कर्नाटक में हासन स्थित इसरो मुख्य नियंत्रण सुविधा से इस उपग्रह को आदेशित करते हुए जीसैट-8 का प्रथम क्रांतिक कक्षा-संवर्धन युक्तिचालन, जीसैट-8 पर स्थित 440 न्यूटन द्रव अपभू मोटर (एलएएम) के ज्वालन के साथ आज सुबह (मई 22, 2011) 03:58 बजे (भारतीय मानक समय पर) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस क्रांतिक युक्तिचालन से पूर्व एलएएम प्रचालन के शुरू होने से पहले इस उपग्रह का उचित रूप से अभिविन्यास किया गया। इस एलएएम प्रचालन के साथ, जीसैट-8 उपभू को 15,786 कि.मी तक बढा दिया गया है। अपभू 35,768 कि.मी पर है और भूमध्यरेखीय समतल के संदर्भ में कक्षा की आनति को कक्षा में प्रवेश करने के समय 2.5 डिग्री से अब 0.5 डिग्री तक घटा दिया गया है। वर्तमान कक्षीय अवधि 15 घण्टे और 56 मिनट है।
यह स्मरण रहे कि जीसैट-8 को कल (मई 21, 2011) कौरू, फ्रेंच गियाना से एरियाने 5 प्रमोचक राकेट द्वारा सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। प्रमोचक राकेट ने जीसैट-8 को 258 किमी की अपभू (पृथ्वी से निकटतम बिंदु) और 35,861 कि .मी की उपभू (पृथ्वी से दूरस्थ बिंदु) वाली निर्धारित भूतुल्यकाली अन्तरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित किया।
उपग्रह पर सभी प्रणालियाँ सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।