आज मई (23, 2011 ) 12:22 बजे आई एस टी पर आयोजित द्वितीय कक्षा संवर्धन युक्तिचालन में जीसैट-8 के द्रव अपभू मोटर (एल ए एम) का इसरो के मुख्य नियंत्रण सुविधा (एम सी एफ), हासन से उपग्रह को आदेश देते हुए 35.8 मिनट पर ज्वलन किया गया। इस एल ए एम के ज्वलन के साथ, जीसैट-8 के उपभू (पृथ्वी से निकटतम बिन्दू) को 32,385 कि.मी तक संवर्धित किया गया । अपभू (पृथ्वी से दूरस्थ बिन्दु ) की ऊँचाई 35,768 कि. मी ही रही। भूमध्यरेखा के समतल के संबंध में कक्षा आनति 0.06 डिग्री तक घटायी गयी। जीसैट-8 की कक्षीय अवधि अब 22 बजे 29 मिनट रही। यह उपग्रह अब एम सी एफ, हासन के सतत रेडियो दृश्यता में रहेगा।
जीसैट-8 का प्रमोचन मई 21, 2011 को कौरू, फ्रेंच गियाना से यूरोपीय एरियाने -5 रॉकेट द्वारा किया गया। प्रमोचक रॉकेट ने जीसैट-8 को भूमध्यरेखा समतल के संबंध में 2.5 डिग्री की आनति के साथ 258 कि. मी उपभू और 35,861 कि.मी अपभू के कक्षा में स्थापित किया। एम सी एफ, हासन से कल (मई 22, 2011) आयोजित पहले कक्षा संवर्धन युक्तिचालन में जीसैट-8 को 15,786 कि.मी के उपभू और 35,768 कि.मी के अपभू की अंतरिम कक्षा में स्थापित किया गया और भूमध्यरेखा समतल के संबंध में कक्षीय आनति को 0.5 डिग्री तक कम किया गया।
जीसैट-8 को निकट भू-तुल्यकाली कक्षा में स्थापित करने के लिए अगला कक्षा संवर्धन युक्तिचालन मई 24, 2011 को करने की योजना बनायी गयी है। उसके बाद दो सौर पैनलों और दो ऐन्टेनाओं का प्रस्तरण किया जाएगा।