बुधवार, 22 अक्तूबर 2014
 
 
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इसरो का आपदा प्रबंधन सहायता (डीएमएस) कार्यक्रम, देश में विपत्तियों के कुशल प्रबंधन के प्रति, हवाई-अंतरिक्ष प्रणालियों से, दोनों प्रतिबिम्बन और संचार को सामयिक सहायताता और सेवा प्रदान करती है। डीएमएस कार्यक्रम बाढ़, चक्रवात, सूखा, दावाग्नि, भू-स्खलन और भूकंप जैसे विपत्तियों में समाधान प्रस्तुत करती है। इनमें शामिल है जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए सुगम डिजिटल डेटा बेस तैयार करना, नुकसान का आकलन आदि, उपग्रह और हवाई डेटा का उपयोग करते हुए प्रमुख प्राकृतिक विपदाओं का मॉनिटरन, निर्णय सहायता के ले समुचित तकनीक और साधनों का विकास, उपग्रह आधारित विश्वसनीय संचार नेटवर्क स्थापित करना, आपातकालीन संचार उपकरणों की तैनाती और विपत्तियों की शीघ्र चेतावनी के प्रति अनुसंधान और विकास।


वास्तविक समय में, देश के लिए विपत्ति के पूरे चक्र के सहायतातार्थ/आपातकालीन प्रबंधन के लिए, आपातकालीन प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीईएम), जीआईएस आधारित डेटा के भंडार के माध्यम से डेटाबेस निर्माण का समाधान किया जाता है। एनडीईएम में कोर डेटा, जोखिम-विशिष्ट डेटा, और स्थानिक और साथ ही, अस्थानिक गतिक डेटा परिकल्पित है।

देश के बाढ़-पीड़ित नदी की घाटियों के लिए हवाई एएलटीएम-डीसी डेटा अभिग्रहण कार्यान्वित किया जा रहा है। सी बैंड डीएमएसएआर के उड़ान मॉडल का विकास समाप्त होने जा रहा है। डीएमएसएआर के विकास मॉडल का उपयोग करते हुए चयनित घाटियों पर एसएआर डेटा का अभिग्रहण किया गया। आपदा प्रबंधन गतिविधियों के लिए आपातकालीन संचार उपलब्ध कराने के प्रति, गृह मंत्रालय (एमएचए) के आदेश पर, इसरो ने गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय नियंत्रण कक्ष को एनआरएससी के डीएमएस-डीएससी, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एजेंसियों, दिल्ली के प्रमुख सरकारी कार्यालयों और 22 बहु-संकट पीड़ित राज्यों के नियंत्रण कक्षों के साथ जोड़ते हुए उपग्रह आधारित आभासी निजी नेटवर्क (वीपीएन) को स्थापित किया है। इसके अलावा इसरो ने इन्सैट टाइप-डी टर्मिनल (सुवाह्य उपग्रह फ़ोन), मछुआरों के लिए इन्सैट आधारित ख़तरे की चेतावनी देने वाला प्रेषित्र (डीएटी), चक्रवात चेतावनी प्रसार प्रणाली (सीडब्ल्यूसीएस) और आपदा गुस्त क्षेत्रों में डीटीएच आधारित डिजिटल विपत्ति सूचना प्रणाली (डीडीडब्ल्यूएस) को विकसित और स्थापित किया है।


सुदूर संवेदक अनुप्रयोगों के लिए डीएमएस को अनुसंधान और विकास समर्थन के भाग के रूप में, ऊष्णकटिबंधीय चक्रवात तीव्रता अनुरेखन और भू-स्खलन पूर्वानुमान, भूकंप अग्रगामी अध्ययन, तटवर्ती भेद्यता मानचित्रण और भू-स्खलन की पूर्व चेतावनी पर कार्य कार्यान्वित किए जा रहे हैं।

डीएमएस कार्यक्रम डेटा और सूचना को बाँटते हुए कई अंतर्राष्ट्रीय पहल को भी समर्थन दे रहा है। अंतर्राष्ट्रीय घोषणा-पत्र “अंतरिक्ष और प्रमुख आपदाएँ” और एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र में आपदा प्रबंधन गतिविधियों के समर्थन के लिए सेन्टिनल एशिया (एसए) की पहल के माध्यम से, इसरो प्रमुख आपदाओं के दौरान उपयोगार्थ आईआरएस डेटासेट और अन्य सूचना उपलब्ध करा रहा है।

 
 
 
 
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