मंगलवार, 21 अक्तूबर 2014
 
 
मुखपृष्ठ >> प्रेस रिलीज़ >> अप्रेल 25, 2011
 
  अप्रेल 25, 2011
पीएसएलवी-सी16 उडान सफलः रिसोर्ससैट-2, यूथसैट तथा एक्स-सैट उपग्रह संतोषजनक कार्य कर रहे हैं।

अपनी लगातार 17वीं सफल उडान में भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक राकेट(पीएसएलवी-सी16) ने सतीश धवन अन्तरिक्ष केन्द्र (एसडीएससी), श्रीहरिकोटा से अप्रैल20, 2011 को अभिप्रेत ध्रुवीय सूर्य तुल्यकाली कक्षा में रिसोर्ससैट-2, यूथसैट तथा एक्स-सैट (नान्याँग तकनीकी विश्वविद्यालय सिंगापुर) नामक तीन उपग्रहों को अन्तःक्षेपित किया। सभी तीन उपग्रह उच्च परिशुद्धता के साथ निर्धारित कक्षओं में स्थापित किये गये।

प्रमुख उपग्रह रिसोर्ससैट-2 को पीएसएलवी-सी16 द्वारा अन्तःक्षेपित करते समय प्राप्त कक्षीय प्राचल इस प्रकार थेः

 
कक्षीय प्राचल लक्षित विनिर्देश पीएसएलवी-सी16 द्वारा प्राप्त
उपभू 815+20 कि.मी 808.6 कि.मी
अपभू 821+20 कि.मी 815.6 कि.मी
कक्षा आनति 98.72+0.2 डिग्री 98.77 डिग्री
 

रिसोर्ससैट-3 उपग्रह के कक्षा में परिशुद्ध अंतःक्षेपण के साथ, अंतःक्षेपण में संभाव्य परिक्षेपण के लिए आबंटित लगभग 20 कि .ग्रा. के ईंधन की बचत की जा सकती है। इससे उपग्रह की प्रचालनात्मक कालावधि को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

रिसोर्ससैट-2

उपग्रह के अंतःक्षेपण के तुरंत बाद, दो सौर पैनलों को प्रस्तरित किया गया। तीन प्रतिबिंबन कैमरों को पृथ्वी की ओर अभिविन्यास किया गया। तीन प्रतिबिंबन कैमरों के स्विच ऑन करने से पूर्व अपेक्षित सभी प्रचालन और स्वास्थ्य जाँच संतोषजनक रूप से पूरी की गयीं।

अप्रैल 22, 2011 को कक्षीय ट्रिम्मिंग युक्तिचालन का सफल आयोजन किया गया और रिसोर्ससैट-2 को अब 813 कि. मी. के अपभू, 825 कि. मी. के उपभू और 98.78 डिग्री आनति पर सूर्य-तुल्यकाली ध्रुवीय कक्षा में अंतिम कक्षीय संरूपण में स्थापित किया गया है।

प्रतिबिंबन केमरों का प्रचालन अप्रैल 28, 2011 से शुरू करना निर्धारित किया गया है। अप्रैल 28 को पहले प्रतिबिंबन पास में जोशीमठ (उत्तराखण्ड में) से कन्नूर (केरल में) तक के भारत के भू भाग का लगभग 3000 कि. मी. के भारत के भू भाग को आवृत्त करने की संभावना है।

यूथसैट

यूथसैट का स्वास्थ्य सामान्य है। भारत के दो नीतभारों, यानि दलन-फलक की ओर अभिमुख अतिस्पेक्ट्रमी प्रतिबिंबित्र (एल आई वी एच वाई एस आई) और आयनमण्डलीय टोमोग्राफी के लिए रेडियो बीकन (आर ए बी आई टी) के स्विच ऑन किये गये। उनका निष्पादन संतोषजनक है। अप्रैल 29, 2011 को रूसी नीतभार सौर विकिरण परीक्षण (एस ओ एल आर ए डी) का स्विच ऑन किया जाएगा।

रिसोर्सासैट-2 और यूथसैट का अनुवर्तन नियंत्रण, आदेश तथा आँकड़ा अभिग्रहण

रिसोर्ससैट-2 और यूथसैट उपग्रहों का नियंत्रण तथा नियंत्रण प्रचालन बेंगलूर में स्थित इसरो के दूरमिति, अनुवर्तन तथा आदेश नेटवर्क केन्द्र (इस्ट्रैक) से किया जा रहा है जिसे लखनऊ, मारीशस, बियाक (इण्डोनेशिया), स्वालबर्ड (उत्तर ध्रुव) और ट्रॉल (दक्षिण ध्रुव) में स्थित भू-केन्द्रों के साथ जोड़ा गया है। शादनगर (हैदराबाद के निकट) में स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र के भू केन्द्र को रिसोर्ससैट-2 से आँकड़ा अभिग्रहण के लिए अप्रैल 28, 2011 को इसके अनुकूल बना लिया गया।

यूथसैट के नीतभार आँकड़ों का भारतीय अन्तरिक्ष विज्ञान आँकड़ा केन्द्र, बयलालू (बेंगलूर के निकट) में संसाधन किया जा रहा है।

एक्स-सैट

नान्यांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एन टी यू), सिंगापुर से यह रिपोर्ट प्राप्त हुई है उपग्रह का स्वास्थ्य और विभिन्न ऑन-बोर्ड उप-प्रणालियों का निष्पादन सामान्य है।

कॉपीराइट 2008 इसरो, सर्वाधिकार सुरक्षित.
 
इंटरनेट एक्सप्लोरर 7.0 के साथ 1024x768 रेज़ल्यूशन पर उत्कृष्ट रूप से देखा जा सकता है