गुरुवार, 31 जुलाई 2014
 
 
 
  जून 30, 2012
एस.के. शिवकुमार ने इसरो उपग्रह केन्द्र,बेंगलुरु के निदेशक का पद संभाला

S K Shivakumar श्री एस.के. शिवकुमार, अतिविशिष्ठ वैज्ञानिक और सह निदेशक, इसरो उपग्रह केन्द्र (आईजेक), ने निदेशक कार्यालय, इसरो उपग्रह केन्द्र का पदभार आज (जून 30, 2012) ग्रहण किया। पदेन निदेशक डॉ टी.के.अलेक्स से उन्होने पदभार लिया। बेंगलुरु स्थित इसरो उपग्रह केन्द्र उपग्रह निमार्ण उसकी संकल्पना, डिजाइन, विकास, संविरचना, जाँच, प्रमोचन तथा उपग्रह के कक्षीय प्रबंध में अग्रणी केन्द्र है।

श्री एस.के.शिवकुमार ने सन् 1976 में श्री हरिकोटा स्थित इसरो के इसरो दूरमिति, अनुवर्तन तथा आदेश नेटवर्क(इस्ट्रैक) से अपने कार्यकाल की शुरुआत की, तदनंतर, इसरो उपग्रह केन्द्र में दो दशक (1978-1998) तक सेवा की। इस दौरान इन्होंने कई भारतीय उपग्रह मिशन जैसा कि भास्कर, एप्पेल, आई.आर.एस और इन्सैट शामिल है, मिशन योजना, विश्लेषण और प्रचालन कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन्होने आई.आर.एस.-1बी और आई.आर.एस.1-सी उपग्रहों के मिशन निदेशक के रुप में कार्य किया इन उपग्रहों ने कक्षा में दशकों सफलतापूर्वक प्रचालन कार्य पूरा किया।

श्री एस.के.शिवकुमार, सितम्बर 1998 से नवम्बर 2010 तक इसरो दूरमिति, अनुवर्तन तथा आदेश नेटवर्क(इस्ट्रैक) के निदेशक रहे जो कक्षा में भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रहों के विस्तृत समूह का रखरखाव कार्य करता है और विश्व व्यापी भू केन्द्रों के नेटवर्क के साथ उपग्रह प्रमोचन वाहक मिशनों के लिए समर्थन देता है।

श्री एस.के शिवकुमार, बेंगलुरु के निकट ब्यालालु में भारत का स्वदेशी निर्मित 32 मिटर (100 फूट) चौडे प्रथम गहन अन्तरिक्ष नेटवर्क ऐन्टेना के परियोजना निदेशक भी रहे। इस ऐन्टेना को चन्द्रयान-1, भारत के प्रथम चन्द्र मिशन के साथ संपर्क साधने में उपयोग किया गया और इसे भविष्य के गहन अन्तरिक्ष मिशनों में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा इन्होने ब्यालालु में स्थापित भारतीय विज्ञान आंकडा केन्द्र सहित चन्द्रयान-1 मिशन संबंधी संपूर्ण भू-खण्ड को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

इसरो उपग्रह केन्द्र के सह निदेशक के रुप में श्री एस.के. शिवकुमार ने कई संचार, सुदूर संवेदी, नौसंचालन और वैज्ञानिक उपग्रहों के डिजाइन तैयार करने और उसे प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

श्री एस.के.शिवकुमार का शैक्षिक कार्यकाल अतिविशिष्ठ रहा। इन्होने मैसूर से विज्ञान क्षेत्र में स्नातक और विद्यत संचार अभियांत्रिकी में बी.ई स्नातक और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से भौतिक इंजीनियरिंग में एम.टेक डिग्री हासिल की।

श्री एस.के. शिवकुमार ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समितियों, सलाहकार समितियों और सम्मेलनों जैसा कि वियन्ना में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मंडल के बाह्य आकाश का शांतिपूर्ण उपयोग समिति, अंतर-प्रचालनीय ग्रहीय और अंतर-अभिकरण प्रचालन सलाहकार ग्रूप में इसरो का प्रतिनिधित्व किया।

श्री एस.के.शिवकुमार को कई सम्मान और पुरस्कार जैसे कि भारतीय सुदूर संवेदन संघ का भारतीय राष्ट्रीय सुदूर संवेदन पुरस्कार, भारतीय अन्तरिक्षयानिकी सोसाइटी के अन्तरिक्ष प्रणाली प्रबंधन का उत्कृष्ठ पुरस्कार और भू-प्रणाली स्थापना में उनके उत्कृष्ठ योगदान के लिए इसरो अर्हता पुरस्कार मिला है। उन्होंने भारतीय वैमानिकी संघ से चन्द्रयान-1 मिशन के उत्कृष्ठ योगदान के लिए राष्ट्रीय वैमानिकीय पुरस्कार-2008 प्राप्त किया है और उन्हें उपग्रह आधारित दूर चिकित्सा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए उत्कृष्ठ टीम पुरस्कार से नवाजा गया है।

श्री एस.के.शिवकुमार अंतर्राष्ट्रीय वैमानकीय अकादमी (आई.ए.ए) के चयनित सदस्य है। इन्हे पी.एस.एल.वी-सी7/कार्टोसैट-2/भारत के अन्तरिक्ष कैप्सूल वापसी परीक्षण हेतु दूरमिति, अनुवर्तन तथा दूरादेश समर्थन के क्षेत्र में अनुपम भूमिका के लिए " टीम उपलब्धि के लारेल्स " से सम्मानित किया।

श्री एस.के.शिवकुमार को वैज्ञानिक क्षेत्र उत्कृष्ठ योगदान के लिए " कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार-2008 " से नवाजा गया है और उन्हें मैसूर विश्वविद्यालय से 92 वार्षिक दीक्षांत समारोह में डॉक्टोरेट उपाधि से सम्मानित किया है।

उच्च क्षमतायुक्त अन्तरिक्ष प्रणाली, अन्तरिक्ष प्रणाली में स्वायत्तता और विस्तृत ऐन्टेना प्रणाली इनके वर्तमान अनुसंधान कार्यक्रम हैं।

कॉपीराइट 2008 इसरो, सर्वाधिकार सुरक्षित.
 
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