मंगलवार, 29 जुलाई 2014
 
 
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श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी25 ने मंगल कक्षित्र मिशन अन्त9रिक्षयान को सफलतापूर्वक प्रमोचित किया (नबंबर 5, 2013).
कौरु फ्रेंच गियाना से एरियाने-5 VA215 द्वारा जीसैट-7 का सफल प्रमोचन (अगस्‍त 30, 2013).
कौरु फ्रेंच गियाना से एरियाने-5 – VA 214 द्वारा इन्सैआट-3डी का सफल प्रमोचन (जुलाई 26, 2013) .
श्रीहरिकोटा से पी.एस.एल.वी.-सी22 ने आई.आर.एन.एस.एस.-1ए का सफलतापूर्वक प्रमोचन किया (जुलाई 01, 2013).
श्रीहरिकोटा से पी.एस.एल.वी.-सी20 ने सरल एवं वाणिज्यिक नीतभारों का सफलतापूर्वक प्रमोचन किया (फरवरी 25, 2013).
 
कौरु फ्रेंच गियाना से एरियाने-5 – VA 209 द्वारा जीसैट-10 का सफल प्रमोचन (सितम्बर 29, 2012).
इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक राकेट पी.एस.एल.वी.-सी21 द्वारा श्रीहिरकोटा से स्पॉ ट-6 एवं प्रोइटेरस का सफलतापूर्वक प्रमोचन (सितम्ब र 09, 2012) .
पीएसएलवी-सी19 ने श्रीहरिकोटा से (दिनांक 26,अप्रैल 2012) रिसैट-1 को सफलतापूर्वक प्रमोचित किया।
 
पीएसएलवी-सी18 ने श्रीहरिकोटा से (दिनांक 12, अक्तूबर 2011) मेघा ट्रॉपिक्स, जुगुनू, एसआरएमसैट और वेसेलसैट-1 को सफलतापूर्वक प्रमोचित किया।
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी17 द्वारा जीसैट-12 का सफलतापूर्वक प्रमोचन (15 जुलाई, 2011)।
कौरू, फ्रेंच गियाना से एरियाने-5VA-202 द्वारा जीसैट-8 का सफल प्रमोचन (मई 21, 2011)
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी16 द्वारा सफलतापूर्वक तीन उपग्रहों का प्रमोचन - रिसोर्ससैट-2, यूथसैट, एक्स-सैट (अप्रैल 20, 2011)
 
श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ06 प्रमोचित (दिसम्बर 25, 2010 )। जीसैट-5P को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका क्योंकि जीएसएलवी-एफ06 मिशन सफल नहीं हुआ।
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी15 द्वारा पाँच उपग्रह कार्टोसैट-2बी, एलसैट-2ए, दो नैनो उपग्रह – एनएलएस-6.1 व 6.2 तथा एक पीको उपग्रह स्टुडसैट का सफलतापूर्वक प्रमोचन (12 जुलाई, 2010)।
श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-डी3 का प्रमोचन (15 अप्रैल, 2010)। जीसैट-4 उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका, क्योंकि जीएसएलवी-डी3 मिशन में स्वेदशीनिम्नतापीय स्तर पर उड़ान परीक्षण असफल रहा।
 
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी14 द्वारा सात उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन – ओशनसैट-2, चार क्यूबसैट उपग्रह और दो रूबिन-9 (23 सितंबर, 2009)।
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी12 द्वारा रिसैट-2अनुसैट का सफलतापूर्वक प्रमोचन (20 अप्रैल, 2009)।
 
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी11 द्वारा चंद्रयान-1 का सफलतापूर्वक प्रमोचन (22 अक्तूबर, 2008)।
श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी9 द्वारा कार्टोसैट-2ए, आईएमएस-1 तथा 8 विदेशी नैनो उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन (28 अप्रैल, 2008)।
एंट्रिक्सकार्पोरेशन के साथ वाणिज्यिक अनुबंध के तहत पीएसएलवी-सी10 द्वारा टेक्सार उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रमोचन (21 जनवरी, 2008)।
 
एसडीएससी शार से इन्सैट-4सी के साथ जीएसएलवी (जीएसएलवी-एफ़04) का सफल प्रमोचन (2 सितंबर, 2007)।
श्रीहरिकोटा से इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी8 द्वारा इतालवी खगोलीय उपग्रह एजिले का सफल प्रमोचन (23 अप्रैल, 2007)।
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने-5 द्वारा इन्सैट-4बी का सफल प्रमोचन (12 मार्च, 2007)।
पृथ्वी के वायुमंडल में पुनःप्रवेश करने और श्रीहरिकोटा के लगभग 140 कि.मी. पूर्व में बंगाल की खाड़ी में उतरने हेतु युक्तिचालित करने के बाद एसआरई-1 की सफलतापूर्वक पुनःप्राप्ति (22 जनवरी, 2007)।
इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी7 द्वारा चार उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन – भारत का कार्टोसैट-2 और अंतरिक्ष कैप्सूलपुनःप्राप्ति परीक्षण (एसआरई-1) तथा इंडोनेशिया का लापान-टबसैट व अर्जेन्टीना का फ़ायिनसैट-1 (10 जनवरी, 2007)।
 
एसडीएससी शार से इन्सैट-4सी के साथ जीएसएलवी (जीएसएलवी-एफ़02) की द्वितीय प्रचालनात्मक उड़ान (10 जुलाई, 2006)। उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।
 
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने द्वारा इन्सैट-4ए का सफल प्रमोचन (22 दिसंबर, 2005)।
श्रीहरिकोटा से इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी6 द्वारा कार्टोसैट-1 और हैमसैट उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन (5 मई, 2005)।
 
एसडीएससी शार, श्रीहरिकोटा से प्रथम प्रचालनात्मक उड़ान जीएसएलवी (जीएसएलवी-एफ़01) द्वारा एडुसैट का सफलतापूर्वक प्रमोचन (20 सितंबर, 2004)।
 
श्रीहरिकोटा से इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी5 द्वारा रिसोर्ससैट-1 (आईआरएस-पी6) उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रमोचन (17 अक्तूबर, 2003)।
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने द्वारा इन्सैट-3ई का सफलतापूर्वक प्रमोचन (28 सितंबर, 2003)।
श्रीहरिकोटा से जीसैट-2 के साथ जीएसएलवी-डी2 का द्वितीय विकासात्मक प्रमोचन (8 मई, 2003)।
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने द्वारा इन्सैट-3ए का सफलतापूर्वक प्रमोचन (10 अप्रैल, 2003)।
 
श्रीहरिकोटा से इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी4 द्वारा कल्पना-1 का सफलतापूर्वक प्रमोचन (12 सितंबर, 2002)।
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने द्वारा इन्सैट-3सी का सफल प्रमोचन (24 जनवरी, 2002)।
 
इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी3 द्वारा तीन उपग्रहों –इसरो का प्रौद्योगिकी परीक्षण उपग्रह (टीईएस), जर्मनी का बर्ड और बेल्जियम का प्रोबा का अपने अभीष्ट कक्ष में सफल प्रमोचन (22 अक्तूबर, 2001)।
श्रीहरिकोटा से जीसैट-1 के साथ जीएसएलवी-डी1 का प्रथम विकासात्मक प्रयोजन (18 अप्रैल, 2001)।
 
कौरू, फ़्रेंचगियाना से एरियाने द्वारा इन्सैट-3 श्रृंखला की तीसरी पीढ़ी के प्रथम उपग्रह इन्सैट-3बी का प्रमोचन (22 मार्च, 2000)।
 
श्रीहरिकोटा से कोरियाई किटसैट-3 तथा जर्मन डीएलआर-टबसैट के साथ ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पीएसएलवी-सी2) द्वारा भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह, आईआरएस-पी4 (ओशनसैट) का प्रमोचन (26 मई, 1999)।
कौरू, फ़्रेंचगियाना से बहुद्देशीय इन्सैट-2 श्रृंखला में अंतिम उपग्रह, इन्सैट-2ई का प्रमोचन (3 अप्रैल, 1999)।
 
अरबसैट से प्राप्त इन्सैट-2डीटी की तत्परता के साथ इन्सैट प्रणाली की क्षमता का विस्तार (जनवरी, 1988)।
 
इन्सैट श्रृंखला में चतुर्थ उपग्रह इन्सैट-2डी का प्रमोचन (4 जून, 1997)। यह 4 अक्तूबर, 1997 को निष्क्रिय हो गया। (एक कक्षीय उपग्रह अरबसैट-1सी को, जिसे बाद में इन्सैट-2डीटी नाम दिया गया, इन्सैट प्रणाली के आंशिक संवर्धन के लिए नवंबर 1997 में प्राप्त किया गया)।
आईआरएस-1डी के साथ पीएसएलवी का प्रथम प्रचालनात्मक प्रमोचन (29 सितंबर, 1997)। उपग्रह कक्षा में स्थापित।
 
पीएसएलवी का आईआरएस-पी3 के साथ तृतीयविकासात्मक प्रमोचन (21 मार्च, 1996)। उपग्रह की ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकाली कक्षा में स्थापना।
 
तृतीयप्रचालनात्मक भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह, आईआरएस-1सी का प्रमोचन (28 दिसंबर, 1995)।
इन्सैट-2 श्रृंखला में तृतीय उपग्रह इन्सैट-2सी का प्रमोचन (7 दिसंबर, 1995)।
 
पीएसएलवी का आईआरएस-पी2 के साथ द्वितीय विकासात्मक प्रमोचन (15 अक्तूबर, 1994)। उपग्रह ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकाली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित।
एएसएलवी का श्रोस-सी2 के साथ चतुर्थ विकासात्मक प्रमोचन। उपग्रह कक्षा में स्थापित।
 
पीएसएलवी का आईआरएस-1ई के साथ प्रथम विकासात्मक प्रमोचन (20 सितंबर, 1993)। उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।
इन्सैट-2 की श्रृंखला में इन्सैट-2बी का प्रमोचन (23 जुलाई, 1993)।
 
स्वदेशी रूप से निर्मित दूसरी पीढ़ी के इन्सैट श्रृंखला के प्रथम उपग्रह, इन्सैट-2ए का प्रमोचन (10 जुलाई, 1992)।
एएसएलवी का श्रोस-सी के साथ तृतीयविकासात्मक प्रमोचन (20 मई, 1992)। उपग्रह कक्षा में स्थापित।
 
द्वितीय प्रचालनात्मक सुदूर संवेदन उपग्रह, आईआरएस-1बी का प्रमोचन (29 अगस्त, 1991)।
 
इन्सैट-1डी का प्रमोचन (12 जून, 1990)।
 
इन्सैट-1सी का प्रमोचन (21 जुलाई, 1988)। नवंबर 1989 में परित्यक्त।
श्रोस-2 के साथ एएसएलवी का द्वितीय विकासात्मक प्रमोचन (13 जुलाई, 1988)। उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।
प्रथम प्रचालनात्मक भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह, आईआरएस-1ए का प्रमोचन (17 मार्च, 1988)।
 
एएसएलवी की श्रोस-1 उपग्रह के साथ प्रथम प्रचालनात्मक प्रमोचन (24 मार्च, 1987)। उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।
 
भारत-सोवियतमानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन (अप्रैल, 1984)।
 
इन्सैट-1बी का प्रमोचन (30 अगस्त, 1983)
एसएलवी-3 का द्वितीय विकासात्मक प्रमोचन। आरएस-डी2 कक्षा में स्थापित (17 अप्रैल, 1983)।
 
इन्सैट-1ए का प्रमोचन (10 अप्रैल, 1982)।
6 सितंबर, 1982 को निष्क्रिय कर दिया गया।
 
भास्कर- II का प्रमोचन (20 नवंबर, 1981)
एक प्रायोगिक भू-स्थिर संचार उपग्रह एप्पल का सफल प्रमोचन (19, जून, 1981)।
आरएस-डी1 कक्षा में स्थापित (31 मई, 1981)
एसएलवी-3 की प्रथम विकासात्मक उड़ान।
 
एसएसवी-3 का द्वितीय प्रायोगिक प्रमोचन, रोहिणी उपग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापना (18 जुलाई, 1980)।
 
रोहिणी प्रौद्योगिकी नीतभार सहित एसएलवी-3 का प्रथम प्रायोगिक प्रमोचन। उपग्रह को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।
भू-प्रेक्षण के लिए एक प्रायोगिक उपग्रह, भास्कर-I का प्रमोचन (7 जून, 1979)।
 
उपग्रह दूरसंचार परीक्षण परियोजना (स्टेप) का संचालन।
 
उपग्रह शैक्षिक दूरदर्शन परीक्षण (साइट) का आयोजन।
 
इसरो के प्रथम भारतीय उपग्रह, आर्यभट्ट का प्रमोचन (19 अप्रैल, 1975)।
इसरो का सरकारी संगठन बनना (1 अप्रैल, 1975)।
 
वायुयानित सुदूर संवेदन परीक्षणों का आयोजन।
 
अंतरिक्ष आयोग और अंतरिक्ष विभाग की स्थापना (1 जून, 1972)। इसरो को अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत लाया गया।
 
परमाणु विभाग के अधीन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना (15 अगस्त, 1969)।
 
टर्ल्स, संयुक्त राष्ट्र संघ को समर्पित (2 फरवरी, 1968)।
 
अहमदाबाद में उपग्रह दूरसंचार भू-केंद्र की स्थापना।
 
थुम्बा में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र (एसएसटीसी) की स्थापना।
 
टर्ल्स से प्रथम परिज्ञापीराकेट का प्रमोचन (21 नवंबर, 1963)
 
परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (इन्कोस्पार) का गठन और थुम्बा भूमध्यरेखीय राकेट प्रमोचन केंद्र (टर्ल्स) की स्थापना का कार्य प्रारंभ।
 
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