार्य की प्रगति समीक्षा के लिए इसरो द्वारा समय-समय पर वैज्ञानिकों/विशेषज्ञों को संस्थाान में भेजा जा सकता है।

8.

इसरो प्रदत्तक निधियों से खरीदे गए सामान की सूची इसरो को भिजवानी चाहिए। इसमें संस्थाोन के प्रधान द्वारा खरीद के प्रमाण पत्र सहित उपस्कपरों के ब्यौेरे, संक्षिप्तक विवरण, रुपयों में मूल्य , खरीद की तारीख व सप्लांयर के नाम का उल्लेपख होना चाहिए। वे सभी उपस्क र व उपभोज्यो सामग्रियां, जिनका मूल्य 5000/- रुपये से अधिक है, इसरो की संपत्तियॉं होंगी तथा उन्हेंम परियोजना के दौरान अथवा परियोजना की समाप्ति पर अंतरित अथवा बेचने का अधिकार इसरो के पास सुरक्षित होगा।

9.

इसरो द्वारा प्रदत्तप निधि से किए गए खर्चों का उचित हिसाब रखना होगा तथा किसी स्वी कृत लेखापरीक्षक द्वारा उनकी लेखापरीक्षा करानी होगी। प्रत्येक अनुदान प्राप्त वित्ती्य वर्ष के अंत में इसरो को दो प्रतियों में लेखापरीक्षित लेखे तथा निधि उपयोग प्रमाण पत्र समेत अंतिम वित्ती्य प्रलेख भिजवाने होंगे। परियोजना के दौरान परियोजना संबंधित अंतिम वित्ती य प्रलेखों को यथोचित शीघ्र भिजवाने चाहिए ताकि आगामी वर्ष के लिए निधियॉं जारी की जा सकें। यह संस्थाौन का दायित्व है कि वह इसरो द्वारा अनुसंधान परियोजनाओं के लिए जारी निधियों को प्राप्तं करने की तिथि के 12 महिनों के अंदर तथा सम्मे्लन/संगोष्ठीय/कार्यगोष्ठीत/ विचारगोष्ठीक आयोजित करने के 6 महिनों के अंदर निधि उपयोग का प्रमाण पत्र तथा लेखापरीक्षित लेखा विवरणों को वेतन एवं लेखा अधिकारी , अंतरिक्ष विभाग को भिजवा दे। अंतरिक्ष विभाग द्वारा अनुदान प्राप्तप कर रहे सभी संस्थातनों से अपेक्षित है कि वे निर्धारित समय के अंदर सभी वित्तीभय प्रलेखों को भिजवा दें। विभाग से प्राप्त अनुदान संबंधित वित्तीषय प्रलेखों को वेतन एवं लेखा अधिकारी, अंतरिक्ष विभाग को भेजने में किसी भी प्रकार के विलंब से निधियॉं जारी होने में भी देरी होगी। इस प्रकार उत्पठन्न परिस्थितियॉं के कारण प्रधान अनुसंधाता परियोजना कालावधि को बढ़ाने या उद्देश्यों में संशोधन की मांग नहीं कर सकेगा।

10.

परियोजनाओं के लिए निधियॉ वार्षिक आधार पर जारी की जाती है। आगामी वर्ष के लिए जारी की जाने वाली निधि, पिछले वर्ष के दौरान परियोजन के लिए जारी निधियों के उपयोग तथा परियोजना के तकनीकी निष्पा दन पर निर्भर होगी। रिपोर्ट वर्ष के दौरान खर्च न की गई राशि को अगले वर्ष जारी की जानेवाली राशि के साथ समायोजित किया जाएगा।

11.

समर्थित परियोजना की संपूर्ण अवधि के दौरान मंजूर की गई कुल राशि में से बची हुई बकाया राशि को परियोजना समापन से एक माह के अंदर वेतन एवं लेखा अधिकारी, अंतरिक्ष विभाग को लौटाना होगा।

12.

यदि संस्थाेन निर्धारित परियोजना कार्य को शुरु या पूरा करने में असमर्थ तो वह परियोजना के लिए स्वीपकृत निधि किसी अन्यर संस्था न को नहीं दे सकेगा। ऐसे मामलों में अनुदान की संपूर्ण राशि इसरो को तुरंत लौटानी होगी।

13.

संस्थासन द्वारा स्थाऐई व अर्ध-स्था ई परिसंपत्तियों का रजिस्टौर रखना होगा और उसे इसरो कर्मचारियों को जॉंच के लिए उपलब्धा कराना होगा ।

14.

इसरो द्वारा प्रदत्तद अनुदान से पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से ली गई परिसंपत्तियों को इसरो की पूर्वानुमति के बिना बेचा या अन्यक एजेंसियों को अंतरित या जिस उद्देश्य के लिए अनुदान दिया गया है, उसके अलावा किसी अन्यप कार्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

15.

इसरो अनुसंधान अनुदान की शर्तों व निबंधनों को समय-समय पर परिवर्तित किया जा सकता है, परंतु परियोजना की निधि के लिए परियोजना के पूरा होने तक वे शर्तें व निबंधन ही लागू होंगे, जो परियोजना के प्रारंभ में थे। तथापि, आपसी सहमति द्वारा इनमें परिवर्तन किया जा सकेगा। शैक्षणिक संस्थाबनों/प्रधान अनुसंधाताओं द्वारा फैलोशिप अथवा परियोजना के किसी अन्यि घटक में पूर्वतिथि से संशोधन का मांग नहीं की जा सकती।

16.

16. संस्थाकन द्वारा स्वीाकृत परियोजना कार्य को जारी रखने में असमर्थ होने या प्रधान अनुसंधाता द्वारा संस्थाून को छोड़ देने के कारण उस परियोजना को किसी अन्य् संस्थाान में अंतरित करने का अधिकार इसरो के पास पूर्णतः सुरक्षित है।