शनिवार, 19 अप्रैल 2014
 
 
 
 
 
सामान्‍यतः पीएसएलवी के संक्षिप्‍त नाम से विख्‍यात ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान इसरो का प्रथम प्रचालनात्मक प्रमोचन यान है। पीएसएलवी 1600 कि.ग्रा. भार के उपग्रहों को सूर्य तुल्‍यकाली ध्रुवीय कक्षा में 620 कि.मी. पर और 1050 कि.ग्रा. भार के उपग्रहों को भूतुल्‍यकाली अंतरण कक्षा में प्रमोचित करने में सक्षम है। मानक संरूपण में 295 टन उत्थापन भार सहित इसकी माप लंबाई में 44.4 मी. है। पीएसएलवी में बारी-बारी से ठोस और द्रव नोदन प्रणाली का उपयोग करते हुए चार चरण हैं। प्रथम चरण विश्‍व में सर्वाधिक बड़ा ठोस नोदन बूस्‍टरों में से एक है और 139 टन नोदक वहन करता है। प्रथम चरण मोटर के साथ छह स्‍ट्रेप-ऑन का समूह जुड़ा है, जिनमें से चार भूमि पर प्रज्‍वलित किए जाते हैं और दो हवा में प्रज्‍वलित किए जाते हैं।
 
पीएसएलवी की विश्‍वसनीयता दर उत्‍कृष्‍ट है। सितम्ब र , 2012 तक पीएसएलवी की21 निरंतर सफल उड़ानें रहीं। विभिन्‍न संरूपणों के साथ पीएसएलवी ने एकल प्रमोचन में अपने अनेक नीतभार, बहु-मिशन क्षमता और भूतुल्‍यकाली प्रमोचन क्षमता सिद्ध की है। अभी हाल ही के चन्‍द्रयान मिशन में, पीएसएलवी के अन्‍य संस्‍करण स्‍ट्रैप-ऑन मोटर के विस्‍तारित संस्‍करण पीएसओएम-एक्सएल सहित, 620 कि.मी. एसएसपीओ में नीतभार परिवहन में 1750 कि.ग्रा. तक वृद्धि की गई। सही तौर पर पीएसएलवी ने इसरो के प्रमोचन यान के रूप में लंबी रेस के घोड़े की स्थिति प्राप्‍त की है।
पीएसएलवी के विशिष्ट प्राचल
 उत्थापन भार 295 टन
 नीतभार 620 कि.मी. ध्रुवीय कक्षा में 1600 कि.ग्रा. भू-तुल्यकाली अंतरण कक्षा (जीटीओ) में 1060 कि.ग्रा.
 ऊँचाई 44 मीटर
 
पीएसएलवी की उपलब्धियाँ
पीएसएलवी-सी21 सितम्ब र 09, 2012 को स्पॉ ट-6 एवं प्रोइटेरस का प्रमोचन किया (सफलतापूर्वक)
पीएसएलवी-सी19 ने अप्रैल 26, 2012 को रिसैट-1 का प्रमोचन किया (सफलतापूर्वक)
पीएसएलवी-सी18 ने अक्तूबर 12, 2011 को मेघा-ट्रॉपिक्स,जुगुनू, एसआरएमसैट और वेसेलसैट-1 का प्रमोचन किया (सफलतापूर्वक)
पीएसएलवी-सी17 ने जुलाई 15, 2011 को जीसैट-12 का प्रमोचन किया (सफलतापूर्वक)
पीएसएलवी-सी16 ने अप्रैल 20, 2011 को रिसोर्ससैट-2, यूथसैट तथा एक्स-सैट का प्रमोचन किया (सफलतापूर्वक)
पीएसएलवी-सी15 ने 12 जुलाई, 2010 को कार्टोसैट-2बी, एलसैट-2ए, एनएलएस 6.1 तथा 6.2 और स्टुडसैट प्रमोचित किए (सफल)
पीएसएलवी-सी14 ने 23 सितंबर, 2009 को ओशनसैट-2 और छह नानो उपग्रह प्रमोचित किए (सफल)
पीएसएलवी-सी12 ने 20 अप्रैल, 2009 को रिसैट-2 और अनुसैट प्रमोचित किए (सफल)
पीएसएलवी-सी11 ने 22 अक्तूबर, 2008 को चंद्रायन-1 प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी9 ने 28 अप्रैल, 2008 को कार्टोसैट-2ए, आईएमएस-1 तथा आठ नानो-उपग्रह प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी10 ने 23 जनवरी, 2008 को टेकसार प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी8 ने 23 अप्रैल, 2007 को एजाइल प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी7 ने 10 जनवरी, 2007 को कार्टोसैट-2, एसआरई-1, लापान-टबसैट और पिहुएनसैट-1 प्रमोचित किए (सफल)
पीएसएलवी-सी6 ने 5 मई, 2005 को कार्टोसैट-1 तथा हैमसैट प्रमोचित किए (सफल)
पीएसएलवी-सी5 ने 17 अक्तूबर, 2003 को रिसोर्ससैट-1 (आईआरएस-पी6) प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी4 ने 12 सितंबर, 2002 को कल्पना-1 (मेटसैट) प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी3 ने 22 अक्तूबर, 2001 को टीईएस प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी2 ने 26 मई, 1999 को ओशनसैट (आईआरएस-पी4), किटसैट-3 और डीएलआर-टबसैट को प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-सी1 ने 29 सितंबर, 1997 को आईआरएस-1डी प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-डी3 ने 21 मार्च, 1996 को आईआरएस-पी3 प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-डी2 ने 15 अक्तूबर, 1994 को आईआरएस-पी2 प्रमोचित किया (सफल)
पीएसएलवी-डी1 ने 20, सितंबर, 1993 को आईआरएस-1ई प्रमोचित किया (असफल)
कॉपीराइट 2008 इसरो, सर्वाधिकार सुरक्षित.
 
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