गुरुवार, 24 अप्रैल 2014
 
 
मुखपृष्ठ >> अक्सर पूछे गए प्रश्न
 
 
किसेभारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का"संस्थापक पिता" माना जाता है?
इसरो का गठन कब हुआ?
अंतरिक्ष विभाग का गठन कब किया गया?
इसरो का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
इन उद्देश्यों की पूर्ति कैसे की जाती है?
उपग्रह कहाँ बनाए जाते हैं?
राकेट/प्रमोचन यान कहाँ बनाए जाते हैं?
राकेटों का प्रमोचन कहाँ से किया जाता है?
किस प्रकार उपग्रह आँकड़ों का आदेश दिया जा सकता है?
भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रारंभ कहाँ हुआ?
राकेट प्रमोचन केंद्र के रूप में थुम्बा का चुनाव क्यों किया गया?
परिज्ञापीराकेट क्या है?
भारतीय परिज्ञापीराकेटों पर अक्षर 'RH' और अंक क्या सूचित करते हैं?
पहला राकेट कब प्रमोचित किया गया?
यह राकेटकौन-सा था ?
भारत ने स्वयं अपना राकेट कब से बनाना शुरू किया?
इसरो के कितने केंद्र हैं?
ये केंद्र कहाँ पर स्थित हैं?
इन केंद्रों के प्रमुख कार्य क्या हैं?
भारत का पहला प्रमोचन यान कौन-सा है?
इसका प्रमोचन कब हुआ?
भारत द्वारा विकसित अन्य प्रमोचन यान कौन से हैं?
उपग्रहों का वर्गीकरण मौटे तौर पर कैसे किया जाता है?
संचार उपग्रह क्या है?
सुदूर संवेदन उपग्रह क्या है?
एनएनआरएमएस क्या है?
कौन-सा उपग्रह पहला भारतीय उपग्रह है?
इसका प्रमोचन किस स्थान से किया गया?
भारतीय भूमि से भारत द्वारा प्रमोचित भारी उपग्रह कौन-सा है?
भारतीय भूमि से भारत द्वारा प्रमोचित भारी उपग्रह कौन-सा है?
अब तक प्रमोचन यानों के कितने प्रमोचन संपन्न हुए हैं?
भारत द्वारा कितने उपग्रह प्रमोचित किए गए?
भारत का पहला प्रचालनात्मक प्रमोचन यान कौन-सा है?
चंद्रयान-1 क्या है?
चंद्रयान-1 को कब और कहाँ से प्रमोचित किया गया?
चंद्रयान-1 का जीवन काल कितना है?
चंद्रयान के वैज्ञानिक उद्देश्य क्या हैं?
चंद्रयान-1 पर कौन से वैज्ञानिक उपकरण मौजूद हैं?
चंद्रमा का तापमान कितना है?
क्या चंद्रमा पर कोई जीवन मौजूद है?
हम चंद्रमा का केवल एक पहलू ही क्यों देख पाते हैं?
चंद्रयान-1 मिशन को साकार करने का कुल बजट कितना है?
एंट्रिक्स क्या है?
इसरो का पूरा नाम क्या है?
इसरो का पूरा नाम है भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन।
किसेभारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का"संस्थापक पिता" माना जाता है?
डॉ.विक्रम ए. साराभाई को भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों का संस्थापक पिता माना जाता है।
इसरो का गठन कब हुआ?
इसरो का गठन 15 अगस्त, 1969 को हुआ।
अंतरिक्ष विभाग का गठन कब किया गया?
अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) और अंतरिक्ष आयोग की स्थापना 1972 में की गई। 1 जून, 1972 को इसरो अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के अधीन लाया गया।
इसरो का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
इसरो का प्रमुख उद्देश्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास तथा विभिन्न राष्ट्रीय आवश्यकताओं के लिए उनका उपयोग है।
इन उद्देश्यों की पूर्ति कैसे की जाती है?
इसरो ने दो प्रमुख अंतरिक्ष प्रणालियों की स्थापना की है, संचार, दूरदर्शन प्रसारण तथा मौसम-विज्ञान सेवाओं के लिए इन्सैट, और संसाधन मॉनिटरन और प्रबंधन के लिए भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह (आईआरएस) प्रणाली। इसरो ने अभीष्ट कक्ष में इन्सैट और आईआरएस की स्थापना के लिए दो उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी और जीएसएलवी विकसित किए हैं।
उपग्रह कहाँ बनाए जाते हैं?
उपग्रह, इसरो उपग्रह केंद्र (आईजैक) में बनाए जाते हैं।
राकेट/प्रमोचन यान कहाँ बनाए जाते हैं?
राकेट/ प्रमोचन यान विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), तिरुवनंतपुरम में बनाए जाते हैं।
राकेटों का प्रमोचन कहाँ से किया जाता है?
इसरो की प्रमोचन सुविधा एसडीएससी शार में स्थित है, जहाँ से प्रमोचन यानों और परिज्ञापीराकेटों का प्रमोचन किया जाता है। तिरुवनंतपुरम में टर्ल्स से भी परिज्ञापीराकेटों का प्रमोचन किया जाता है।
किस प्रकार उपग्रह आँकड़ों का आदेश दिया जा सकता है?
आप राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), हैदराबाद से आँकड़े प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.nrsc.gov.in देखें।
भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रारंभ कहाँ हुआ?
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रारंभ तिरुवनंतपुरम के निकट थुम्बाभूमध्यरेखीयराकेट प्रमोचन केंद्र (टर्ल्स) में हुआ।
राकेट प्रमोचन केंद्र के रूप में थुम्बा का चुनाव क्यों किया गया?
पृथ्वी की भू-चुंबकीय भूमध्यरेखा थुम्बा के ऊपर से गुज़रती है।
परिज्ञापीराकेट क्या है?
परिज्ञापीराकेट एक ऐसा राकेट है, जो ऊपरी वायुमंडल के भौतिक प्राचलों के मूल्यांकन के लिए अभिप्रेत है।
भारतीय परिज्ञापीराकेटों पर अक्षर 'RH' और अंक क्या सूचित करते हैं?
RHपरिज्ञापीराकेट'रोहिणी' का द्योतक है और अंक राकेट के व्यास को सूचित करते हैं।
पहला राकेट कब प्रमोचित किया गया? यह राकेटकौन-सा था ?
पहला रॉकेट, नैकी-अपाची, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से प्राप्त किया गया था, जिसे 21 नवंबर, 1963 को प्रमोचित किया गया।
भारत ने स्वयं अपना राकेट कब से बनाना शुरू किया?
भारत का पहला स्वदेशी परिज्ञापीराकेट, आरएच-75, 20 नवंबर, 1967 में प्रमोचित किया गया।
वीएसएससी का विस्तार क्या है और यह कब गठित हुआ?
अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र (एसएसटीसी) का पुनर्नामकरणडॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में, जिनका 30 दिसंबर, 1971 को असामयिक निधन हुआ था, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के रूप में किया गया।
इसरो के कितने केंद्र हैं?
देश भर में छह प्रमुख केंद्र और कई अन्य इकाइयाँ, एजेंसी, सुविधाएँ और प्रयोगशालाएँ फैली हुई हैं।
ये केंद्र कहाँ पर स्थित हैं?
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) तिरुवनंतपुरम में;इसरो उपग्रह केंद्र (आईएसएसी) बेंगलूर में;सतीशधवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-शार) श्रीहरिकोटा में; द्रव नोदन प्रणाली केंद्र (एलपीएससी) तिरुवनंतपुरम, बेंगलूर और महेंद्रगिरी में, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक), अहमदाबाद में और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), हैदराबाद में स्थित हैं।
इन केंद्रों के प्रमुख कार्य क्या हैं?
वीएसएससी, तिरुवनंतपुरम में प्रमोचन यान का निर्माण किया जाता है;आइजैक, बेंगलूर में उपग्रहों को अभिकल्पित और विकसित किया जाता है;एसडीएससी, श्रीहरिकोटा में उपग्रहों और प्रमोचन यानों का एकीकरण और प्रमोचन किया जाता है;एलपीएससी में निम्नतापीय चरण सहित द्रव चरणों का विकास किया जाता है, सैक, अहमदाबाद में संचार और सुदूर संवेदन उपग्रहों के लिए संवेदक तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग पहलुओं का कार्य एवं एनआरएससी, हैदराबाद द्वारा सुदूर संवेदन आँकड़ा अभिग्रहण प्रक्रमण और प्रसार कार्य सँभाला जाता है।
भारत का पहला प्रमोचन यान कौन-सा है?
उपग्रह प्रमोचन यान-3 (एसएलवी-3) भारत का पहला प्रमोचन यान है।
इसका प्रमोचन कब हुआ?
एसएलवी-3 का प्रथम सफल प्रमोचन एसडीएससी, शार से 18 जुलाई, 1980 को संपन्न हुआ।
भारत द्वारा विकसित अन्य प्रमोचन यान कौन से हैं?
एसएलवी-3 के अलावा, भारत ने संवर्धित उपग्रह प्रमोचन यान (एएसएलवी), ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पीएसएलवी) और भू-तुल्यकाली उपग्रह प्रमोचन यान (जीएसएलवी) का विकास किया।
उपग्रहों का वर्गीकरण मौटे तौर पर कैसे किया जाता है?
उपग्रहों को मोटे तौर पर दो वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है, यथा संचार उपग्रह और सुदूर संवेदन उपग्रह।
संचार उपग्रह क्या है?
संचार उपग्रह आम तौर पर संचार, दूरदर्शन प्रसारण, मौसम-विज्ञान, आपता चेतावनी आदि की ज़रूरतों को पूरा करते हुए भू-तुल्यकाली कक्षा में परिचालित होते हैं।
सुदूर संवेदन उपग्रह क्या है?
सुदूर संवेदन उपग्रह प्राकृतिक संसाधन मॉनिटरन और प्रबंधन के लिए अभिप्रेत है और यह सूर्य-तुल्यकाली ध्रुवीय कक्षा (एसएसपीओ) से परिचालित होता है।
एनएनआरएमएस क्या है?
एनएनआरएमएस राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रणाली के लिए परिवर्णी शब्द है। एनएनआरएमएस एकीकृत संसाधन प्रबंधन प्रणाली है जिसका लक्ष्य परंपरागत प्रौद्योगिकी के
कौन-सा उपग्रह पहला भारतीय उपग्रह है?
आर्यभट्ट पहला भारतीय उपग्रह है।
इसका प्रमोचन किस स्थान से किया गया?
इसका प्रमोचन 19 अप्रैल, 1975 को पूर्व सोवियत संघ से किया गया।
भारतीय भूमि से भारत द्वारा प्रमोचित भारी उपग्रह कौन-सा है?
1950 कि.ग्रा. भारयुक्त और जीएसएलवी-एफ़01 द्वारा 20 सितंबर, 2004 को प्रमोचित एडुसैट-1 भारत से प्रमोचित सबसे भारी उपग्रह है।
अब तक प्रमोचन यानों के कितने प्रमोचन संपन्न हुए हैं?
मई 2012 तक 32 प्रमोचन यान मिशन संपन्न हुए हैं
भारत द्वारा कितने उपग्रह प्रमोचित किए गए?
अब तक (मई 2012) 66 + 36 (विदेशी) उपग्रह कक्षा में स्थापित किए गए।
भारत का पहला प्रचालनात्मक प्रमोचन यान कौन-सा है?
पीएसएलवी भारत का पहला प्रचालनात्मक प्रमोचन यान है। अब तक इसके तीन विकासात्मक उड़ानें और आठ प्रचालनात्मक उड़ानें संपन्न हुई हैं।
चंद्रयान-1 क्या है?
चंद्रयान-1 अंतरिक्ष-यान द्वारा-चंद्रमा की-वैज्ञानिक गवेषणा है। भारतीय भाषाओं (संस्कृत और हिन्दी) में- चंद्रयान का तात्पर्य है “चंद्र-चंद्रमा, यान-वाहन”-चंद्रमा अंतरिक्ष-यान। चंद्रयान-1 प्रथम भारतीय ग्रहीय विज्ञान और अन्वेषण मिशन है।
चंद्रयान-1 को कब और कहाँ से प्रमोचित किया गया?
चंद्रयान-1 को श्रीहरिकोटा (शार), भारत में स्थित सतीशधवन अंतरिक्ष केंद्र से 22 अक्तूबर, 2008 को प्रमोचित किया गया।
चंद्रयान-1 का जीवन काल कितना है?
दो वर्ष
चंद्रयान के वैज्ञानिक उद्देश्य क्या हैं?
चंद्रयान-1 मिशन का उद्देश्य दृश्य, लगभग अवरक्त, न्यून ऊर्जा एक्स-किरण और उच्च ऊर्जा एक्स-किरण क्षेत्रों में चंद्रमा सतह का उच्च विभेदन सुदूर संवेदन है। विशिष्ट वैज्ञानिक लक्ष्य हैं:
 
चंद्रमा के निकटस्थ और दूरस्थ (5-10 मी. उच्च स्थानिक और तुंगता विभेदन सहित) दोनों ओर का तीन-आयामी एटलस तैयार करना।
मैग्नीशियम, एल्यूमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम, आइरन तथा टाइटानियम जैसे खनिज और रासायनिक तत्व और साथ ही, उच्च परमाणु संख्या वाले रेडॉन, यूरेनियम और थोरियम जैसे उच्च स्थानिक विभेदन वाले तत्वों का चंद्रमा की संपूर्ण सतह पर वितरण का रासायनिक और खनिजीयमानचित्रण संचालित करना।
समकालिक फ़ोटो भूवैज्ञानिक और रासायनिक मानचित्रण द्वारा, हम भिन्न भूवैज्ञानिक इकाइयों की पहचान करने में सक्षम होंगे, जो चंद्रमा के मूल और प्रारंभिक विकासवादी इतिहास के लिए परिकल्पना का परीक्षण करेगा और चंद्रमा की परत की प्रकृति निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
चंद्रयान-1 पर कौन से वैज्ञानिक उपकरण मौजूद हैं?
अंतरिक्षयान चंद्रयान-1 पर ग्यारह वैज्ञानिक उपकरण मौजूद हैं। इनमें से पाँच भारतीय और अन्य छह ईएसए(3), नासा (2) और बल्गेरियाई विज्ञान अकादमी (1) का है जिनका चयन इसरो के अवसर की घोषणा (एओ) के माध्यम से किया गया। दो ईएसए उपकरणों में भारतीय सहयोग शामिल है।
चंद्रमा का तापमान कितना है?
चंद्रमा पर तापमान चरम सीमाओं पर पहुँच जाता है – सूरज की रोशनी पाने वाला चंद्रमा का पहलू लगभग 130 ºसें तक झुलसाने जितना गरम हो जाता है, और रात में -180 ºसें. पर अत्यधिक ठंडा हो जाता है।
क्या चंद्रमा पर कोई जीवन मौजूद है?
अब तक के किसी भी चंद्रमा मिशन में चंद्रमा पर जीवन के अस्तित्व के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
हम चंद्रमा का केवल एक पहलू ही क्यों देख पाते हैं?
परिक्रमा करते हुए चंद्रमा पृथ्वी को हमेशा अपना एकसमान पहलू ही दर्शाता है। यह इसलिए कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण ने चंद्रमा के नियमित आवर्तन की गति कम कर दी है ताकि उसका पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा समय से मेल खाए। अतः चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर घूमने में उतना ही समय लेता है जितना कि वह अपने अक्ष पर घूमने में लेता है।
चंद्रयान-1 मिशन को साकार करने का कुल बजट कितना है?
प्रस्तावित भारतीय चंद्रमा मिशन चंद्रयान-1 को साकार करने के लिए बजटीय अनुमान 386 करोड़ रुपए (लगभग $76मिलियन) है। इसमें नीतभार विकास के लिए 53 करोड़ रुपए (लगभग $11 मिलियन), अंतरिक्षयान बस के लिए 83.00 करोड़ रुपए (लगभग $17 मिलियन), गहन अंतरिक्ष नेटवर्क की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपए (($20 मिलियन), पीएसएलवीप्रमोचन यान के लिए 100 करोड़ रुपए (($20 मिलियन) और वैज्ञानिक डेटा केंद्र के लिए 50 करोड़ रुपए ($10 मिलियन), बाह्य नेटवर्क समर्थन और कार्यक्रम प्रबंधन व्यय शामिल हैं।
एंट्रिक्स क्या है?
एंट्रिक्सइसरो का वाणिज्यिक खंड है, जोकिविश्व को उत्पाद और सेवा, दोनों भारतीय अंतरिक्ष क्षमताओं के विपणन के लिए एकल विंडो एजेंसी है।
 
कॉपीराइट 2008 इसरो, सर्वाधिकार सुरक्षित.
 
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