इसरो प्रौद्योगिकी अन्तरण

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष केन्‍द्रों द्वारा विकसित उत्‍पादों की जानकारियों/प्रौद्योगिकियों को अन्‍तरित करने के लिए एक सुव्‍यवस्थित व सुपरिभाषित नीति का अनुसरण किया जाता है। इस नीति के अनेक उद्देश्‍य हैं। यथा, विविध अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भारतीय उद्योगों की महत्‍तर सहभागिता, व्‍यावसायिक क्षेत्रों में उनका उपयोग तथा इन प्रौद्योगिकियों से अधिकाधिक लाभ कमाना। इस नीति के क्रियान्‍वयन द्वारा प्रौद्योगिकी अन्‍तरण के अलावा एक और उल्‍लेखनीय परि‍णाम प्राप्‍त हुआ है। उपग्रह संचार, प्रसारण, मौसमविज्ञान सेवाओं तथा स्‍थानिक सूचना सेवाओं से संबंधित विभिन्‍न उत्‍पाद व सेवाएं उपलब्‍ध कर, उद्योगों ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता बढ़ाई है।

अस्‍सी दशक के आरंभिक काल में स्‍थापित की गई प्रौद्योगिक अन्‍तरण व्‍यवस्‍था के तहत इसरो केन्‍द्रों को व्‍यावसायिक लाभ कमाने के लिए तकनीकी जानकारी अंतरित करने का अधिकार है। अबतक इलेक्‍ट्रानिकी व कंप्‍यूटर आधारित तंत्रों, विशेष पॉलिमर रसायनों, विद्युत-प्रकाशीय उपकरणों, यांत्रिक उपस्‍करों तथा उपग्रह संचार, प्रसारण, मौसमविज्ञान संबंधित भू-तंत्रों से जुड़ी 3000 से अधिक प्रौद्योगिकियों का अंतरण किया जा चुका है।

इसके अलावा इसरो अपनी बौद्धिक संपदा अधिकारों के संग्रह में भी निवेश करता रहा है।  इस संग्रह में अब 270 पेटेन्‍ट, 45 कॉपीराइट तथा 10 ट्रेडमार्क शामिल हैं। हालांकि इस क्षेत्र में भी इसरो की मंशा अपने केन्‍द्रों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों रक्षा करना ही रही है परन्‍तु साथ ही हमारी कोशिश प्रौद्योगिकी अन्‍तरणों अथवा अनुज्ञप्तियों द्वारा अपने इन संसाधनों को अधिकतम व्‍यावसायिक लाभ कमाने योग्‍य बनाने की भी रही है।